हम रोज़ अख़बारों में राष्ट्रपित, प्रधानमंत्री, अन्य मंत्रियों, राजनितिक पार्टियों, जाने-माने अखबारों के संपादकों और कुछ अन्य प्रतिष्ठिति लोगों की भ्रष्टाचार पर लम्बी-चौड़ी भाषण सुनते हैं लेकिन वे उसे मिटाने के लिये सतही धरातल पर कोई काम नहीं करते | हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत है की सरकारी सेवा में लिप्त लोगों में ऐसा डर पैदा हो की लूट-खसोट के बारे में वे कभी सोचें भी नहीं | सरकारी सेवा में यदि भ
्रष्ट लोग घुसते हैं तो प्रजा-तन्त्र चरमरा जाएगी, क्योंकि प्रजा-तंत्र का सारा दारोमदार इन सरकारी लोक-सेवकों के ऊपर निर्भर करता है और किसी भी शुद्ध प्रजा-तंत्र के लिए यह जरूरी है की हर छोटे या बड़े सरकारी पद पर इमानदार लोग ही बैठें | आज का आलम यह है की अधिकतर संवैधानिक पदों पर भ्रष्ट लोग ( केंद्रीय सतर्कता आयोग के पूर्व आयुक्त के मुताबिक़ ८५% ) बैठे हुए हैं और हर छोटे-मोटे पद पर चयन के लिए घूस दिए हुए हैं | ऐसे लोग दोष-विहीन प्रजा-तंत्र के काबिल नहीं हैं और उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस पहल एवं दंड के माध्यम से सुधार जा सकता है और इसके लिए भ्रष्टाचार मिटाओ सेना बात करने के वजाय, धरातल पर काम करने में विश्वास करती है तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के कुछ जिलों में काम भी करना शुरू कर दिया है |
भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी जंग सतत जारी है और इसके सन्दर्भ में मेरा राजनितिक पार्टियों, विभिन्न सरकारों, विधायकों, संसद सदस्यों एवं लोक-सेवकों के साथ संवाद काम आ रहा है | मुझे अप्रवासी भारतीय सम्मेलन, जो की जनवरी-२०११ के महीने में सम्पन्न हुआ, में 'भ्रष्टाचार मिटाओ सेना' के तरफ से एक वक्ता के रूप में मेरे गृह-मंत्री को संबोधित पत्र को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन मेरे व्यस्त कार्यक्रमों के वजह से मुझे उसमें भाग लेने का मौका नहीं मिल सका | आयोजकों ने मेरे पत्र को राष्ट्रपति, गृह-मंत्री एवं प्रधान मंत्री तक पहुँचाया है और मेरे सुझावों पर कार्य करने का आश्वासन भी मिला है | मेरे अथक प्रयासों एवं vinay1340.wordpress.com पर प्रस्तुत भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार पर किये गये शोध के वजह से बहुत सारे लोग इस दिशा में सोच रहे हैं और जाने-माने लोग जैसे नितीश कुमार, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, रवि शंकर, प्रेमजी, बाबा रामदेव, किरण वेदी एवं और अन्य जानी-मानी हस्तियाँ आगे आ रहीं हैं, जो की एक शुभ संकेत है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का शंखनाद है | यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरे सुझावों (इसके लिए कृपया मेरी पुस्तक, 'उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें', पढ़ें ) को क़ानून के रूप में अमली जामा पहनाया जाता है तो लोगों का पैसा विदेशों में नहीं जायेगा, गावों की सड़कें भी चमकेगीं, स्कूलों का भवन जर्जर नहीं रहेगा, असली लाभार्थी को उसका हक़ मिलेगा, लोक-सेवक अपने को जनता का नौकर समझेगें न की शासक, गरीब ज्यादा गरीब और धनी ज्यादा धनी नहीं होगा, घूसखोरों एवं लूट-खसोट करने वालों की सम्पति जब्त हो जाएगी और जनता के किसी भी काम का निपटारा समय से होगा |