Shree Jain Swetambar Terapanthi Sabha - Gangashahar

Shree Jain Swetambar Terapanthi Sabha - Gangashahar श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा का उपक्रम तेरापंथी सभा, गंगाशाहर

तेरापंथ समाज की पुरे भारत में श्रेष्ठ सभा का ख़िताब पाने वाली गंगाशहर तेरापंथी सभा के वर्तमान अध्यक्ष नवरतन  बोथरा व पूर्...
21/03/2026

तेरापंथ समाज की पुरे भारत में श्रेष्ठ सभा का ख़िताब पाने वाली गंगाशहर तेरापंथी सभा के वर्तमान अध्यक्ष नवरतन बोथरा व पूर्व अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ व अमरचंद सोनी के नेतृत्व में 14 लोगों ने पैदल यात्रा की। सेवा केन्द्र शांतिनिकेतन में अपना सफलतम कार्यकाल सम्पन्न कर लाडनूं पहुंची आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी एवं साध्वी श्री लब्धियशा जी ठाणा 14 के साथ गुरुदर्शन करके लाभान्वित हुयी।
आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अत्यन्त कृपा करते हुए जैन लूणकरण छाजेड़ व अध्यक्ष नवरतन बोथरा को निकट बुलाकर गंगाशहर पधारने की अर्ज को बहुत ही ध्यान व गंभीरता से सूना। सभी उपस्थित श्रावक समाज व सभा के कार्यकर्ता जिनमे अमरचन्द सोनी , कमल भंसाली , मदनलाल बोथरा , हनुमानमल सेठिया , अशोक चौरड़िया , जयचन्द लाल भूरा , सतीश चोपड़ा , मोतीलाल नाहटा , बच्छराज भूरा , बजरंग बोथरा ,विनीत बोथरा , दिपंकर छाजेड़ , किरण देवी आंचलिया , विमलादेवी भूरा , श्रीमती सतीश चोपड़ा आदि व सेवार्थी श्राविकाएं व श्रावक प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

दिनांक 20/03/26 को साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी व साध्वी श्री लब्धियशा ने आचार्य श्री महाश्रमण जी के लाड़नू में दर्शन किये। इस अवसर पर तेरापंथी सभा गंगाशहर के कार्यकर्ताओ ने भी ने आचार्य प्रवर के दर्शन सेवा का लाभ लिया। महासभा संरक्षक जैन लूणकरण छाजेड़ व सभा अध्यक्ष नवरतन बोथरा ने गुरूदेव से गंगाशहर पधारने का निवेदन किया। मुख्य मुनि , साध्वी प्रमुखा श्री ,साधिवार्य जी , कमल मुनि , सुमति मुनि , राजकुमार जी , विश्रुत मुनि , रजनीश मुनि , सहित अनेक चरित्रात्माओं के दर्शन - सेवा का लाभ लिया।

मार्ग पैदल सेवा व गुरुकृपा के चुनिंदा फोटो।

*संथारा सम्पन्न*गंगाशहर निवासी संथारा साधिका सुश्राविका श्रीमती तारादेवी धर्मपत्नी श्री विजय कुमार जी बैद (उग्रविहारी तप...
29/09/2025

