26/03/2023
सांप्रदायिक सौहार्द की बेमिसाल पहचान रखने वाली सिंधी मुस्लिम बिरादरी जो बड़ी तादाद में सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, पाली व नवगठित जिलों- बालोतरा, सांचोर, अनूपगढ़ सहित प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में निवास करते हैं।
खेती और पशुपालन जैसे पुश्तैनी कार्य पर अधिकांश निर्भर रहने वाली इस कौम का यह कार्य भी अकाल, कम वर्षा सहित अनेक कारणों से काफी प्रभावित हुआ है। शिक्षा के स्तर के रूप में इस तबके की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
राजस्थान की क़रीब पच्चास से अधिक विधानसभा सीटों पर अपना वोट कास्ट करने वाले इस समुदाय के साहित्य, भाषा, लिपी को सरकारों द्वारा हमेशा से नज़र अंदाज़ किया गया है, जिस वजह से इसे उचित स्थान नहीं मिल पाया है।
आजादी के बाद से समय- समय पर सरकारों ने विभिन्न भाषाओं, समुदायों के बोर्डों का गठन किया है, जिससे उनका उत्थान अवश्य हुआ है। अन्य समुदायों के लिए गठित बोर्डों की फेहरिस्त में सिंधी मुस्लिम कौम का तबका सबसे नीचे के पायदान में है।
सरकार को आगाह करना हमारा फ़र्ज़ बनता है। अतः इस सिलसिले में माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर सिन्धी मुस्लिम विकास बोर्ड का गठन करने, बोर्ड के अध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा देने, राजस्थान लोक सेवा आयोग में एक सदस्य सिन्धी मुस्लिम कौम के व्यक्ति को नियुक्त करने, विद्यालयों में सिन्धी अध्यापकों की नियुक्ति करने, सिंधी अकादमी में सिन्धी मुस्लिम बिरादरी का प्रतिनिधि व्यक्ति शामिल करने की मांग की है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि राज्य सरकार सिंधी मुस्लिमों के उत्थान के लिए सकारात्मक कदम जरूर उठाएगी तथा इन जायज मांगों को पूरा करेगी।
Ashok Gehlot
CMO Rajasthan
Shale Mohammad
Indian National Congress
Indian National Congress - Rajasthan
Thanks Shama Bano jii