Sangini Gender resource Center

Sangini Gender resource Center Sangini started its journey in the year 2003 with an objective to work on gender equality. this page objective to create invoirment against VAW.

23/05/2026

लड़कियों को हिंसा सहने की आदत नहीं, बल्कि उससे बाहर निकलने की हिम्मत और समझ दी जानी चाहिए। दहेज जैसी पुरानी सोच में गाड़ी की चाबी या भौतिक चीज़ें देने से ज़्यादा जरूरी है कि उन्हें आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का अधिकार दिया जाए।हमारे यहाँ लगभग रोज़ ही ऐसे मामले आते है जहाँ महिलाये अपनी पीड़ा तो बयाँ करती है लेकिन उनसे मुक्ति का कोई रास्ता उन्हें समझ नहीं आता पुलिस कोर्ट अदालत इतना आसान नहीं एक एफ आई करना मतलब और अधिक मुश्किलों का सामना करना सोच वही की घर की बात बाहर क्यों घर टूट जाएगा ।

अगर किसी भी रिश्ते या घर में हिंसा हो, तो उसे सहना समाधान नहीं है—बल्कि सही समय पर कदम उठाकर खुद को सुरक्षित रखना जरूरी है।

“लोग क्या कहेंगे” जैसी सोच अक्सर महिलाओं को चुप करा देती है, लेकिन सच्चाई यह है कि समाज की बातें बदलती रहती हैं, जबकि हिंसा का असर जीवन भर रह सकता है।

घरेलू हिंसा आज भी कई घरों, मोहल्लों और सामाजिक-राजनीतिक माहौल में छुपी हुई है। इसे खत्म करने के लिए चुप्पी तोड़ना, आवाज़ उठाना और एक-दूसरे का साथ देना बेहद जरूरी है।

23/05/2026

हाई प्रोफाइल मामलों में जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही होती है, वही तत्परता हर उस महिला के मामले में भी आवश्यक है, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हिंसा झेल रही है।

हर दिन मेरे पास तीन से चार ऐसे मामले आते हैं, जहाँ एक जवान महिला से लेकर बुजुर्ग महिला तक अपने ही जीवनसाथी द्वारा ऐसी हिंसा का सामना कर रही होती है कि या तो वह मारी जाएगी, या फिर आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगी।

इनमें से अधिकांश महिलाएँ पुलिस के चक्कर काट चुकी होती हैं। जिस उम्मीद के साथ वे थाने जाती हैं, वह उम्मीद अक्सर वहीं टूट जाती है। कई बार छोटी-सी कार्यवाही से हिंसक पति पर कोई असर नहीं पड़ता और महिला फिर उसी डर और हिंसा के माहौल में लौटने को मजबूर हो जाती है।

स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब महिला को महिला एवं बाल विकास विभाग की जानकारी तक नहीं होती। मायके से अक्सर “सहन करो, एडजस्ट करो” की सलाह मिलती है और उसके पास कोई सुरक्षित वैकल्पिक ठिकाना नहीं होता।

आश्रय गृह मौजूद हैं, लेकिन वहाँ जाना जितना आसान लगता है, वहाँ से सम्मानपूर्वक सामान्य जीवन में लौटना उतना ही कठिन होता है। सैकड़ों औपचारिकताएँ और सामाजिक दबाव महिलाओं को वहीं रोक देते हैं।

इनमें से अधिकतर महिलाएँ मध्यमवर्गीय या गरीब परिवारों से होती हैं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे होते हैं और उनकी पूरी जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर होती है।

सवाल यह है कि क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ बड़े और चर्चित मामलों तक सीमित रह जाएगी? आज भी हकीकत यही है कि महिलाएँ न्याय की उम्मीद में भीतर ही भीतर टूट रही हैं। बातें बहुत होती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर बदलाव की गति अभी भी बहुत धीमी है।

अब जरूरत है कि हर स्तर पर तत्काल और प्रभावी कार्यवाही हो, महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध संसाधनों की सही जानकारी दी जाए और सबसे महत्वपूर्ण उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि वे अकेली नहीं हैं।

दिनांक: 30/04/2026स्थान: जहांगीराबाद, 12 नंबर एवं बाग़मुग़लिया, भोपालसंस्था: संगिनीएक दिवसीय एक्सपोज़र विज़िट एवं कार्यश...
01/05/2026

दिनांक: 30/04/2026
स्थान: जहांगीराबाद, 12 नंबर एवं बाग़मुग़लिया, भोपाल
संस्था: संगिनी

एक दिवसीय एक्सपोज़र विज़िट एवं कार्यशाला (महिला सुरक्षा एवं पैरा लीगल सशक्तिकरण)