*संथारा सम्पन्न*
गंगाशहर निवासी संथारा साधिका सुश्राविका श्रीमती तारादेवी धर्मपत्नी श्री विजय कुमार जी बैद (उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमार जी स्वामी के संसार पक्षीय छोटे भाई की धर्मपत्नी) का अनशन आज दिनांक 29.9.2025 सोमवार प्रातः 3.38 बजे 54 दिन की संलेखना तपस्या और 23 दिन के तिविहार अनशन में सानंद संपन्न हो गया है ।
14 जुलाई, 2025 को तपस्या की शुरुआत की थी। 54 दिवस की तपस्या के बाद दिनांक 6 सितम्बर, 2025 को उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी स्वामी ने सेवाकेन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी एवं साध्वी श्री लब्धियशा जी तथा श्रावक - श्राविकाओं की उपस्थिति में तिविहार संथारे का प्रत्याख्यान करवाया था। आज 77 दिन के संथारा संलेखना में प्रात: ब्रहम मुहर्त में 3:38 बजे संथारा परिसम्पन्न हो गया।
बैकुंठी यात्रा निज निवास - रतन लाल जी विजय कुमार जी बैद, डागा गली, रोशनी घर के पीछे से प्रात: 9.30 बजे प्रारंभ होकर मैंन बाजार,ल से गांधी चौक महाप्रज्ञ स्तंभ (चोरडिया चौक) होते हुए सुराणा मौहल्ला, अणुव्रत मार्ग से महावीर चौक से तेरापंथ भवन होते हुए मालू गेस्ट हाउस - शांति निकेतन सेवा केंद्र होते हुए पुरानी लेन स्थित ओसवाल मुक्ति धाम जाएगी ।

निवेदन :-
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा
गंगाशहर

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक परम पुज्य आचार्य श्री भिक्षु की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष का भव्य शुभारंभ आज मंगल...
09/07/2025

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक परम पुज्य आचार्य श्री भिक्षु की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष का भव्य शुभारंभ आज मंगलवार, 08 जुलाई 2025, को प्रातः 7:11 बजे से उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी के पावन सान्निध्य में हुआ
इस अवसर पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए मुनिश्री कमल कुमार जी स्वामी ने कहा कि आचार्य भिक्षु के जीवन में तपस्या का तेज था साधना का ओज था। आचार्य भिक्षु ने हमेशा भगवान महावीर को सामने रखकर अपने सभी कार्य को पूर्ण किए। भगवान महावीर और आचार्य भिक्षु में बहुत साम्य था। भगवान महावीर ने भी अनेक कष्टो को सहन किया और आचार्य भिक्षु ने भी अनेक कष्टो को सहन किया। आचार्य भिक्षु के अंतिम चातुर्मास की अर्ज हुकुमचंद जी आच्छा ने की थी। भगवान महावीर को अंतिम चातुर्मास के लिए अर्ज करने वाले श्रावक राजा हस्ती पाल जी थे। आचार्य भिक्षु ने एकांतवाद को महत्व नहीं दिया अनेकांतवाद को महत्व दिया। हमें आचार्य भिक्षु के तत्वों को समझने और जीवन व्यवहार में उतारने की जरूरत है। आचार्य भिक्षु ने एक छोटा सा पौधा लगाया था वह आज वटवृक्ष बन गया है। आज तेरा पंथ धर्म संघ जैन धर्म का पर्याय बन गया है।पुरे विश्व में आचार्य भिक्षु के अनुयायी जैन धर्म का संदेश पहुंचा रहे है।
मुनि श्री ने कहा कि मर्यादा ओर अनुशासन तेरापंथ का प्राण है। जो भी मर्यादा ओर अनुशासन में रहते है वह अपना जीवन सफल बनाते है।
सनातन धर्म में नर से नारायण बनने का मार्ग है ओर जैन धर्म में आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग है।
आचार्य भिक्षु ने कहा कि ज्ञान दर्शन चारित्र ओर तप के सिवाय कोई मुक्ति का मार्ग नही है।
इससे पूर्व मुनि श्री कमल कुमार जी ने बताया कि आचार्य भिक्षु का जन्म वि.स.1783 आषाढ़ शुक्ला त्रयोदशी 1 जुलाई 1726 मंगलवार को कंटालिया राजस्थान में हुआ था।
पिता का नाम शाह बल्लू व माता का नाम दीपा जी था।
कार्यक्रम में मुनि श्री श्रेयांस कुमार जी ने " *भिक्षु की अमर कहानी*।
*पौरूष की अमित निसानी*
" गीतिका का संगान किया।
मंगलाचरण कन्या मंडल कि कन्याओं ने किया।
कार्यक्रम में तेरापंथ न्यास से जैन लूणकरण छाजेड़, श्री जैन श्वैताम्बर तेरापंथी सभा से मंत्री जतन लाल संचेती, आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान से किशन जी बैद, उपासक युवक रत्न राजेन्द्र सेठिया, श्री जतन लाल दूगड़, तेयुप से रोहित बैद, महिला मंडल अध्यक्ष प्रेम बोथरा अणुव्रत समिति के अध्यक्ष करणी दान रांका आदि वक्ताओं ने आचार्य भिक्षु के जीवन वृत पर प्रकाश डाला।
आज उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी ने ॐ भिक्षु जय भिक्षु का सवा लाख जाप सबको व्यक्तिगत करने की प्रेरणा दी।
मुनि श्री की प्रेरणा से
अखंड जाप तेरापंथ भवन में
आज दिनांक 08/07/ प्रात: 4 बजे से शुरू हुआ जो 11/07/ प्रात: 4:00 बजे सम्पन्न होगा।
भिक्षु भजन संध्या का आयोजन आज रात्रि 8:00 बजे से शान्तिनिकेतन में सेवा केन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी व लब्धियशा जी के सान्निध्य में होगी।
भजन संध्या में गंगाशहर के प्रतिष्ठित भजन गायक अपने भजनों से आचार्य भिक्षु के प्रति अपनी स्वरांजली अर्पित करेगे।

