27/02/2023
स्वाद भोपाली
इंडियन नैशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज भोपाल का अनूठा भोजन की सांस्कृतिक विरासत विधा उत्सव।
भारतीय संस्कृति निधि INTACH भोपाल अध्याय द्वारा 24 फरवरी से 18 मार्च 2023 तक स्वाद भोपाली के नाम से व्यंजन उत्सव का कार्यक्रम रखा गया है और विभिन्न विवरण आमंत्रित किए गए हैं।
इस कार्यक्रम के विशेषता य़ह है कि इसमें कोई भी नागरिक जो भोपाली विशिष्ट भोजन के सम्बंध में रुचि रखता हो अथवा जानकारी रखता हो और उसके बनाने की विधि से जुड़े पहलूओं को जानता हो सहभागिता कर सकता है।
भारतीय संस्कृति निधि देश की विरासत संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली सबसे बड़ी संस्था है । हमारे देश के व्यंजन और हमारे भोजन राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान रखते हैं।
भोपाल के आदिवासी अंचल के भोजन में यहां की सोंधी माटी और नर्मदा के जल का स्वाद मिला होने से उसकी अलग ही महक है।
भोपाल के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अंचल में अनेक ऐसे भोजन हैं जो शहर वासियों को नहीं पता परंतु उनके बनाने की विधि में ग्रामीण क्षेत्रों में पाए जाने वाली अनाज ,दालें , जैसे तत्व मिश्रित हैं जो यहां के भोजन को लाजवाब बनाते हैं। कोदो, कुटकी, रागी आदि के स्वाद लाजवाब हैं।
स्वाद भोपाली कार्यक्रम की दूसरी खूबी यह है कि इसमें कोई भी प्रतिभागी बिना शुल्क के जुड़ सकता है और बनाने की विधि लेखी के साथ-साथ वीडियो द्वारा भी साझा कर सकता है। भोपाली खाने के बारे में आम भ्रांति यह है कि यह प्रमुखता से नान वेजिटेरियन खाने पर केंद्रित है जो कि सत्यता से बहुत दूर है। बिरियानी और यहां के शौकीन नान वेजिटेरियन को बनाने की विधि भी शेयर कर सकते हैं।
भारतीय संस्कृति निधि (INTACH) के राज्य संयोजक श्री मदन मोहन उपाध्याय द्वारा बताया गया कि इसमें भाग देने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को संस्था द्वारा एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
श्री उपाध्याय ने बताया कि स्वाद भोपाली उत्सव में भोपाल से जुड़े विशिष्ट भोजन में जो सर्वोत्तम प्रविष्टि आएंगी उनको ट्रॉफी व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
उसका इसके साथ-साथ इससे संबंधित जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने वाले भारतीय संस्कृति निधि के नेटवर्क में भी 200 से ज्यादा राष्ट्रव्यापी अध्याय तक पहुंचाई जाएगी।
स्वाद भोपाली में व्यंजनों के सभी पहलू सम्मिलित किये गये हैं जिसमें पेय पदार्थों के साथ-साथ प्रातः कालीन भोजन ,दोपहर का भोजन , रात्री का भोजन , मिष्ठान पान या इसी प्रकार के भोजन उपरांत लिए जाने वाले खाद्य तत्त्वों को भी सम्मिलित किया गया है। प्रतिभागी गन भोजन बनाने की विधि के साथ-साथ उसमें यदि उपयोग होने वाले बर्तनों का कोई खास विवरण है, विधि में कोई विशेषता है, परोसा जाने की विधि आदि की विशेषता का भी उल्लेख करेंगे।
भोपाल क्षेत्रः में जो परंपरागत रूप से सदियों से खानपान है उसे पर केंद्रित व्यंजनों को ही सम्मिलित किया गया है। कोई व्यक्ति भोपाल के विशिष्ट भोजन के सम्बंध में कितनी भी प्रविष्टि दे सकता है।
सभी प्रविष्टियां इमेल के माध्यम से ही भेजी जायेगी जो कि [email protected] के माध्यम से भेज सकते है। किसी अन्य जानकारी के लिए INTACH भोपाल के स्थानीय विद्यानगर कार्यालय से भी सम्पर्क किया जा सकता है।
अपनी तरह के इस विशिष्ट आयोजन के माध्यम से भोपाल और उसके आसपास के क्षेत्रः के परंपरागत भोजन और उन्हें बनाने वाली विधि को संरक्षण हेतु भारतीय संस्कृति निधि का विशेष कार्यक्रम है, इस कार्यक्रम में स्कूल बच्चे व कोई भी अन्य नागरिक सम्मिलित हो सकता है प्रत्येक भागीदार को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
मदन मोहन उपाध्याय,
राज्य संयोजक,
भारतीय संस्कृति निधि,
मध्य प्रदेश, भोपाल।