26/12/2024
जमाना कर ना सका उसके कद का अंदाजा
वो आसमान था मगर सिर झुका कर चलता था!
महान अर्थशास्त्री व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन इस देश के लिए एक अपूर्णनीय क्षति है, यह देश आपके सरल सौम्य व्यवहार एवं कुशल नेतृत्व को सदा याद रखेगा ।
अश्रुपूर्ण श्रृद्धांजलि।।
ईश्वर आपको श्री चरणों में स्थान प्रदान करें ।
ॐ शांति ॐ ।
मनमोहन सिंह
🔶 *उदारीकरण के जनक*
♦️ *1991 में, भारत जब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, उस समय डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया।*
♦️ *उन्होंने ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की*
🔶 *प्रधानमंत्री के रूप में*
♦️ *डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक दो कार्यकालों के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे।*
♦️ *वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो लोकसभा चुनाव नहीं जीते थे और राज्यसभा सदस्य रहते हुए इस पद पर आसीन हुए।*
♦️ *उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास और सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।*
♦️ *वे 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर भी रहे।*
♦️ *पूर्व पीएम राजीव गांधी की सरकार में वह 1985 से 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख के पद पर भी रहे।*
♦️ *1991 में, पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में, डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नया रूप दिया।*
♦️ *उन्होंने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को अपनाया*
♦️ *डॉ. मनमोहन सिंह 1991 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने।*
♦️ *उन्होंने असम का प्रतिनिधित्व पांच बार किया और 2019 में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बने*
♦️ *1998 से 2004 तक, जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी, डॉ. मनमोहन सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे*
♦️ *2004 के आम चुनावों के बाद 22 मई को उन्हें भारत का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया*
♦️ *उन्होंने 2009 में दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 2014 तक इस पद पर रहे*