प्रेषक :-
जतन लाल संचेती
जैन श्वैताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर

*चातुर्मासिक प्रवेश स्वागत अभिनन्दन समारोह*आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कु...
05/07/2025

*चातुर्मासिक प्रवेश स्वागत अभिनन्दन समारोह*
आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी व मुनिश्री श्रेयांस कुमार जी ठाणा 6, *आज* दिनांक 05 जुलाई , शनिवार ,2025 को प्रातः 7: 31 बजे ,बोथरा भवन, गंगाशहर से विहार करके तेरापंथ भवन, गंगाशहर चातुर्मासिक प्रवेश किया।
इस अवसर पर अपने ओजस्वी प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी ने कहा कि चातुर्मास काल में धर्म आराधना का महत्वपूर्ण समय होता है। वर्षावास काल में जीवों की छमो छम उत्पत्ति होती है। पाप कार्यों से बचने के लिए, जीवों की हिंसा न हो इस दृष्टि से चार माह एक स्थान पर रहकर साधना की जाती है।
मुनि श्री ने कहा कि तेरापंथ के आचार्य श्री महाश्रमण जी युगीन समस्याओं को मिटाने के लिए प्रयास करते रहते है।
आज विवाह के कार्यक्रमों में अनेक नयी बुराईयां जुड़ गई है। मुनि श्री ने कहा कि फुलो की होली बन्द करनी चाहिए। असंख्य जीवों की हिंसा होती है। इससे निकाचित कर्मों का बंधन होता है। सम्कक्तव्य बिगडता है। "हिंसा की होली बन्द करो "। अहिंसा की साधना बढाओ
प्री वेडींग का एक बहुत बड़ी बीमारी जो समाज का विनाश कर सकतीहै।बच्चों को इतना खुल्ला मत छोडो़ जिससे समाज का वातावरण खराब हो दुषित हो। इसे रोको।नही तो समाज का पतन हो जायेगा। युवाओं को आदर्श युवक बनोओ भोगी ओर विलासी नही।
मुनि श्री ने चातुर्मास काल में सामायिक, जप तप स्वाध्याय, ध्यान में अपना ज्यादा से ज्यादा समय लगाने की प्रेरणा प्रदान की।
अर्हत वंदना घर घर में हो, जप ओर उपवास का क्रम नियमित चालू रहना चाहिए।
मुनि श्री ने श्रावक श्राविकाओं से कहा कि गुरूदेव के सान्निध्य में सघन साधना शिविर का आयोजन हो रहा है जिसमें अपने किशोर को अवश्य भेजे।
इस अवसर पर मुनि श्री श्रेयांस कुमार जी ने एक गीतिका के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किये।
मुनि श्री के चातुर्मास प्रवेश एवं प्रवास के लिए स्वागत ओर मंगलकामनओ के क्रम में जैन लूणकरण जी छाजेड़, श्रीअमर चन्द सोनी, जतन लाल संचेती,श्री गणेश मल बोथरा, श्रीआसकरण पारख, श्री धर्मैन्द्र डाकलिया, श्री जतन लाल दूगड़, श्री निर्मल बैद श्री ललित राखेचा, श्री मनोहर लाल दूगड़ , श्री करणी दान रांका, श्री राजेन्द्र बोथरा,
श्रीमती प्रेम बोथरा, श्रीमती किरण देवी छाजेड़, सुश्री गरिमा भंसाली आदि वक्ताओं ने अपनी भावनाऐं प्रस्तुत की।
महिला मंडल व ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने गीतिका के माध्यम से स्वागत एवं शुभकामनाएं व्यक्त की।
सभी संस्थागत कार्यकर्ताओं ने गणवेश में सम्मिलित होकर
रैली की शोभा बढा़ई