संस्था संगिनी द्वारा जहांगीराबाद एवं बाग़मुग़लिया क्षेत्र की लगभग 40 महिलाओं (पीएलवी) के साथ प्रदान संस्था, केसला (होशंगाबाद) में एक दिवसीय एक्सपोज़र विज़िट एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पैरा लीगल वालंटियर (PLV) की भूमिका, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा एवं जेंडर मुद्दों पर जागरूक एवं सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान प्रदान संस्था की पैरा लीगल दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा संगिनी की महिलाओं ने भी अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर समूह चर्चा की। इस संवाद के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्य करने की रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में मुख्य बिंदु:

* पैरा लीगल वालंटियर की भूमिका एवं जिम्मेदारियाँ
* घरेलू हिंसा की पहचान एवं रोकथाम
* जेंडर भेदभाव की समझ
* पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता दिलाने की प्रक्रिया
* समुदाय में जागरूकता फैलाने के तरीके (नुक्कड़ नाटक, बस्ती बैठक आदि)

कार्यक्रम की शुरुआत सभी प्रतिभागियों के परिचय से हुई, जिसमें प्रत्येक महिला ने अपना नाम एवं अपनी पसंद का एक जानवर बताकर सहज वातावरण बनाया।

सारण्य एवं अनुपम द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि:

* घरेलू हिंसा को कैसे पहचाना जाए
* हिंसा की स्थिति में महिलाओं की मनोस्थिति को समझना क्यों आवश्यक है
* सकारात्मक सोच एवं आत्मसंयम के साथ कार्य करना
* संगठित होकर बस्तियों में नियमित बैठकें करना और जागरूकता अभियान चलाना

उन्होंने यह भी बताया कि जहां भी घरेलू हिंसा के मामले सामने आएं, वहां पीएलवी को सक्रिय भूमिका निभाते हुए पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने समूह गतिविधि के माध्यम से हिंसा के विरुद्ध कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

कार्यक्रम में संगिनी संस्था की ओर
टीम भी शामिल रही
इस कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामूहिक कार्य करने की भावना को सशक्त किया गया।

संगिनी संस्था के 24 वर्ष: शिक्षा, रोजगार और योजनाओं से सशक्त हों महिलाएं सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ कमियों को दूर ...
24/04/2026

संगिनी संस्था के 24 वर्ष: शिक्षा, रोजगार और योजनाओं से सशक्त हों महिलाएं

सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ कमियों को दूर करने पर जोर, सामूहिक प्रयासों से आत्मनिर्भरता का संदेश

संगिनी संस्था के 24 वर्ष पूर्ण होने पर श्यामला हिल से स्थित रीजनल साइंस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने वाले अधिकारियों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण को लेकर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने महिलाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ सुनिश्चित करने और कमियों को दूर करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। डीआईजी कम्युनिटी पुलिसिंग विनीत कपूर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए समाज और पुलिस के बीच समन्वय जरूरी है। महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी से जोड़ने पर जोर दिया।

मध्य प्रदेश पर्यटन प्रतिनिधि आलोक चौबे ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। डालसा के न्यायाधीश एवं सचिव सुनीत अग्रवाल ने कहा कि कानूनी जागरूकता और योजनाओं की सही जानकारी से ही महिलाएं अपने अधिकारों का प्रभावी उपयोग कर सकती हैं। महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ की डीआईजी किरण केरकेट्टा ने सुरक्षा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण को भी आवश्यक बताया।

यूएन वूमेन प्रतिनिधि ज्योत्त्री रॉय ने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी संभव है, जब उनकी जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्रियान्वयन की कमियों को दूर किया जाए।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि जानकारी के अभाव, तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण कई महिलाएं योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में विभागीय समन्वय और सरल प्रक्रिया सुनिश्चित करना आवश्यक है।

इस अवसर पर राजेश दाहिमा (उप-संचालक, जनसंपर्क विभाग), बी.एम. सिंह (लीगल एड अधिकारी), प्रशांत पाठक (वरिष्ठ अधिवक्ता), टीआई संतोष मरकाम, टीआई नीलम पटवा, टीआई राजन सिंह अहिरवार, टीआई अवधेश सिंह तोमर, भूपेंद्र कौर सिद्धू, मोना, सोनिया, ऋतुराज बरिया, अमित, आशीष श्रीवास, सैयद जाहिद मीर (रिपोर्टर, डीबी स्टार), संजना (रिपोर्टर, दैनिक जागरण), अमरजीत (यूनिसेफ), अयान, शिवानंद सिंह, रमेश दुबे और जगदीश लोधी सहित अन्य को सम्मानित किया गया।

द्वितीय सत्र में प्रतिभा राज गोपाल, दीपशिखा, अंजु आर्य, अधिवक्ता आनंद शर्मा, अधिवक्ता विनीता तोमर, माधवी लता दुबे, स्पर्श द्विवेदी, अतुल (BSSS), विकास चौकसे, ममता मल्हार, अनुराग (UNFPA) और अंशु गुप्ता सहित प्रतिभागियों ने महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की।

संस्था की डायरेक्टर प्रार्थना मिश्रा ने बताया कि जरूरतमंद और घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षा और संबल दिया जा रहा है। उन्हें शिक्षा से जोड़ने के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि पुलिस, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय और पर्यटन विभाग के सहयोग से महिलाओं के लिए सुरक्षित रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जीते हुए अपने बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि योजनाओं की प्रभावी जानकारी, पारदर्शी क्रियान्वयन और कमियों के निराकरण से ही महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

One day workshop organise by sangini in collaboration of state women commission and  un women on pwdva.
04/04/2026

One day workshop organise by sangini in collaboration of state women commission and un women on pwdva.

