13/12/2025
सीताराम चरण रति मोरे । अनुदिन बढ़ऊ अनुग्रह तोरे॥
जेहीं बिधि नाथ होइ हित मोरा । करहू सो बेगि दास मैं तोरा ॥
श्रीसीताराम जी के चरणों में मेरा प्रेम प्रतिदिन बढ़ता रहे, हे नाथ मेरी आपसे यही प्रार्थना है कि जिस भी किसी प्रकार से मेरा हित हो आप वही कीजियेगा, मै तो सिर्फ आपका दास हूँ मेरी अपनी कोई इच्छा नही..
जय सियाराम 🙏