प्रेषक :- जतन लाल संचेती
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर

*तेरापंथी सभा कार्यालय का शुभारंभ*आज दिनांक 04/07/2025 को जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर के नये कार्यलय का शुभारंभ ...
04/07/2025

*तेरापंथी सभा कार्यालय का शुभारंभ*
आज दिनांक 04/07/2025 को जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर के नये कार्यलय का शुभारंभ जैन संस्कार विधि से हुआ। पीयूष जी लुणिया, देवेंद्र डागा जी डागा, भरत जी गोलछा, विनीत जी बोथरा, विपिन जी बोथरा ने संस्कारक की भुमिका निभाई। जैन मंत्रो के उच्चारणों से एवं भजनों, ओर भगवान महावीर व पार्श्वनाथ भगवान की स्तुति से वातावरण भक्तिमय बन गया।
पीयूष जी लुणिया ने मंगल भावना, आशीर्वचनों का प्रेषण किया। विपिन बोथरा ने जैन संस्कार विधि पर प्रकाश डाला। सभा के मंत्री जतन लाल संचेती ने सभा के तीन भवनों का भुमि पुजन अति शीघ्र जैन संस्कार विधि से हो ऐसी कामना की। जैन लूणकरण छाजेड़ ने सभा के कार्यो की विशालता देखते हुए आफिस को हाईटेक बनाने की प्रेरणा प्रदान की।
निवर्तमान अध्यक्ष श्री अमर चन्द जी सोनी कहाँ कि आज प्रबन्धकीय कौशल का युग है। सीमित साधनों से अधिकतम् कार्य कैसे कर करवा सके यह महत्वपूर्ण है।
सभा के उपाध्यक्ष नवरतन बोथरा ने आभार व्यक्त किया।

मुनि श्री अमृत कुमार जी ठाणा 2 ने आज रासीसर गाँव से विहार करके देशनोक तेरापंथ भवन में चातुर्मास प्रवास के लिए मंगल प्रवे...
04/07/2025

मुनि श्री अमृत कुमार जी ठाणा 2 ने आज रासीसर गाँव से विहार करके देशनोक तेरापंथ भवन में चातुर्मास प्रवास के लिए मंगल प्रवेश किया।
तेरापंथी सभा गंगाशहर के भाई नवरतन जी बोथरा पवन जी छाजेड़, सम्पत जी बाफना, मनोहर जी दूगड़ व जतन लाल संचेती ने मुनि श्री के विहार सेवा का लाभ लिया।
7:30 बजे मुनि श्री अमृत कुमार जी व उपसम मुनि के तेरापंथ भवन देशनोक में प्रवेश करके के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने मंगल पाठ सुनकर गंगाशहर की ओर प्रस्थान किया।

*दो धाराओं का मधुर मिलन*उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी एवं मुनि श्री श्रेयांस कुमार जी खतर गच्छीय मुनि श्री...
01/07/2025

