24/10/2025
मेघनाद सम कोटि सत जोधा रहे उठाइ।
जगदाधार सेष किमि उठै चले खिसिआइ॥
मेघनाद जैसे असंख्य योद्धा मिलकर भी जिसे नहीं उठा पाए,
वो जगत के आधार श्री लक्ष्मण जी उनसे कैसे उठते? सबको मुंह की खाकर लौटना पड़ा!