07/05/2026
**सर्व प्रजापति समाज प्रतिभा सम्मान समारोह 2026**
सभी समाज-बन्धुओं को राम-राम 🙏
इस वर्ष आयोजित *“सर्व प्रजापति समाज प्रतिभा सम्मान समारोह 2026”* हमारे समाज के लिए एक नया और प्रेरणादायक प्रयास था। चूँकि यह कार्यक्रम प्रथम वर्ष आयोजित किया गया था तथा समय और अनुभव दोनों की सीमाएँ थीं, इसलिए समाज के कई क्षेत्र, अनेक अतिथि, छात्र एवं काउंसलर्स इस आयोजन में शामिल नहीं हो सके।
यदि किसी भी समाजजन को इससे किसी प्रकार की असुविधा या उपेक्षा का अनुभव हुआ हो, तो हम हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं। कृपया इसे अन्यथा न लें। हमारा उद्देश्य केवल और केवल समाज में **शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा हर संभव सहयोग प्रदान करना** था।
पिछले कुछ दिनों में कुछ भ्रम और अफवाहें देखने-सुनने में आईं। संभवतः यह आपसी गलतफहमियों के कारण हुआ है। इसलिए हमारा दृष्टिकोण समाज के सामने स्पष्ट रखना आवश्यक है।
यह आयोजन किसी व्यक्तिगत, राजनीतिक या क्षेत्रीय भावना से प्रेरित नहीं था, बल्कि समाज के भविष्य और शिक्षा के उत्थान के लिए एक छोटा-सा प्रयास था।
---
# # # एक छोटा-सा छन्द
कभी लड़े हम वर्ण व्यवस्था में,
कभी धर्म की राजनीति में।
कभी समाज के भेदभाव में,
कभी ऊँच-नीच की रूढ़ियों में।
कभी गरीबी की लाचारी में,
कभी अमीरी के अहम् में।
एक ही समाज में बँटते रहे हम,
कभी मालवी, कभी गुजराती,
कभी मेवाड़ा, कभी मारवाड़ा —
बस आपसी टकराव में।
यदि चलते हम श्री श्रेयादे माता के चरणों पर,
तो ऐसी मूढ़ता कभी न करते।
यदि वीर शालिवाहन की गाथा समझी होती,
तो ये आंतरिक भेदभाव भूल जाते हम।
यदि समाज के महान व्यक्तियों को
सही अर्थों में समझा होता,
या समाज की वास्तविक स्थिति पर
कभी चिंतन किया होता।
देखो जैन समाज या अन्य सक्षम समाज को —
संख्या में कम होकर भी
हर क्षेत्र में अग्रणी हैं वे।
आतंरिक शादी-संबंध करो या मत करो,
यह व्यक्तिगत विषय है।
लेकिन जब बात समाजहित की हो,
तो रूठ मत जाओ तुम।
जब समाज उत्थान की बात हो,
जब शिक्षा और समृद्धि की बात हो,
तो अपने अहम् को
भविष्य के आगे झुका दो तुम।
वरना जो शोषण 3000 वर्षों से सहते आए हो,
उसके अगले 3000 वर्षों के लिए भी तैयार रहो।
अशिक्षा और विभाजन के कारण ही
राजनीति हमें बाँटती और भ्रमित करती है।
यदि समाज शिक्षित होगा,
तो दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखेगा।
तकनीक, विज्ञान और AI को समझेगा।
समाज का योगदान गर्व का कारण बनेगा।
तभी होगी सच्ची समाज सेवा —
जिसकी भविष्य को आवश्यकता है।
---
हमारा दृढ़ विश्वास है कि हमारी जैसी पिछड़ी समाज को केवल **शिक्षा ही उबार सकती है।**
शिक्षा केवल नौकरी या धन कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि —
**“शिक्षा का वास्तविक अर्थ है व्यक्ति का रूपांतरण और समाज का परिवर्तन।”**
इसी भावना के साथ हम अपनी बात समाप्त करते हैं।
अगले वर्ष इस आयोजन को और अधिक योजनाबद्ध, व्यापक एवं बेहतर रूप में आयोजित करने का प्रयास करेंगे।
आप सभी के सुझाव एवं सहयोग सदैव आमंत्रित हैं।
हम प्रयास है की यदि किसी बच्चे को 1-1 काउंसलिंग चाहिए तो हम ऑनलाइन सेशन करेंगे।
हर पॉसिबल सहायता जो हमसे हो सकेगी -करेंगे।
🙏 आपका सहयोग एवं आशीर्वाद बना रहे। 👏
धन्यवाद्