*दो धाराओं का मधुर मिलन*
उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी एवं मुनि श्री श्रेयांस कुमार जी खतर गच्छीय मुनि श्री मेहुल कुमार जी ठाणा 3 का तुलसी विहार के उपासरे में जैन एकता पर मधुर प्रवचन हुआ। कार्यक्रम में मुनि श्री कमल कुमार जी ने अपने उद्‌गार प्रकट करते हुए फरमाया कि वर्तमान युग में जैन एकता की परम आवश्यकता है जैन एकता होने से ही आने वाली पीढ़ी पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। आपसी खींचातानी से किसी का भला होने वाला नहीं है। मुनिश्री ने फरमाया कि आज संतों से मिलकर प्रसन्नता की अनुभूति हुई । अपनी अपनी मर्यादाओं में रहते हुए एक दूसरे के गुणों को देखने का प्रयास करे न कि किसी की कमियों को देखें। मुनि श्री ने तेरापंथ प्रबोध के पद्य का संगान करते हुए‌ कहा कि जैन एकता सौहार्द बढ़ने के बिन्दुओं में प्रथम बिन्दु है। हम एक दूसरे से स्नेह पूर्वक मिलें हमारे आपसी व्यवहार को देखकर श्रावक - श्राविकाऐ भी अपने आप जुड़‌ जाएंगे।
मुनि मेहुल कुमार जी ने अपने उद्‌गार प्रकट करते हुए कहा कि आज प्रथम बार तेरापंथी संतों के साथ लंबी वार्ता करने का काम पड़ा। बहुत कुछ सीखने समझने को मिला। मुनि श्री ने कहा पानी तो एकही कुएँ का है पात्र अलग अलग है परंतु पानी के स्वाद में कोई अंतर नहीं है। हमसब जैन एक है सम्प्रदाय गच्छ अलग अलग भले ही हो। परंतु सबका लक्ष्य एक ही है।
कार्यक्रम में मुनि श्रेयांस कुमार जी ने कविता का संगान कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।प्रातः मुनि श्री का प्रवचन सूरजमलजी दुग्गड़ के निवास स्थान पर हुआ। बोथरा भवन के कार्यक्रम में ग्यारहरंगी का विधिवत शुभारंभ हुआ। अणुव्रत समिति के नव निर्वाचित अध्यक्ष करणीदान रांका का भी वक्तव्य हुआ। मुनिश्री ने फरमाया कि गत कार्यकाल में जो काम हुआ हे उसे और बढ़ाने का प्रयास किया जाये। वर्तमान में अणुव्रत की महत्ता बढ़ती जा रही है यह जैनों के लिए ही नहीं जन जन के लिए उपयोगी है।

*सूचना**तप अनुमोदना - तप अभिनन्दन*आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमार जी स्वा...
22/06/2025

*सूचना*
*तप अनुमोदना - तप अभिनन्दन*

आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमार जी स्वामी के सहवर्ती संत मुनि श्री नमि कुमार जी के आज 23 की तपस्या है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि गंगाशहर पधारने के पश्चात लगभग पांच महीनों में 15 जनवरी से आज 21 जून मुनिश्री नमि कुमार जी ने 39 की तपस्या, 23 की तपस्या और 22 की तपस्या अपने दृढ़ मनोबल एवं उत्कृष्ट तप भावों से पहले ही संपन्न कर ली है और अभी यह 23 दिवस की तपस्या सानंद गतिमान है, प्रवर्धमान है । संभवतया इस बार यह तपस्या 24 दिवस की करने का भाव है ।
इस प्रकार यह 24 दिन की तपस्या होने के बाद 39 की लड़ी में मात्र एक 17 दिवस की तपस्या ही बाकी रहेगी । बाकी सारी पूरी हो जाएगी । यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। भारी मनोबल और हिम्मत से ही यह 39 तक की लड़ी में 17 को छोड़ कर सारी तपस्याएं संपन्न हो चुकी है।

*कल प्रातः प्रवचन में उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी व सभी विराजित चारित्रात्माओं द्वारा मुनि श्री नमि कुमार जी के तप की अनुमोदना की जायेगी*।
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा व गंगाशहर का श्रावक - श्राविका समाज तपस्वी मुनि श्

