आजमगढ़ पुस्तक मेला

आजमगढ़ पुस्तक  मेला The main motto of Azamgarh book fair is to promote reading culture in the young generation

24/03/2025
24/03/2025
आजमगढ़ पुस्तक मेला तीसरा दिन साथ अपने अंदर भी बदलाव लाना समय की मांग-डा. संजीव कुमारज्यादा पढ़ना आपको ज्ञान केे अथाह सागर...
21/03/2025

आजमगढ़ पुस्तक मेला तीसरा दिन
साथ अपने अंदर भी बदलाव लाना समय की मांग-डा. संजीव कुमार
ज्यादा पढ़ना आपको ज्ञान केे अथाह सागर का साक्षात्कार कराता है-चन्द्रभूषण
भारतेन्दु नाट्य अकादमी के रंगमंडल द्वारा श्री बिपिन कुमार द्वारा निदेर्शित नाटक ‘‘निर्माण से निर्वाण तक’’ का मंचन

20 मार्च, आजमगढ़
नेशनल बुक ट्स्ट, इंडिया, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से पर्यटन और संस्कृति विभाग उ0 प्र0, जिला प्रशासन आजमगढ़ एवं शुरूआत समिति की संयुक्त पहल पर आयोजित 25वें आजमगढ़ पुस्तक मेले के तीसरे दिन ‘‘ई पुस्तकालय का कैसे करे प्रयोग’’ एवं ‘‘ हमारा आजमगढ़’’ विषय पर विमर्श का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में नयी दिल्ली से आये प्रख्यात पत्रकार एवं लेखक श्री चन्द्रभूषण ने कहा कि ज्यादा पढ़ना आपको ज्ञान केे अथाह सागर का साक्षात्कार कराता है। उन्होंने आजमगढ़ के ऐतिहासिक परिपेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरब में नायक भक्ति का चलन है और पूरब के आदमी की सबसे बड़ी कमी यह है कि वह सही और गलत का भेद किये बिना अपने नायकों को चुन लेता है जिससे जो असल में नायक होते हैं जो वास्तविकता में हमारी संस्कृति के वाहक होते हैं वह पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने अपनी तिब्बत यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वह अभिभूत हो गये कि यह देखकर कि तिब्बत की राजधानी ल्हासा में राहुल सांकृत्यायन का रेखाचित्र मौजूद है। यह आजमगढ़ और उसकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के वास्तविकता से परिचय कराता है। वह यह बताता है कि आजमगढ़ बम, बारूद और आतंक का गढ़ नहीं है बल्कि साहित्य, संस्कृति और सृजन का गढ़ हैै। उन्होंने कहा कि सूचना क्रान्ति के दौर में जब मनुष्य की हर चीज एक स्क्रीन के पीछे मौजूद हो तब हमें भी समय के साथ कदम ताल करना चाहिए। ईबुक्स आज के समय की वास्तविकता है और हमें उन्हें अपनाने में संकोच नही करना चाहिए।
इस अवसर पर भारतेन्दु नाट्य अकादमी के निर्देशक श्री विपिन कुमार ने कहा कि भूमण्डलीकरण के दौर में वैश्विक ज्ञान के लोकतांत्रिकरण का सबसे सशक्त माध्यम ईबुक्स है। जो हर जगह, हर समय सुलभ है।
इस अवसर पर महाराजा सुहैल देव यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. संजीव कुमार ने कहा कि आजमगढ़ के युवाओं को चाहिए कि वह ज्ञान के हर साधन का प्रयोग करने में सक्षम हो और बदलते हुए वक्त के साथ अपने अंदर भी बदलाव लायें।

आप सभी सादर आमंत्रित है।स्थान हरिऔध कला केंद्र 21 मार्च 2025 दोपहर 3 बजे।
21/03/2025

आप सभी सादर आमंत्रित है।
स्थान हरिऔध कला केंद्र 21 मार्च 2025 दोपहर 3 बजे।

आप सभी आमंत्रित हैं।आजमगढ़ पुस्तक मेला साहित्य, सृजन और संस्कृति का महोत्सव
19/03/2025

आप सभी आमंत्रित हैं।
आजमगढ़ पुस्तक मेला
साहित्य, सृजन और संस्कृति का महोत्सव

योगी आदित्यनाथ महाराज  के सपने  को साकार करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने लगाया 25 वां आजमगढ़ पुस्तक मेला। नेशनल बुक...
19/03/2025

योगी आदित्यनाथ महाराज के सपने को साकार करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने लगाया 25 वां आजमगढ़ पुस्तक मेला।
नेशनल बुक ट्रस्ट,पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उ. प्र. जिला प्रशासन आजमगढ़ और शुरुआत समिति की संयुक्त पहल
पर्यटन एवं संस्कृति परिषद लगायेगा अब हर वर्ष पुस्तकमेला-जिलाधिकारी
25वां आजमगढ़ पुस्तक मेला साहित्य और ज्ञान का महोत्सव

आजमगढ़दृ माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के सपने को साकार करते हुए नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से,पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उ. प्र. जिला प्रशासन आजमगढ़ और शुरुआत समिति की संयुक्त पहल आजमगढ़ के साहित्य प्रेमियों के लिए 25वें आजमगढ़ पुस्तक मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले का आयोजन श्री मुकेश कुमार मेश्राम की प्रेरणा से एवं मेले कर उद्घाटन श्री नवनीत चहल के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस वर्ष का पुस्तक मेला शिक्षा, साहित्य, कला और इतिहास के प्रति जनमानस को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों से भरपूर रहा। मेले का संयोजन मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ श्री परीक्षित ने किया।
इस जिलाधिकारी श्री नवनीत चहल ने कहा, युवा जब साहित्य से जुड़ेंगे, तब ही श्रेष्ठ भारत के निर्माण की कल्पना साकार होगी। पुस्तकें हमें नई दिशाओं की ओर ले जाने के साथ-साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से पर्यटन एवं संस्कृति परिषद आजमगढ़ पुस्तक मेला लगायेगा और इसे हर वर्ष जारी रखा जायेगा।
इस अवसर पर जिलधिकारी आजमगढ ने कहा कि पुस्तक मेले का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना है, ताकि वे ज्ञान और बौद्धिकता के मार्ग पर आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला केवल किताबों का आदान-प्रदान करने का मंच, बल्कि यह विचारों, संस्कृतियों और ज्ञान संगम है। आजमगढ़ के लोग साहित्य के प्रति हमेशा जागरूक रहे हैं और यह मेला उनकी बौद्धिक संपन्नता को और समृद्ध करने का कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती नीरजा माधव ने साहित्य के महत्व को उजागर करते हुए कहा, पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि वे हमारी सोच को दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी होती हैं।

15/03/2025

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