18/08/2026
*अपील*
प्रिय साथियों और जुझारू भाइयों,
*विगत दो दिनों से आप सभी के जो निरंतर कॉल और मैसेज आ रहे हैं, उनमें छिपी आपकी चिंता, पीड़ा और जिज्ञासा को मैं भली-भांति महसूस कर पा रहा हूँ। सेव इंडियन फैमिली (SIF) से मेरी सदस्यता समाप्त होने को लेकर मन में उठ रहे सभी सवालों पर स्थिति स्पष्ट करना मैं अपना नैतिक कर्तव्य समझता हूँ*
*SIF का नियम, हमारा अनुशासन और सच*
*वर्ष 2013-14 में जब हमने भोपाल में SIF के बैनर तले काम शुरू किया था, तब लक्ष्य केवल एक था—पीड़ित पुरुषों को संबल देना। 2016 में हमने 'भाई वेलफेयर सोसाइटी' को एक पंजीकृत NGO के रूप में स्थापित किया। SIF के दो मूल सिद्धांत हमेशा से रहे हैं: कोई भी किसी पीड़ित से पैसा नहीं लेगा, और कोई भी प्रैक्टिसिंग एडवोकेट SIF का सदस्य नहीं रहेगा। हम सभी ने हमेशा इन नियमों का अक्षरांश: पालन किया है*
*हाल ही में, विधि की पढ़ाई पूरी करने और AIBE परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, जुलाई 2026 में मुझे बार काउंसिल की सदस्यता प्राप्त हुई और मैं एक प्रैक्टिसिंग एडवोकेट बन गया। SIF के सिद्धांतों और अनुशासन का सम्मान करते हुए, नियम अनुसार मैंने नेशनल मीट के दौरान SIF की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है*
*भाई वेलफेयर सोसाइटी का भविष्य और व्यवस्था*
*मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि भाई वेलफेयर सोसाइटी समाप्त नहीं हो रही है। यह संगठन हम सबने मिलकर खड़ा किया है, और यह पूर्ववत मजबूती से कार्य करता रहेगा*
*संशोधन: हम अपने NGO के नियमों में एक व्यावहारिक संशोधन कर रहे हैं। यदि कोई सदस्य अपने केस से लड़ते-लड़ते कानून की पढ़ाई पूरी कर एडवोकेट बनता है, तो वह हमारी सोसाइटी का सदस्य व पदाधिकारी रह सकता है—बशर्ते वह ग्रुप के किसी पीड़ित का केस स्वयं न लड़े, बल्कि उन्हें नि:शुल्क कानूनी सलाह व सहयोग दे*
*अध्यक्षता: मैं 'भाई वेलफेयर सोसाइटी' के अध्यक्ष के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी निभाता रहूँगा और आप सभी के लिए हमेशा उपलब्ध रहूँगा*
*SIF से संबंध: भाई वेलफेयर सोसाइटी के सभी साथी SIF के सदस्य बने रहेंगे और उनके हर आंदोलन का हिस्सा रहेंगे। SIF का हेल्पलाइन नंबर जिन साथियों के पास है (जो वकील नहीं हैं), वे सेवा देते रहेंगे*
*पहचान व लेटरहेड: चूँकि अब हम SIF के आधिकारिक सहयोगी संगठन के रूप में दर्ज नहीं रहेंगे, इसलिए हमारे लेटरहेड से हेल्पलाइन नंबर और 'SIF सहयोगी' का टैग हट जाएगा, लेकिन हमारी निष्ठा वही रहेगी*
*एक भावनात्मक सत्य-
हमें और हमारे इस प्रयास को पहचान SIF से ही मिली है। SIF का साथ छोड़ना केवल और केवल परिस्थितियों व नियमों के कारण हो रहा है। हम किसी अन्य संगठन में जाने का सोच भी नहीं सकते। SIF का यह नियम कठोर ज़रूर लग सकता है, पर अनुशासन ही किसी आंदोलन की रीढ़ होता है.
*हम भले ही दस्तावेज़ों या शारीरिक रूप से SIF से पृथक दिखें, पर मन, विचार और सिद्धांतों से हम सदैव SIF के साथ हैं। प्रतिस्पर्धा या विरोध का तो प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि SIF हमारा मार्गदर्शक रहा है*
*हमारा संकल्प और आगे का मार्ग*
*आप सभी भाई वेलफेयर सोसाइटी के साथ कल भी थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे। साथ ही, SIF के हर आह्वान पर आप एक सच्चे कार्यकर्ता की तरह उनके साथ खड़े रहेंगे*
*हमारा लक्ष्य सेवा भाव था और सेवा भाव ही रहेगा। नितिन तलवार जी के नेतृत्व में हम सब कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहेंगे*
*आशा है आप मेरी परिस्थितियों और इन भावनाओं को समझेंगे। आइए, बिना किसी संशय के, अपने मूल लक्ष्य—पीड़ित पुरुषों को न्याय और सहारा देने के कार्य में पुनः पूरे समर्पण से जुट जाएँ*
*हम साथ थे, साथ हैं, और हमेशा साथ रहेंगे*
[ज़की अहमद ]
*अध्यक्ष, भाई वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल*🙏