24/04/2026
संगिनी संस्था के 24 वर्ष: शिक्षा, रोजगार और योजनाओं से सशक्त हों महिलाएं
सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ कमियों को दूर करने पर जोर, सामूहिक प्रयासों से आत्मनिर्भरता का संदेश
संगिनी संस्था के 24 वर्ष पूर्ण होने पर श्यामला हिल से स्थित रीजनल साइंस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने वाले अधिकारियों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण को लेकर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने महिलाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ सुनिश्चित करने और कमियों को दूर करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। डीआईजी कम्युनिटी पुलिसिंग विनीत कपूर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए समाज और पुलिस के बीच समन्वय जरूरी है। महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी से जोड़ने पर जोर दिया।
मध्य प्रदेश पर्यटन प्रतिनिधि आलोक चौबे ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। डालसा के न्यायाधीश एवं सचिव सुनीत अग्रवाल ने कहा कि कानूनी जागरूकता और योजनाओं की सही जानकारी से ही महिलाएं अपने अधिकारों का प्रभावी उपयोग कर सकती हैं। महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ की डीआईजी किरण केरकेट्टा ने सुरक्षा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण को भी आवश्यक बताया।
यूएन वूमेन प्रतिनिधि ज्योत्त्री रॉय ने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी संभव है, जब उनकी जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्रियान्वयन की कमियों को दूर किया जाए।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि जानकारी के अभाव, तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण कई महिलाएं योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में विभागीय समन्वय और सरल प्रक्रिया सुनिश्चित करना आवश्यक है।
इस अवसर पर राजेश दाहिमा (उप-संचालक, जनसंपर्क विभाग), बी.एम. सिंह (लीगल एड अधिकारी), प्रशांत पाठक (वरिष्ठ अधिवक्ता), टीआई संतोष मरकाम, टीआई नीलम पटवा, टीआई राजन सिंह अहिरवार, टीआई अवधेश सिंह तोमर, भूपेंद्र कौर सिद्धू, मोना, सोनिया, ऋतुराज बरिया, अमित, आशीष श्रीवास, सैयद जाहिद मीर (रिपोर्टर, डीबी स्टार), संजना (रिपोर्टर, दैनिक जागरण), अमरजीत (यूनिसेफ), अयान, शिवानंद सिंह, रमेश दुबे और जगदीश लोधी सहित अन्य को सम्मानित किया गया।
द्वितीय सत्र में प्रतिभा राज गोपाल, दीपशिखा, अंजु आर्य, अधिवक्ता आनंद शर्मा, अधिवक्ता विनीता तोमर, माधवी लता दुबे, स्पर्श द्विवेदी, अतुल (BSSS), विकास चौकसे, ममता मल्हार, अनुराग (UNFPA) और अंशु गुप्ता सहित प्रतिभागियों ने महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की।
संस्था की डायरेक्टर प्रार्थना मिश्रा ने बताया कि जरूरतमंद और घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षा और संबल दिया जा रहा है। उन्हें शिक्षा से जोड़ने के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि पुलिस, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय और पर्यटन विभाग के सहयोग से महिलाओं के लिए सुरक्षित रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जीते हुए अपने बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि योजनाओं की प्रभावी जानकारी, पारदर्शी क्रियान्वयन और कमियों के निराकरण से ही महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।