21/04/2026
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आज की कहानी है मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में रहने वाली आगाज़ इंटर्न साथी सुरभि किरार की। सुरभि विदिशा जिले के सेंट मैरी पीजी कॉलेज से अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही है।
अपनी इंटर्नशिप के दौरान सुरभि ने दीवार लेखन को अपने नवाचार के रूप में चुना एवं अलग-अलग स्थानों पर पहले दीवार पर बाल मजदूरी से संबंधित अपनी पेंटिंग बनाती और उसके बाद गांव और बस्ती के लोगों को बाल मजदूरी के प्रति जागरूक करती।
सुरभि को कहानी हमें बताती है कि लोगों को जागरूक करने के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत नहीं होती, बस एक दीवार, कुछ रंग भी काफी होते है बदलाव की पहल बनने में।
सुरभि अब तक कुल 15 जगहों पर दीवार लेखन कर लोगों को बाल श्रम उन्मूलन के लिए जागरूक कर चुकी है, सुरभि कहती है कि बाल मजदूरी हमारे नैतिक और सामाजिक मूल्यों पर एक गहरी चोट है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हमारे आसपास कोई भी बच्चा मजदूरी न करें।
इंटर्नशिप के दौरान सुरभि द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के प्रति किए जा रहे उनके प्रयासों से रुबरु करवाती हमारी आज की केस स्टडी। इसे जरूर पढ़िएगा और अपने मित्रों साथियों तथा अपने परिवार पड़ोस के लोगों के साथ जरूर साझा करिएगा।