तूर्यनाद

तूर्यनाद राजभाषा हिन्दी को विश्वपटल पर स्थापित करने का अद्वितीय अवसर।
तूर्यनाद'25
12-13-14 सितंबर 2025
(344)

'तूर्यनाद' एक अखिल भारतीय हिंदी महोत्सव है, जिसका उद्देश्य राजभाषा हिंदी व भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार द्वारा देशवासियों में राष्ट्रगौरव व आत्मगौरव की भावना का विकास करना है। इसके अंतर्गत सितम्बर को हिंदी माह के रूप में मनाते हुए महाविद्यालयीन विद्यार्थियों हेतु अनेक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ, कवि सम्मेलन आदि कार्यक्रम आयोजित होते हैं। तूर्यनाद, हिंदी का औपचारिकता से परे जी

वन में सम्मान के साथ उपयोग व प्रचार-प्रसार करने का सन्देश देता है। देश भर से विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने गत 8 वर्षों से तूर्यनाद में आशातीत प्रतिभागिता दर्ज करा आयोजकों को सबल किया है।

"श्रीयं परार्ध्यां विद्धद्विधातृजित् तमो निरस्यान्नभिभूतभानुभृत्।नुदन्निदघं जितचारुचन्द्रमाः स वन्द्यते ऽर्हन्निह यस्य न...
01/05/2026

"श्रीयं परार्ध्यां विद्धद्विधातृजित् तमो निरस्यान्नभिभूतभानुभृत्।
नुदन्निदघं जितचारुचन्द्रमाः स वन्द्यते ऽर्हन्निह यस्य नोपमा॥"
अर्थात् उस अर्हत को यहाँ प्रणाम किया जाता है, जिसका कोई सादृश्य नहीं है, जो परम सुख प्रदान करने में सृष्टिकर्ता (ब्रह्म) से भी श्रेष्ठ है, जो अंधकार को दूर भगाने में सूर्य को भी पराजित करता है, और समस्त ज्वलनशील ऊष्मा को दूर करने में सुंदर चंद्रमा से भी श्रेष्ठ है।

यह पावन वंदन उन तथागत बुद्ध के प्रति है, जिन्होंने शांति, करुणा और अहिंसा के मार्ग से संपूर्ण मानवता का पथ प्रशस्त किया। राजसी वैभव का त्याग कर 'बोध' प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ गौतम ने संसार को केवल दुखों से मुक्ति का मार्ग ही नहीं दिखाया, अपितु 'अप्प दीपो भव' के मंत्र के साथ स्वयं की अंतरात्मा को जागृत करने का संकल्प भी दिया।
वैशाख पूर्णिमा के पवित्र दिन जन्मे भगवान बुद्ध का जीवन दर्शन जाति, वर्ण हर प्रकार के भेदभाव से परे एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की नींव रखता है। उनके विचार आज भी हमें घृणा पर विजय पाने और प्राणी मात्र के प्रति दया रखने की प्रेरणा देते हैं।

तूर्यनाद समिति की ओर से मध्यम मार्ग के प्रणेता एवं मानवता के उद्धारक तथागत बुद्ध को कोटि-कोटि नमन।

'तूर्यनाद समिति' द्वारा आयोजित वार्षिक चयन प्रक्रिया 'आह्वान '26' केवल प्रतिभा की खोज नहीं, अपितु विचारों का एक महाकुंभ ...
19/04/2026

'तूर्यनाद समिति' द्वारा आयोजित वार्षिक चयन प्रक्रिया 'आह्वान '26' केवल प्रतिभा की खोज नहीं, अपितु विचारों का एक महाकुंभ था। इस चयन से हमें वे ऊर्जावान प्रहरी मिले हैं, जो अपनी मेधा से हिन्दी की गरिमा और भारतीय संस्कृति की विरासत को नया आयाम देंगे।
लिखित परीक्षा की एकाग्रता से लेकर साक्षात्कार की बौद्धिक गहमागहमी तक, हर चरण ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को नई उड़ान दी है।

प्रस्तुत हैं, 'आह्वान '26' के उन्हीं जीवंत और उत्साहपूर्ण क्षणों की कुछ विशेष झलकियाँ!

"अगर आप में गलत को गलत कहने की क्षमता नहीं है, तो आपकी प्रतिभा व्यर्थ है।"                                       यह महान...
14/04/2026

"अगर आप में गलत को गलत कहने की क्षमता नहीं है, तो आपकी प्रतिभा व्यर्थ है।"

यह महान विचार भारतीय संविधान के प्रधान शिल्पी एवं सामाजिक क्रांति के अग्रदूत डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के हैं, जिन्होंने विषम परिस्थितियों को चीरते हुए न केवल विश्वस्तरीय शिक्षा अर्जित की, बल्कि करोड़ों लोगों को 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' का मंत्र देकर स्वाभिमान से जीना सिखाया।

14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान डॉ. अंबेडकर नगर) में जन्मे बाबा साहेब का बचपन का नाम भीमराव रामजी सकपाल था। अपने संघर्ष, ज्ञान और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने स्वयं को युगपुरुष के रूप में स्थापित किया। सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के प्रति उनका समर्पण युगों-युगों तक एक शोषणमुक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण की प्रेरणा देता रहेगा।

