01/03/2026
*आंवली घाट पर चला व्यापक सफाई अभियान, सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने किया श्रमदान*
Narmada Samagra , नर्मदापुरम संभाग के सहयोग से न्याशिस सामाजिक समिति भोपाल, मां नर्मदा (पुण्यप्रदा) समग्र सेवा समिति, नीलकंठ भैरुंदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा बायां तथा ओशोधारा ध्यान केंद्र भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आंवली घाट पर व्यापक सफाई अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर श्रमदान किया।
भोपाल से आए पर्यावरण प्रेमियों द्वारा मार्ग में स्थित रातापानी अभयारण्य में वन संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बताया गया कि नर्मदा नदी में जल का संग्रहण वनों से निकलने वाली धाराओं के माध्यम से होता है। साथ ही नदियों और जैव विविधता के संरक्षण में जंगलों के महत्व को समझाया गया।
कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि वन क्षेत्रों में शोर-शराबा न करें, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें तथा वन्य प्राणियों को खाद्य पदार्थ न दें। वन नियमों का पालन करना ही जंगलों की सुरक्षा का सर्वोत्तम उपाय है।
आंवली घाट एक अत्यंत प्रचलित घाट एवं तीर्थस्थल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण घाट पर सिंगल यूज प्लास्टिक, पुराने कपड़े तथा अन्य कचरे के कारण अस्वच्छता बनी रहती है, जिससे घाट की सुंदरता प्रभावित होती है तथा नदी का जल प्रदूषित होता है।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय घाट टोली के कार्यकर्ताओं ने मिलकर घाट की व्यापक सफाई की। ट्रालियों के माध्यम से कई टन कचरा निकाला गया तथा नदी के भीतर से अघुलनशील सामग्री भी हटाई गई। घाट पर प्लास्टिक कचरे के ढेर एकत्रित कर उनका विधिवत निस्तारण किया गया।
सफाई अभियान के दौरान ध्वनि यंत्र के माध्यम से श्रद्धालुओं के बीच जन-जागरण किया गया। लोगों को बताया गया कि नर्मदा जी की पूजा भाव से करनी चाहिए तथा नदी में अघुलनशील सामग्री नहीं छोड़नी चाहिए।
यह भी समझाया गया कि नदी प्रदूषण से जलचर जीवों को भारी नुकसान होता है।
कार्यकर्ताओं ने लोगों को संदेश दिया:
"पूजा करो भाव से – प्लास्टिक हटाओ घाट"
घाट पर लगने वाली दुकानों के संचालकों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने तथा कचरा डिब्बा रखने के लिए प्रेरित किया गया। सभी दुकानदारों ने इस पहल को स्वीकार करते हुए कचरा डिब्बा रखने का संकल्प लिया।
सफाई अभियान के पश्चात संगीतमय नर्मदा आरती आयोजित की गई, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। आरती के बाद पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद कर प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया गया।
ओशोधारा ध्यान केंद्र भोपाल द्वारा ध्यान सत्र आयोजित कर ध्यान के महत्व को बताया गया।
इस अवसर पर मां नर्मदा (पुण्यप्रदा) समग्र सेवा समिति, नीलकंठ भैरुंदा के स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। ये कार्यकर्ता प्रतिदिन नर्मदा घाटों की साफ-सफाई, नर्मदा आरती एवं नर्मदा अष्टक का नियमित आयोजन करते हैं।
अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की तथा पर्यावरण संरक्षण के नए संकल्पों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।