05/07/2024
5 साल में मोबाइल रिचार्ज 1400% की वृद्धि हुई जो प्रधानमंत्री जी के खास मित्र की jio है। लेकिन एक बात समझ में नही आती की सरकार प्रत्येक आवेदन के लिए भिन्न भिन्न नंबर की व्यवस्था लाकर इन मोबाइल कंपनियों को प्रत्यक्ष लाभ दिलाने का काम किया है इसके विपरित जहां युवाओं को रोजगार नहीं वही शिक्षा में शुल्क वृद्धि से काफी मंहगाई की। लेकिन नियंत्रण के नाम पर शून्य प्रयास है। क्योंकि जब सभी क्षेत्रों में महंगाई या वृद्धि 10% से अधिक प्रतिवर्ष नहीं होनी चाहिए वही टेलीकॉम क्षेत्र में 5 वर्ष में 1400% की वृद्धि हमारी सरकार और व्यवस्था दोनो पर सवाल है की किसान की फसल का रेट भी किसान तय करेगा। क्योंकि सरकार ने ही किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रखा है क्योंकि खाद फसलों की दवाएं सभी ज्यादा महंगी है और फसल उसी रेट पर लागत भी नहीं निकालती। किसान दिन प्रति दिन कर्ज में डूब रहा।और कंपनिया 200% शुद्ध मुनाफे में चल रही है और किसान से ही कमाकर हमारे देश में 80% किसान है।
जबकि मोदी जी कहते है पूरा देश हमारा परिवार है तो क्या पूरे देश के परिवारों को लुटवाकर टेलीकॉम कंपनी के दो परिवारों को ही देना चाह रहे हैं जियो और एअरटेल क्या रिचार्ज रेट नियंत्रण के लिए कानून व्यवस्था बनाए हैं की जब चाहे कंपनी जो चाहे एलान कर दें। यूट्यूब चैनल वालों को रोकने का कानून बना दिया लेकिन पूरे देश के किसानों गरीबों और बच्चों जो पढ़ाई करते है ऑनलाइन रूप में सब प्रधानमंत्री जी बोझ बढ़ाया है क्योंकि देश की बागडोर आपको इसलिए दी गई थी की आप जान कल्याण करेंगे। आप जियो और एअरटेल का ही कल्याण करने में लगे हैं। आप देश के प्रधानमंत्री है या टेलीकॉम कंपनियों के? देश जानना चाहता है इन पर रेट नियंत्रण नियम कब बनेगा?