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहरमुमुक्षु मोहक का अभिनन्दन समारोहगंगाशहर 16 जून 2025। छोटी खाटु निवासी भुवनेश्वर ...
20/06/2025

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर
मुमुक्षु मोहक का अभिनन्दन समारोह
गंगाशहर 16 जून 2025। छोटी खाटु निवासी भुवनेश्वर कटक प्रवासी श्री विवेक विज्ञादेवी बैताला के सुपुत्र मुमुक्षु मोहक बैताला के अभिनन्दन समारोह में उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमार जी स्वामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वैराग्य का आना उच्च क्षयोक्षम के कारण ही संभव है। राग से वितरागता की ओर आगे बढ़ने का मार्ग है दीक्षा । मोहक बहुत विनीत है। अच्छा विचारक है। भौतिकता के इस युग में छोटी वय में जैन भागवत दीक्षा लेना बहुत ही मनोबल व संकल्पशक्ति का परिचायक है। मुनिश्री ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से समाज में अनेक विकृतियां आ रही है। संस्कारों का हनन हो रहा है। जन्म दिवस के कार्यक्रम में केक काटना सिखा रहे हैं जो हमारी संस्कृति के विरुद्ध है। विवाह शादियों में पूल पार्टियों ,फूलों की होली, प्रीवेडिंग आदि अनेक बुराइयां समाज में व्याप्त हो रही है। ये सब व्यक्ति के पतन का कारण है। साधना सिद्धि का द्वार होता है। हर क्रिया में साधना हो ऐसा हमें प्रयास करना चाहिए। प्रत्येक दैनिक क्रिया में जागरूक रहे। सुबह जल्दी जागरण से लेकर रात के सोने तक प्रत्येक क्रिया में जागरूकता रखनी चाहिए। कोई भी कार्य में पाप प्रवृत्ति न हो। बिना देखे मत चलो, बोली में विवेक रखो, भाषा का संयम रखो खाने में उनोदरी करो। जहां विवेक है वही धर्म है। हमारा विवेक जागरण हो। हमें स्वयं की कमियों को देखना चाहिए। दूसरों की कमियों को देखने से अशांति उत्पन्न होती है और स्वयं की कमियों को देखने से शांति मिलती है। समिति गुप्तियों की जागरूकता रखें और उत्थान के पथ पर अग्रेसर बनें।
इस अवसर पर मुनि श्री श्रेयांस कुमार जी ने गीतिका का गान किया। मुनि श्री मुकेश कुमार जी ने साध्वी श्री रोहित प्रभा जी के द्वारा मुमुक्षु मोहक के लिए भेजे गए विचारों का वाचन किया। मुनि श्री विमल विहारी जी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
तेरापंथी सभा गंगाशहर के मंत्री जतनलाल संचेती ने भी मुमुक्षु मोहक के भावी मुनि जीवन के प्रति मंगलकामना व्यक्त की। मुमुक्षु मोहक के पिताजी विवेक जी बैताला ने अपने इकलौते पुत्र के वैराग्य के बारे में बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण जी के भुवनेश्वर (कटक) में प्रवेश जूलूस में प्रथम दर्शन मात्र से वैराग्य के बीज अंकुरित हो गये। तेरापंथी सभा के उपाध्यक्ष श्री नवरतन बोथरा व श्री हनुमान सेठिया तथा तेयुप मंत्री मांगीलाल बोथरा ने साहित्य व पताका पहनाकर मुमुक्षु मोहक बैताला का अभिनन्दन किया।
साध्वी श्री जिनबाला जी ठाणा 4, दिनांक 16 जून 2025 को प्रातः 6रू15 बजे सूरजमल जी बजरंग जी महावीर जी रांका के यहाँ से विहार करके माणक चन्द जी सोनावत, गोलछा मौहल्ला, भीनासर पधारे। तेरापंथी सभा गंगाशहर के संगठन मंत्री शान्तिलाल पुगलिया ने बताया कि गंगाशहर-भीनासर के श्रावक-श्राविकाओं व सभी संस्थागत कार्यकर्ताओं ने मंगल विहार में सम्मिलित होकर दर्शन सेवा का लाभ लिया। साध्वी श्री 27 जून को भीनासर के तेरापंथ भवन में चातुर्मास के लिए प्रवेश करेंगे। मंगलपाठ के साथ साध्वी श्री करूणा प्रभा जी ने बताया कि साध्वी श्री जिनबाला जी का सुबह और शाम भीनासर में नियमित प्रवचन होगा।
प्रेषक
जतन लाल संचेती
मंत्री
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर

गंगाशहर, 4 जून।तेरापंथ सभा गंगाशहर द्वारा आज एक विशेष समारोह में समाजसेवी शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू का अभिनन्दन किय...
06/06/2025

गंगाशहर, 4 जून।तेरापंथ सभा गंगाशहर द्वारा आज एक विशेष समारोह में समाजसेवी शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू का अभिनन्दन किया गया। यह आयोजन उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में बोथरा भवन में सम्पन्न हुआ, जहाँ अग्रवाल अपने निकटतम सहयोगी गोहाटी प्रवासी विनोद डागा के साथ मुनिश्री के प्रवचन का लाभ लेने पहुंचे थे।
मुनिश्री कमल कुमार जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि – “जो व्यक्ति नैतिक होता है, वही जीवन में सच्ची उन्नति करता है। जीवन की असली पूंजी धन नहीं, बल्कि बच्चों को दिए गए संस्कार होते हैं।” उन्होंने देश-विदेश की यात्राओं के प्रेरणादायक संस्मरण सुनाते हुए ओ.पी. जिंदल के नैतिक जीवन और अणुव्रत सिद्धांतों पर आधारित उदाहरण भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा, “शिवरतन अग्रवाल ‘फन्ना बाबू’ ने बीकानेर के नाम को वैश्विक पहचान दिलाई है। वे न केवल बीकानेर की धरोहर हैं, बल्कि तेरापंथ धर्म संघ से उनका गहरा आत्मिक जुड़ाव रहा है।”

स्वयं फन्ना बाबू ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा – “जीवन में धर्म का अत्यंत महत्व है। जो भी नैतिकता व संस्कार मैंने अपने माता-पिता और गुरुजनों से पाए, वे ही आज मेरे जीवन का आधार हैं। तेरापंथ सभा द्वारा किये गए इस स्नेहिल सम्मान के लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।

इससे पूर्व सभा के निवर्तमान अध्यक्ष अमरचंद सोनी, मंत्री जतनलाल संचेती, शांतिलाल पुगलिया, राजेंद्र सामसुखा और जैन लूणकरण छाजेड़ द्वारा फन्ना बाबू और विनोद डागा को प्रतीक चिह्न व साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया।

04/06/2025

सूचना

ज्ञानशाला गंगाशहर के ज्ञानार्थियों के लिए
उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी के पावन सान्निध्य में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

📅 तिथि: शुक्रवार, 06/06/2025 से रविवार, 08/06/2025 तक
🕖 समय: प्रातः 07:15 बजे से 10:05 बजे तक
📍 स्थान: बोथरा भवन, गंगाशहर

नोट: बच्चों को लाने-ले जाने की व्यवस्था अभिभावकों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
9 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बालक बालिकाऐं शिविर में भाग ले सकते है।
ज्ञानशाला की बैग / सामायिक किट अवश्य साथ लावे।

निवेदक:
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर
ज्ञानशाला, गंगाशहर

Address

Shanti Niketan, Sadhvi Seva Kendra, Chopra Gali, Old Line, Gangashahar
Bikaner
334401

Opening Hours

Monday 9am - 1pm
Tuesday 9am - 1pm
Wednesday 9am - 1pm
Thursday 9am - 1pm
Friday 9am - 1pm
Saturday 9am - 1pm
Sunday 9am - 1pm

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