11/03/2026

“Justice for women and girls must be a cornerstone of the world we seek to build.”

– UN Secretary-General António Guterres says he will continue fighting for dignity and equality .

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ*7 मार्च 2026 प्रातः 10:15 बजेमुख्यमं...
09/03/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ*
7 मार्च 2026
प्रातः 10:15 बजे
मुख्यमंत्री निवास, भोपाल मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा संचालित
महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना अंतर्गत संगिनी द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा सी एम हाउस में वालंटियर के तौर पर भागीदारी ।

 #मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन और नारी सशक्तिकरण मिशन मध्य प्रदेश  तत्वाधान में संगिनी संस्...
16/12/2025

#मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन और नारी सशक्तिकरण मिशन मध्य प्रदेश तत्वाधान में संगिनी संस्था, पुलिस विभाग , महिला एवं बाल विकास के सहयोग से निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्क्रम का आयोजन अपैक्स भवन में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अपर मुख्य सचिव गृह, पर्यटन , संस्कृति एवं धर्मस्व ने उपस्थित 600 से अधिक युवतियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में नारी शक्ति स्वरुप है एवं समाज की धुरी है जो बच्चो में संस्कार, शक्ति और प्रेरणा का संचार करती है। मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों में सभी विभाग , स्वयं सेवी संस्थाए , सभी प्रकार के सेवा प्रदाता मिलकर ऐसा माहौल बनाये कि सभी प्रदेश में आने वाले पर्यटक और स्थानीय सेवा प्रदाता महिलाये और भी अधिक सहज हो. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महिला सुरक्षा श्री अनिल कुमार ने महिला सुरक्षा की दिशा में पुलिस विभाग द्वारा संचालित निर्भया स्कवाड, वन स्टॉप सेण्टर , ऊर्जा डेस्क, 112 के साथ साथ अन्य प्रयासों के विषय में जानकारी प्रदान की। पुलिस उपमहानिरीक्षक सामुदायिक पोलिसिंग विनीत कपूर ने महिला सशक्तिकरण में अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे कार्यों और मध्य प्रदेश पुलिस की सृजनात्मक गतिविधियों, और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। सचिव राज्य महिला आयोग श्री सुरेश तोमर ने जेंडर संवेदीकरण पर चर्चा करते हुए क्षमता वृद्धि और जान जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर बाल दिया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक म नकवी जहाँ कुरैशी, पर्वत रोही ज्योति रात्रे ने अपने उद्बोधन में युवतियों को किसी भी स्थिति में हार न मानने और होनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए बल दिया। इस अवसर संगिनीं संस्था की प्रमुख डॉ प्रार्थना मिश्रा में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के अंतर्गत किये गए कार्यों पर प्रकाश डाला। साइबर सेल के अधीक्षक श्री प्रे नागवंशी ने साइबर सुरक्षा पर जागरूक किया और विभाग के और से जागरूक किया।
कार्यक्रम में सृजन बालिकाओं और भोप्ला टूरिस्ट फसिलिटेशन सेण्टर की बालिकाओं , सम्मान संस्था इंदौर के राजेंद्र बंधू , सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा , रक्षंदा जाहिद , नैनिका , होम स्टे संचालक कीती केवट सहित सहित प्रदेश के ५० से अधिक लोगो को नारी सशक्तिकरण के लिए किये गए विशेष प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया , इस अवसर पशु पालन विभाग , कौशल विभाग , पुलिस विभाग , महिल एवं बाल विकास विभग, इम्पैक्ट फॉर नुट्रिशन वार्ड संस्था , कई स्वय सेवी संस्थाओं ने २० से अधिक स्टाल लगाकर महिला सशक्तिकरण के विभिन प्रयासों और योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में संघरत्ना एवं उनके दल द्वारा शक्ति आराधना नृत्य नाटिका का मंचन कर लोगो को प्रेरत किया वही पुलिस विभाग के माध्यम से प्रशिक्षित बालिकाओं द्वारा पावर वाक का प्रभावी मंचन किया गया , कार्क्रम का आभार ज्ञापन संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ डी पी सिंह दवरा प्रदान किया गया

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Bhopal
462038

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