20/09/2024
"मेरा स्लेक्शन हो गया सर,
मैं सुमेर प्रजापत फिफ्टी विलेजर्स के 2013 बैच से बोल रहा हूं ।"
एक अति उत्साही बुलंद आवाज ध्वनि तरंगों से मोबाइल के उस ओर से सुनाई दी......
"बहुत बहुत बधाइयां, शुभकामनाएं हम सभी की ओर से। "
सर मेरा ऑल राजस्थान में 11 वीं रैंक आई है.... वरिष्ठ अध्यापक विज्ञान विषय में.... मेरे आस पास का मैं पहला विद्यार्थी हूं, सर जिसका सलेक्शन हुआ है।..
कभी हकला कर बोलने वाला विद्यार्थी सुमेर आज धारा प्रवाह अपनी सफ़लता को बयां कर रहा था।
अचानक मुझे 2013 के वो दिन याद आ गए जब फिफ्टी विलेजर्स का दूसरा साल था, मेरी MBBS का तीसरा साल । एक दुबला पतला लड़का हकलाती आवाज़ में आकार बोलता है " सर, मेरे पिताजी के कमर में बोरियां डालने से दर्द हो रहा है। तो कोई काम नहीं कर सकते । परिवार चलाने के लिए वो ही काम करते हैं। फिफ्टी विलेजर्स में रसोई में काम कर लेंगे।"
उस समय प्रारंभिक दौर में संस्थान में एक व्यक्ति की जरूरत थी जो समझदार हो और बच्चों को खाना बनाने में मदद करें। सुमेर के पिता श्री केसा राम जी प्रजापत ने 2 साल तक संस्थान में रसोई का काम संभाला। पूरी इमानदारी और जिम्मेदारी से।
सुमेर लाल का नीट में कई प्रयास के बाद नहीं हुआ। बीएससी बीएड कर लिया।
आज एक सुखद अहसास हुआ कि जरूरत मंद परिवार मे खुशियों का माहौल है।
यही फिफ्टी विलेजर्स का उद्देश्य है।
सभी दानदाताओं का आभार जिनके सहयोह से ये बच्चें पढ़ पा रहे हैं।
सादर
Dr Bharat Saran
आगे की कहानी सुमेर की ज़ुबानी
मैं सुमेर लाल पिता का नाम श्री केसाराम जी प्रजापत ग्राम पंचायत पिपराली ,तहसील गुड़ामालानी ,जिला बाड़मेर
मेरा चयन आज राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग मैं वरिष्ठ अध्यापक विज्ञान विषय से 11वीं रैंक के साथ हुआ है।
यह परिणाम मेरे माता-पिता ,बड़े भाई गुरुजनों एवं *50 विलेजर्स सेवा संस्थान* बाड़मेर को समर्पित करता हूं l
*शुरुआती शिक्षा*
मेरी प्राथमिक शिक्षा मेरे क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीमडा नाडा में पूर्ण हुई ।
बाद में दसवीं तक की पढ़ाई राजकीय माध्यमिक विद्यालय पिपराली में पूर्ण हुई।
पिछड़े समाज एवं मध्यमवर्गीय परिवार के साथ में,मेरे माता-पिता किसान है,....
दसवीं का एग्जाम देने के बाद है, आगे की पढ़ाई का कोई विचार नहीं था, लेकिन कुछ लोगों के कहने पर पॉलिटेक्निक व आईटीआई करने की सोच रखी थी, ताकि जल्दी जॉब मिल जाए।
तो गर्मियों की छुट्टियों में ,मैं मेरे बड़े भाई ठाकराराम के साथ पालनपुर गुजरात में कमठे के काम पर चला गया.... वहां मेरे काम करते वक्त मेरे बड़े भाई के पास है मेरे गुरुदेव ओमप्रकाश जी सर का (तत्कालीन मेरे विज्ञान के गुरुजी) फोन आता है की बाड़मेर में एक परीक्षा होगी जो 50विलेजर्स संस्थान के नाम का एक एग्जाम है जो की सुमेर को दिलवाना है
इस बात का पता बिल्कुल नहीं था कि किसका एग्जाम है ?क्या सिलेबस है..?.
अब गुरु जी के साथ है हम पांच विद्यार्थी बाड़मेर आकर यह 50 विलेजर्स की परीक्षा दी (2013) और उनमें से मेरा एक का चयन हो गया...
ग्रामीण पृष्ठभूमि से होने के कारण मुझे अपने सही ढंग से विचार व्यक्त करने तक नहीं आते थे, समय गुजरता गया और मैं 50 विलेजर्स संस्थान में अध्ययन करता रहा, मैने 12वीं कक्षा उतीर्ण कर ली इसके बाद संस्थान में रहते हुए मैंने पीजी कॉलेज बाड़मेर से बीएससी मैं प्रवेश लिया ।
संस्थान में रहते हुए डॉक्टर भरत जी sir के निर्देशन में विभिन्न सरकारी स्कूलों में (मांगता ,लंगेरा, खड़ीन) एवं समर कैंप में अध्यापन कार्य करवाया , जिससे मेरे को बहुत ही फायदा हुआ, ... यह एक स्पीच थेरेपी की तरह काम किया।
और हां मैं बताना चाहूंगा कि जब मैं संस्थान में प्रवेश लिया तो मेरे घबराहट लेवल इतना था कि मैं खड़े होकर अपना सही तरीके से परिचय तक, नहीं दे पाता था... लेकिन संस्थान में आने से मुझे अच्छे साथी ,सीनियर व गुरु जन मिले जिससे मेरी सारी समस्याएं दूर हो गई
विशेष कर *डॉक्टर भरत सारण* sir का, जीवन में आभारी रहूंगा कि उनके सानिध्य में मुझे जीवन में बहुत ही ज्यादा सीखने को मिला, उन्होंने मेरे जीवन में आत्मविश्वास पैदा करके मुझे वरिष्ठ अध्यापक ऑल राजस्थान में 11वीं रैंक के साथ चयन करने का उनका एक बड़ा योगदान है...
मैं एक बार मैं अपने गुरुजनों एवं 50 विलेजर्स संस्थान बाड़मेर का फिर हृदय की अतल गहराइयों से आभार प्रकट करता हूं मैं संस्थान को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि शिक्षा के इस गरिमा पूर्ण पेशे से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान अच्छे तरीके से निभाऊंगा, एवं संस्थान की विचारधारा को आगे तक ले जाने का प्रयास करूंगा।...संघर्ष से कभी डरना नहीं चाहिए
क्योंकि यह भी एक कहानी है
जो सफल होकर सबको सुनानी है!
Thanks to all