18/08/2025
चकवा गाँव के मोहर्रम की सबसे ख़ास बात है आपसी एकता। यहाँ हर घर में मेहमान-नवाज़ी होती है, लोग शर्बत और सबील लगाते हैं। इमाम हुसैन की कुर्बानी से मिलने वाला सबक—ज़ुल्म के सामने सर झुकाना नहीं, हक़ और इंसाफ़ के लिए डटे रहना—यही पैग़ाम हर साल लोगों के दिलों में ताज़ा कर देता है।