उद्देश्य :-
१. संस्था के द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवा/युवतियों को टंकण कला, आशुलिपिक कंप्यूटर सॉफ्टवेर एवं हार्डवेयर, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स रेडियो, टीवी अन्य तकनीकी ज्ञान के बारे में प्रशिक्षण देना। महिलाओं को स्ववाब्लाम्बी बनाने हेतु सिलाई, कटाई, बुनाई, कसीदाकारी, पेंटिंग, गुडिया निर्माण, हस्तकला, शिल्प् कला, हेंडीक्राफ्ट, ब्यूटिशियन आदि के बारे में जानकारी व प्रशिक्षण देना।
२. संस्था के द्व
ारा समाज के गरीब, अल्पसंख्यक, महादलित, पिछडो के आर्थिक, समाजिक, सांस्कृतिक, नेतिक, शेक्षणिक विकाश हेतु विभिन्न कार्यकर्मो का संचालन करना। विभिन्न स्तरों पर शिविर, गोष्टी, सम्मेलन, सेमिनार का आयोजन करना।
3. संस्था के द्वारा दलित, पिछड़े वर्ग के बाल स्वास्थ्य, महिला कल्याण एवं नारी सशक्तिकरण की दिशा में प्रदत दायित्व का निर्वाह करते हुए उनकी प्रगति के लिए कार्य करना। बाल श्रमिक, महिला श्रमिक एवं अन्य श्रमिकों के कल्याणार्थ कार्यकर्मो का संचालन करना।
४. संस्था के द्वारा आदर्श ग्राम के निर्माण के लिए पर्यावरण एवं की समुचित व्यवस्था करना, गन्दी बस्तियों की सफाई, शुद्ध पेय जल की व्यवस्था, शौचालय एवं स्नानागार की समुचित व्यवस्था करना व शहरी सौन्दर्यीकरण आदि।
५. संस्था के द्वारा कृषि एवं बागवानों के विकास हेतु कृषकों को उन्नत बीज, उन्नत खाद, सिचांई के उपयुक्त साधन, जलछाजन, जल संचयन, नलकूप, तालाब आदि उपलब्ध कराना।
६. सुदूर ग्रामीण एवं उपेक्षित क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार के लिए कार्य करना तथा मातृत्व सेवा केंद्र अनाथालय, विश्रामालय, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, वृद्धा आश्रम, परित्यक्त आश्रम, विधवा आश्रम आदि का संचालन करना।
७. संस्था के द्वारा नृत्य कला एवं संगीत, नाट्य तथा ललित कला के प्रचार-प्रसार हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
८. देश की एकता, अखंडता, आपसी सदभावना कार्यक्रमो का संचालन करना, उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज, व्यस्क मताधिकार, विधिक जागरूकता आदि की जानकारी देना एवं जागरूक करना व सांस्कृतिक कार्यकर्म तथा विभिन्न स्तरों में खेलकूद को प्रोत्साहित करना।
९. संस्था के द्वारा विधवा, वृद्ध, विकलांग, गरीब तथा अनाथ बच्चों के लिए आश्रम स्थल, भोजन, मुक्त चिकित्सा प्रदान करना, शिक्षा की व्यवस्था करना एवं महिला संगठनो का गठन करना। संस्था के द्वारा बाढ़, अकाल, महामारी, सुखाड़ एवं अन्य आकस्मिक आपदाओं में शिविर लगाकर रहत कार्यक्रम संचालित करना।
१० संस्था के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु स्वास्थ्य सेवा, तकनिकी प्रशिक्षण आदि का संचालन करना एवं टीवी, हेपेटाइटिस बी, कालाजार, ह्रदय रोग, आँखों की बीमारी, पोलियो, कैंसर, असाध्य रोग एवं एड्स से बचने के लिए आवश्यक जानकारी एवं दवा उपलब्ध करना एवं अन्य नयी-नयी बिमारियों से बचने के लिए प्रचार - प्रसार करना।
११. संस्था के द्वारा महिलाओं एवं बच्चों को चौमुखी विकास हेतु आंगनबाडी, बालबाड़ी, महिला मंडल स्वयं सहायता समूह पालनागृह, पोष्टिक आहार केंद्र एवं ग्रामीण रोजगार योजनाओ का सन्चालन करना।
१२. संस्था के द्वारा स्वास्थय सम्बन्धी कार्यक्रर्मो के अंतर्गत परिवार कल्याण की समुचित जानकारी एवं उन्मूलन जागरूकता अभियान, टीकाकरण, कैंसर जैसे आसध्य रोगों से बचने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करना, कुष्ठ रोगियो के उपचार की व्यव्स्था करना।
१३. संस्था के द्वारा लोगों के शिक्षा व निरक्षरों के लिए साक्षरता के क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्य करेगी, खासकर गरीब लेखन एवं पिछड़े क्षेत्र में वैकल्पिक शिक्षा, नवाचारी शिक्षा,व्यस्क शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, साहित्य-रात्रि पाठशाला, बाल विद्यालय, रात्रि पाठशाला,वाचनालय का संचालन करना।
१४. संस्था के द्वारा लोगों को लघु उद्योग, कृषि उद्योग, गृह उद्योग, खादी ग्रामोद्योग का प्रशिक्षण, पशुपालन, रेशम किट पालन, घृत मक्खन निर्माण, डेयरी प्रोजेक्ट, मधुमक्खी पालन, चरखा एवं हस्त उद्योग का संचालन करना।
१५. संस्था के द्वारा शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु विद्यालय एवं शिक्षण संसथान का संचालन तथा शिक्षा के विभिन्न कार्यकर्मो के बारे में जानकारी देना एवं संचालित करना। मेधावी गरीब छात्रो को प्रोत्साहित करना तथा संगीतालय का सञ्चालन कर लोगों के बोद्धिक विकास में मदद करना।