27/06/2026
एसिडिटी के कारण, लक्षण और बचाव
एसिडिटी (Acidity) या एसिड रिफ्लक्स एक सामान्य पाचन संबंधी समस्या है। भोजन मुंह से होकर भोजन नली (इसोफैगस) के माध्यम से पेट में पहुंचता है, जहां भोजन को पचाने के लिए पाचक रस और हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है। सामान्य परिस्थितियों में पेट और भोजन नली के बीच मौजूद वाल्व (लोअर इसोफैगियल स्फिंक्टर) पेट के एसिड को ऊपर आने से रोकता है।
जब यह वाल्व ठीक से कार्य नहीं करता, तो पेट का एसिड भोजन नली में वापस आ सकता है। इस स्थिति को एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। यदि यह समस्या बार-बार होती है, तो डॉक्टर इसे जीईआरडी (GERD) कहते हैं। इससे सीने में जलन, खट्टी डकार या अन्य असुविधाएं हो सकती हैं।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पेट का एसिड शरीर के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भोजन, विशेषकर प्रोटीन, के पाचन में सहायता करता है।
एसिडिटी के संभावित कारण
समय पर भोजन न करना।
शारीरिक गतिविधि की कमी।
अधिक वजन या मोटापा।
गर्भावस्था के दौरान पेट पर बढ़ा हुआ दबाव।
भोजन करने के तुरंत बाद लेट जाना।
अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना या अधिक खट्टा भोजन।
धूम्रपान और अत्यधिक तनाव।
कुछ दवाओं के सेवन से भी कुछ लोगों में एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
सामान्य लक्षण
सीने में जलन या असहजता।
खट्टी डकार आना।
गले में जलन या खराश।
मुंह में खट्टापन महसूस होना।
कुछ लोगों में मतली या चक्कर जैसा महसूस हो सकता है।
यदि सीने में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक पसीना या दर्द हाथ, गर्दन या जबड़े तक फैल रहा हो, तो इसे केवल एसिडिटी मानकर नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
लंबे समय तक समस्या रहने पर
बार-बार या लंबे समय तक रहने वाली एसिडिटी कुछ लोगों में भोजन नली की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकती है। कुछ मामलों में इससे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए यदि लक्षण बार-बार हों या लंबे समय तक बने रहें, तो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या योग्य चिकित्सक से जांच कराना उचित है।
जीवनशैली में सुधार
भोजन समय पर करें।
एक बार में बहुत अधिक भोजन करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं।
भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें।
नियमित व्यायाम करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।
तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य आरामदायक गतिविधियों का अभ्यास करें।
यदि रात में एसिडिटी की समस्या अधिक होती है, तो सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।
युवाओं में बढ़ती एसिडिटी
अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, देर रात भोजन, तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण युवाओं में भी एसिडिटी की शिकायत बढ़ रही है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
एसिडिटी से जुड़े सामान्य भ्रम
क्या दूध पीने से हमेशा आराम मिलता है?
कुछ लोगों को ठंडा दूध पीने से अस्थायी राहत महसूस हो सकती है, जबकि कुछ लोगों में इससे लक्षण बढ़ भी सकते हैं। इसलिए इसका प्रभाव व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग हो सकता है।
क्या मसालेदार भोजन पूरी तरह बंद करना चाहिए?
जरूरी नहीं। यदि किसी विशेष भोजन से आपके लक्षण बढ़ते हैं, तो उसकी मात्रा कम करना या उससे बचना बेहतर हो सकता है। संतुलित और पौष्टिक भोजन सबसे अच्छा विकल्प है।
क्या एंटासिड दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं?
एंटासिड और एसिड कम करने वाली दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेने पर लाभदायक हो सकती हैं। लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।
क्या एसिडिटी केवल अधिक एसिड बनने से होती है?
हर बार ऐसा नहीं होता। कई मामलों में समस्या पेट के एसिड की मात्रा नहीं, बल्कि उसके भोजन नली में वापस आने के कारण होती है। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक हो सकती है।
कब डॉक्टर से मिलें?
यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें—
सप्ताह में कई बार एसिडिटी होना।
निगलने में कठिनाई।
लगातार उल्टी या खून आना।
बिना कारण वजन कम होना।
दवा लेने के बाद भी राहत न मिलना।
बार-बार सीने में दर्द होना।
यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य से है। किसी भी बीमारी के निदान या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह लेना आवश्यक है।
प्रकाश जी चौधरी
संस्थापक
श्री राजेश्वर हेल्थ फाउंडेशन
#एसिडिटी