16/01/2025
#सिरोही_रियासत_के_रियासतकालीन ठि. #चाँदाना (दोवड़ी ताजिम): 15 जनवरी 2025
#राव_सिरदार
राव सिरदारों के दोवडी ताजिम ठिकाना चान्दाना जिला सिरोही के किर्तिशेष राव सिरदार ठाकुर गणपतसिंहजी के असामयिक देवलोकगमन के पश्चात आज रियासतकालीन परम्परा को बदस्तूर जारी रखते हुए ठाकुर गद्दी बिराजने एवं पाग दस्तूर का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित शुभ मूहुर्त विक्रम संवत २०८१ ( 2081) माघ मास कृष्ण पक्ष २ तदनुसार 15 जनवरी 2025 को प्रातः ठिकाना चान्दाना के कुलदेवता श्री सारणेशवरजी महाराज एवं कुलदेवी श्री राजरावेशवरी देवी ब्रह्माणी माताजी के सुक्ष्म संरक्षण आशिर्वाद के साथ अर्बुदा नरेश महाराव साहब सिरोही की ओर से विशिष्ट प्रतिनिधि के रूप में पधारे ठा० सा० महिपालसिंहजी देवडा ⚔️ठि० बिसलपुर व विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत महात्माओं, मारवाड़, मेवाड़ व गुजरात क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे राव सिरदारों एवं ठिकाना चान्दाना के राव सिरदारों एवं क्षैत्र के 36 कौम के नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति में राव सिरदार ठाकुर ब्रजराजसिंहजी को राजसी पाग धारण करवाकर ठाकुर गद्दी पर बिराजने का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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⚔️इतिहास के झरोखे से
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⚔️ठिकाना चान्दाना के राव सिरदार सोनंगजी के कुंवर अहमलजी ( अभयमल्लजी - रियासतकाल में नाम के साथ मल्ल अर्थात योद्धा व युद्ध का पर्याय ) के वंशज अहमलसा राव सिरदार ठि० चान्दाना में निवासरत है। विक्रम संवत 1615 में तत्कालीन किर्तिशेष राव सिरदार अभयमलजी अहमलसा के वंशज राव सिरदार हम्मीरसिंहजी हुए थे जिन्होंने तत्कालीन सिरोही महाराजा महाराव सुरताणजी के साथ ऐतिहासिक दत्ताणी युद्ध में वीरतापूर्वक लडते हुए विजयश्री हासिल की थी जिसपर विक्रम संवत 1615 में 16 गांवों की जागीर प्रदान की थी एवं इन्हीं के वंशजों में आगे से आगे विक्रम संवत 1787 में किर्तिशेष राव सिरदार ठाकुर मानसिंहजी जिन्होंने सिरोही रियासत के प्रवेश द्वार ठिकाना चान्दाना में रियासतकाल में सिरोही रियासत पर आक्रमण करने जा रही तत्कालीन मारवाड़ नरेश की फौज के साथ युद्ध में वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए जिस पर सिरोही रियासत के तत्कालीन महाराजा मानसिंहजी (द्वितीय) ने ठिकाना चान्दाना को ठाकुर की पदवी, दोवडी ताजिम से नवाजने के साथ साथ सिरोही रियासत के दरबार में खुरशी ( कुर्सी ) की बैठक, के साथ सोना नवीश, कड़ा- लंगर, स्टेट का निशान, लवाजमा, हाथी सिरोपाव जैसे कई सम्मान इनायत किए गए।
⚔️इसी रियासतकालीन परंपरा में ठिकाना चान्दाना में ठाकुर के देवलोकगमन के पश्चात उनके परिवार में से ही ठाकुर गद्दी बिराजने के समय में सिरोही रियासत द्वारा पाग दस्तूर की रियासत कालीन परंपरा निभाई जाती है जो अनवरत रूप से जारी है। उसी क्रम में आज यह ठाकुर गद्दी बिराजने व पाग दस्तूर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि हमारे राव सिरदारों के सभी ठिकाना गांवों में भी परिवार के मुखिया का देवलोकगमन के पश्चात उनके वरिष्ठ उत्तराधिकारी को परम्परागत रूप से बाजोठ पर तलवार सहित बिराजमान कर समाज के गणमान्य राव सिरदारों की उपस्थिति में पगडी रस्म की परंपरा परम्परागत रूप से आज भी निभाई जाती है।
#राजस्थान
Rao Hanwant Singh Chandana Rao Bhawani Singh Chandana Kunwar Rahul Singh Chandana Kunwar Aditya Singh Chandana Narendra Rao Chandana Gajendra Singh Chandana RaoVikramsingh Chandana Vikram Banna Rao Dalpat Singh Narlai Rao Prem Singh श्रवण सिंह राव बोरली Rao Chintusingh Irani Rao Ajaysingh Borly Rao Vikram Singh Irani Adv BajRang Singh Chandana