25/05/2026
#जप, #होम आदि (धार्मिक #अनुष्ठानों) के समय बिना किसी कारण के दूसरे #मनुष्य का #स्पर्श नहीं करना चाहिए। यदि अनजाने में (भूलवश) किसी का #स्पर्श हो जाए, तो #जल का स्पर्श ( #आचमन) करना चाहिए। किन्तु यदि #जानबूझकर किसी सवर्ण का स्पर्श किया जाए, तो तीन बार प्राणायाम करना चाहिए......
#जपहोमादिषु नरमन्यं नाकारणात्स्पृशेत्।
#अबुद्धिपूर्वसंस्पर्शश्चेत्तदा वार्युपस्पृशेत् । #बुद्धिपूर्वकसंस्पर्शे प्राणायामत्रयं #चरेत्।।
परन्तु यदि जिसका #स्पर्श हो गया वह व्रात्य शाखारण्ड हिनक्रिय पतित आदि हैं अथवा तो वो स्वयं निमित्तस्नानार्थी है तो #सचैल स्नान ही करना चाहिए ........