तूर्यनाद समिति बाबा साहेब के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें सादर नमन करती है।

"मरणं मंगलं यत्र विभूतिश्च विभूषणम्।"अर्थात् जहाँ मृत्यु भी मंगलकारी है और जहाँ की भस्म भी आभूषण है।भारतीय स्वाधीनता संग...
13/04/2026

"मरणं मंगलं यत्र विभूतिश्च विभूषणम्।"
अर्थात् जहाँ मृत्यु भी मंगलकारी है और जहाँ की भस्म भी आभूषण है।

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के कालखंड में 13 अप्रैल 1919 की तिथि उस क्रूर दमन और कालजयी आत्मोत्सर्ग की साक्षी है, जिसने संपूर्ण राष्ट्र की सुप्त चेतना को उद्वेलित कर दिया था। अमृतसर के जलियाँवाला बाग में निहत्थे राष्ट्रभक्तों पर आंग्ल सत्ता की बर्बर गोलियों ने न केवल सहस्रों देहों को छलनी किया, अपितु विदेशी शासन के अंत का उद्घोष भी कर दिया। वह शोणित-रंजित धरा आज भी उन असंख्य हुतात्माओं के अदम्य साहस और महान बलिदान का पुण्य-स्मरण कराती है।
जलियाँवाला बाग की यह पावन रज हमें बोध कराती है कि हमारी स्वतंत्रता की आधारशिला किन दुर्गम संघर्षों और महान उत्सर्गों पर निर्मित है। उन निर्दोष देशवासियों का यह बलिदान हमें राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा और निर्भयता की शाश्वत प्रेरणा देता रहेगा। तूर्यनाद समिति की ओर से जलियाँवाला बाग के उन सभी अमर बलिदानियों को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन।

भारत माता की जय!

जय हिन्द 🚩तूर्यनाद समिति, Young Thinkers’ Forum एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “युवा संवाद” में...
09/04/2026

जय हिन्द 🚩

तूर्यनाद समिति, Young Thinkers’ Forum एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “युवा संवाद” में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।

इस विशेष सत्र में लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज कुमार सिन्हा (से.नि.), सेना मेडल से सम्मानित, युवाओं से संवाद स्थापित करेंगे—जहाँ अनुभव, नेतृत्व और राष्ट्रभावना का संगम देखने को मिलेगा।

यह केवल एक संवाद नहीं, बल्कि विचारों को दिशा देने और दृष्टिकोण को सशक्त बनाने का अवसर है।

📅 12 अप्रैल (रविवार)
⏰ प्रातः 10:00-12:00
📍SAC मैनिट भोपाल

आपकी उपस्थिति इस संवाद को और सार्थक बनाएगी। 🚩

जय हिन्द 🚩तूर्यनाद समिति आह्वान’26 में चयनित सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित करती है। आपने अपनी...
03/04/2026

जय हिन्द 🚩

तूर्यनाद समिति आह्वान’26 में चयनित सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित करती है। आपने अपनी योग्यता, सृजनशीलता एवं निरंतर परिश्रम से जो उत्कृष्टता प्रदर्शित की है, वह प्रशंसनीय है। हमें विश्वास है कि आप सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं उत्तरदायित्व के साथ करते हुए समिति की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेंगे।

जिनका चयन इस वर्ष संभव नहीं हो सका, उनके प्रयास भी समान रूप से सराहनीय हैं। आपकी सहभागिता इस प्रक्रिया को सार्थक बनाती है, और हमें आशा है कि आप आगामी अवसरों में पुनः और अधिक सशक्त रूप में उपस्थित होंगे।

समिति से सम्बन्धित आगामी गतिविधियों, सूचनाओं एवं अवसरों की जानकारी हेतु हमारे आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से जुड़े रहें।

जय हिन्द 🚩समस्त प्रतिभागियों का तूर्यनाद समिति की वार्षिक चयन प्रक्रिया आह्वान’26 में स्वागत है।मध्यावधि परीक्षाओं के का...
27/03/2026

जय हिन्द 🚩

समस्त प्रतिभागियों का तूर्यनाद समिति की वार्षिक चयन प्रक्रिया आह्वान’26 में स्वागत है।
मध्यावधि परीक्षाओं के कारण प्रथम दिवस में सम्मिलित न हो सकने वाले प्रतिभागियों हेतु, आप सभी के उत्साह एवं अनुरोध को ध्यान में रखते हुए यह द्वितीय अवसर प्रदान किया जा रहा है।

प्रथम चरण (लिखित परीक्षा)
पद — संपादक, प्रबंधक, अभिकल्पक एवं वेब अभिकल्पक

📅 दिनांक — 28 मार्च 2026
⏰ समय — प्रातः 10:00 बजे
📍 स्थान — एन.टी.बी.
🏫 कक्ष क्रमांक — TB111

सभी प्रतिभागी ई-मेल से प्राप्त अपनी आह्वान आई.डी. अवश्य सुनिश्चित करें एवं समय का विशेष ध्यान रखें।

