11/11/2023
.इंदु फाउंडेशन ने कभी काम करना बंद नहीं किया है। हर दिन हमारे पास मामले आ रहे हैं और जो लोग आवारा जानवरों के प्रति स्नेह रखते हैं वे संपर्क कर रहे हैं और हमारी मुफ्त सेवा ले रहे हैं। अभी भी हमारे एनजीओ के पास कोई स्थायी आश्रय नहीं है, इसलिए उनमें से अधिकांश के लिए हम विश्वसनीय नहीं दिखते। यह रवैया ठीक नहीं है लेकिन यह उनका दृष्टिकोण है जिसमें कुछ किया नहीं जा सकता बस समय ही बता पाएगा इसकी हकीकत। लेकिन हम जानते हैं कि हम न्यूनतम संसाधनों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास कर रहे हैं।उनमें से कई लोग पूछ रहे हैं कि हम कोई वीडियो क्यों नहीं पोस्ट करते क्योंकि मैं एक संस्थापक (आराधना सिंह) के रूप में ऐसा नहीं करना चाहती। कहीं ना कहीं मैं ये साबित करते और बताते थक गयी हूं कि हम अभी भी संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से किसी तरह की मदद नहीं लेते।
अंत मे मैं सिर्फ़ इतना कहना चाहती हूं कि जो लोग जानवरों के प्रति स्नेही हैं। कृपया हमें थोड़ा पहले ही कॉल कर दिया करें जब उस जानवर की स्थिति थोड़ा बेहतर होती हैं क्योंकि जादा देर होने पर उनको बचाना हमारे लिए भी बहुत मुस्किल हो जाता है और केस बिगाड़ जाता है।
कृपया इस दिवाली आवारा जानवरों को कम नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें या बिल्कुल भी नुकसान न पहुंचाने क्योंकि वे पहले से ही बहुत डरावनी स्थिति में हैं, जो हमारे लिए उत्सव है, उनके लिए युद्ध जैसा है। कृपया अपने और अपने प्रियजनों के साथ-साथ अन्य प्राणियों के लिए भी यह दिवाली सुरक्षित रूप से मनाएं।
मैं वास्तव में आशा करता हूं कि आप सभी मेरी कही हुई बातों को अनसुना न करें । कृपया मेरे संदेश को साझा करें और अपने जानने वाले से अनुरोध करें कि किसी भी आवारा जानवर को नुकसान न पहुंचाएं ।
सभी को शुभ दिवाली 💥🙏
धन्यवाद 🙏
आराधना सिंह
(संस्थापक-इंदु फाउंडेशन)