20/09/2026
आज मिलते हैं समर और शिवानी से । पिता की मृत्यु के बाद नेत्रहीन मां के साथ जिंदगी पग -पग पर संघर्षों से भरी था। लखनऊ के श्रम विहार नगर,मवैया में रहने वाले इन दो बच्चों का जीवन मां के साथ भीख मांगते ही गुजर जाता यदि पिंकी दीदी एक दिन उन्हें मनाकर संस्कार केंद्र में पढ़ने के लिए नहीं लेकर आती। आज ये दोनों बच्चे घर के नजदीक के मॉडल स्कूल मे नियमित क्लासेस अटेंड कर रहे हैं।सेवा भारती अवध द्वारा संचालित द्वारा प्रतिदिन शाम 300 से 500 चलने वाले मां लक्ष्मी बाल संस्कार केंद्र में यह दोनों बच्चे नियमित आते हैं ,उनका होमवर्क पूरा करने में भी केंद्र की शिक्षिका पिंकी साहनी मदद करती हैं।
बच्चे यहां पढ़ाई के साथ-साथ देशभक्ति गीत सीखते हैं , 15 अगस्त से लेकर जन्माष्टमी तक सभी तरह के पर्व भी मनाते हैं।