धन्यवाद! 🚩

रामो विग्रहवान् धर्मः,साधुः सत्यपराक्रमः।राजा सर्वस्य लोकस्य,देवो रामः प्रजापतिः॥अर्थात् भगवान राम स्वयं धर्म का साकार र...
27/03/2026

रामो विग्रहवान् धर्मः,साधुः सत्यपराक्रमः।
राजा सर्वस्य लोकस्य,देवो रामः प्रजापतिः॥

अर्थात् भगवान राम स्वयं धर्म का साकार रूप हैं, वे सज्जन और सत्य के लिए पराक्रमी हैं। वे सभी लोगों के राजा और देवतुल्य हैं।

राम नवमी एक पवित्र हिन्दू त्योहार है, जो भगवान श्री राम के जन्मदिन के रूप में चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। वे भारतीय संस्कृति और धर्म के एक महान आदर्श हैं, जिन्हें “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में जाना जाता है। उनका जीवन सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्रीराम का चरित्र हमें सिखाता है कि मनुष्य को सदैव ईमानदारी, विनम्रता और कर्तव्यपरायणता के साथ जीवन निर्वाह करना चाहिए। उनका जीवन केवल एक कथा नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा है। इस पर्व का मुख्य संदेश यह है कि हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तथा अच्छाई की बुराई पर हमेशा जीत होती है। तूर्यनाद समिति की ओर से रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,वतन पर मरनेवालों का यही बाकी निशाँ होगा।भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में 23...
23/03/2026

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरनेवालों का यही बाकी निशाँ होगा।

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में 23 मार्च का दिन अमर बलिदान और असीम शौर्य का प्रतीक है। इसी पावन तिथि को सन् 1931 में क्रान्तिवीर भगत सिंह, सुखदेव थापर एवं शिवराम राजगुरु ने हँसते-हँसते फाँसी के फन्दे को गले लगाया और अपने प्राणों की आहुति देकर माँ भारती के चरणों में सर्वस्व समर्पित कर दिया।
ये तीनों वीर केवल क्रान्तिकारी नहीं, अपितु उस चेतना के अग्रदूत थे जिसने सोई हुई जनता को जगाया, दासता की बेड़ियों को तोड़ने की प्रेरणा दी और यह सिद्ध किया कि स्वतन्त्रता का स्वप्न जीवन से भी बड़ा होता है। "इन्कलाब ज़िन्दाबाद" का उनका उद्घोष आज भी हर भारतीय के हृदय में गूँजता है।
उनका बलिदान हमें यह स्मरण कराता है कि राष्ट्र का निर्माण केवल शब्दों से नहीं, समर्पण से होता है।

तूर्यनाद समिति की ओर से शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को कोटि-कोटि नमन।

संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते॥भारतीय पारम्परिक पंचांग के अनुसार प्रतिवर्...
19/03/2026

संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।
देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते॥

भारतीय पारम्परिक पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिन्दू नववर्ष का शुभारम्भ होता है। यह पावन दिन देश के विभिन्न भागों में गुड़ी पड़वा, उगादि आदि नामों से मनाया जाता है तथा इसी दिन से नव विक्रम संवत्सर का आरम्भ होता है। यह उत्सव केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति के नवोत्थान, नई ऊर्जा और नव सृजन का प्रतीक है।
वसन्त ऋतु के आगमन के साथ यह पर्व हमें सकारात्मकता, नवचेतना और उज्ज्वल भविष्य की प्रेरणा देता है। यह भारतीय संस्कृति की समृद्ध परम्परा तथा आधुनिक विचारों के समन्वय का संदेश भी प्रदान करता है।
इस मंगलमय अवसर पर हम सभी अपने जीवन में सद्भाव, प्रगति और कल्याण के संकल्प लें तथा प्रकृति के शाश्वत कालचक्र से प्रेरणा लेकर निरन्तर आगे बढ़ते रहें।
तूर्यनाद समिति की ओर से समस्त देशवासियों को हिन्दू नव वर्ष एवं गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएँ।

13/03/2026

*'आह्वान '26' – ऑन-डेस्क पंजीयन*🚩
क्या आप भी बनना चाहते हैं भारत के सबसे बड़े अंतर-महाविद्यालयीन हिंदी महोत्सव के आयोजनकर्ता?
तो अभी भी अवसर आपके सामने है!
कल होने वाली चयन परीक्षा से ठीक पहले
परीक्षा स्थल पर पहुँचकर ऑन-डेस्क पंजीयन कर सकते हैं।
अपने जोश, विचार और प्रतिभा के साथ समिति का हिस्सा बने।

“शब्द आपके, मंच हमारा —
संस्कृति की सेवा, संकल्प तुम्हारा!”
कल सीधे NTB पर आइए और इस अवसर को अपने हाथों से जाने मत दीजिए, क्योंकि —
*यही है आपका अंतिम अवसर!*

*स्थान: NTB*
*तिथि: 14 मार्च*
*समय: प्रातः 10:00 बजे*

Address

NIT BHOPAL
Bhopal
462003

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when तूर्यनाद posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to तूर्यनाद:

Share