10/05/2026
✨ पधारिए… देव द्वार, हरित-भूमि केरल की गोद में एक अद्वितीय, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक महायात्रा में!✨
🌹 मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर 🌹
(उत्तर भारत–दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह)
द्वारा: SMSF स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा, जिला-पलक्कड़, केरल।
Online Registration Link
https://dpkavishek.in/event-home.php
क्या आप आत्मशांति, भारतीय संस्कृति और प्रकृति के दिव्य संगम का अनुभव करना चाहते हैं?
यदि हाँ, तो यह आयोजन आपके लिए है। जहाँ सह्याद्रि की पर्वतमालाएँ ध्यान के लिए अनुकूल है,
जहाँ नारियल के वृक्षों की लहराती पंक्तियाँ प्रकृति का संगीत रचती हैं, जहाँ बैकवाटर्स, मंदिर - परंपरा, कथकली, आयुर्वेद और मलयाली संस्कृति भारत की जीवंत सभ्यता का दर्शन कराती है—
उसी हरित-भूमि, देव द्वार केरल में एक अनुपम आत्मिक चेतना-यात्रा के लिए आप सभी आमंत्रित हैं।
🗓️ कार्यक्रम का विवरण
दिनांक: 16 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक (चार दिवसीय आवासीय)
स्थान: SMSF स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा, जिला-पलक्कड़, केरल।
➖प्रतिभागिता: हार्टफुलनेस मेडिटेशन शिविर व सम्मान समारोह में पूर्णतः निःशुल्क प्रतिभागिता ।
➖दान स्वरूप सहयोग राशि: मात्र ₹4,500/- चार दिवस तक आवास+भोजन व्यवस्था हेतु। प्रत्येक कमरे में 3 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था तथा तीन टाइम शुद्ध सात्विक भोजन की उपलब्धता।
💖 हार्टफुलनेस ध्यान- योग के अद्भुत लाभ।
हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर (Heartfulness Meditation Centre) विश्व की एक अग्रणी संस्थान है जिसकी भारत समेत पूरी दुनिया में मेडिटेशन के हजारों उन्नत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश सेंटर संचालित है। यह एक सरल और प्रभावी पद्धति है जो आपके हृदय पर ध्यान केंद्रित करके आपको आत्मानंद की मस्ती, शांति और संतुलन की गहरी अवस्था में ले जाती है।
| शिविर से लाभ क्षेत्र | विवरण |
मानसिक शांति
✅ तनाव (Stress) और चिंता (Anxiety) से मुक्ति। विचारों में स्पष्टता और एकाग्रता में वृद्धि।
| भावनात्मक संतुलन |
✅ नकारात्मक विचारों की पकड़ ढीली होती है। सहानुभूति, आत्मविश्वास और जागरूकता का विकास।
| शारीरिक स्वास्थ्य |
✅ नींद की गुणवत्ता में सुधार। ब्लड प्रेशर और हृदय गति को नियंत्रित करने में सहायक।
| आध्यात्मिक विकास |
✅ आंतरिक दिव्यता और सहनशीलता के गुणों का विकास। जीवन में संतोष और आनंद की अनुभूति।
| अलौकिक यात्रा|
✅ आंतरिक यात्रा, ब्रह्मांड की सैर, सूक्ष्म जगत का दर्शन तथा कुंडलिनी जागरण इत्यादि।
🕉 चार दिवसीय आध्यात्मिक एवं बौद्धिक आयोजन।
✅ हार्टफुलनेस ध्यान-योग प्रशिक्षण
✅ श्रीमद्भागवत गीता विमर्श
✅ उत्तर भारत–दक्षिण भारत का सांस्कृतिक समन्वय एवं संवाद
✅ राष्ट्रीय सम्मान समारोह
✅ उत्तर-दक्षिण भारत के विद्वानों, साधकों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और समाजसेवियों का मिलन, काव्य गोष्ठी, एवं वैचारिक चिंतन- मंथन तथा परिचर्चा।
🌴 केरल दर्शन (विशेष भ्रमण)
✅ पलक्कड़ एवं आसपास के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण।
✅ हरित पर्वत, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से साक्षात्कार।
✅ आध्यात्मिकता और पर्यटन का अद्भुत समन्वय।
यह मात्र एक शिविर नहीं—
यह उत्तर और दक्षिण भारत के हृदयों को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है।
यह आत्मबोध, भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का जीवंत उत्सव है।
यह साधना, सम्मान और सभ्यता-संवाद का दुर्लभ अवसर है।
🌅 किनके लिए?
साधक एवं आध्यात्मिक जिज्ञासु, विद्वान, शिक्षक, शोधार्थी, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त महिला व लोकसेवा से जुड़े व्यक्तित्व तथा भारत की सांस्कृतिक एकता में विश्वास रखने वाले सभी सज्जन।
▪️सीमित स्थान | पूर्व पंजीकरण अनिवार्य
ऑनलाइन आवेदन लिंक
https://dpkavishek.in/event-home.php
➖आवेदन प्रारंभ तिथि: 05 मई 2026
➖आवेदन की अंतिम तिथि: 30 जून 2026
अधिकतम 50 महानुभावों के लिए।
सीटें सीमित हैं। आज ही अपना पंजीकरण और स्थान सुनिश्चित करें
क्योंकि कुछ यात्राएँ केवल देखी नहीं जातीं बल्कि साक्षात अनुभव की जाती हैं।
आइए, देव -द्वार केरल की हरित चेतना तथा मलयगिरि पर्वत के गोद में आत्मा को स्पंदित करें।
⭐ विशेष आकर्षण: उत्तर भारत–दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह
शिविर के अंतिम दिवस, सभी प्रतिभागी महानुभावों को उनके समर्पण और भागीदारी के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान आपकी आत्मिक यात्रा में एक अमूल्य उपलब्धि होगी जो पूर्णतः निःशुल्क होगी।
➖ इस कार्यक्रम के दरमियान अद्वितीय, असाधारण व अनोखे कार्य करने वाले अथवा कीर्तिमान धारक महानुभावों का ब्यौरा यूनिक रिकॉर्ड्स ऑफ यूनिवर्स पोर्टल पर निःशुल्क दर्ज किया जा सकेगा।
➖ इस सम्मान समारोह के दौरान प्रतिभागी महानुभाव अपनी पुस्तक का विमोचन करा सकते हैं जिसका निःशुल्क ई-प्रकाशन दिव्य प्रेरक कहानियाँ ई-प्रकाशन केंद्र पर किया जाएगा।
➖सम्मान समारोह के दौरान चयनित 13 श्रेष्ठ शोधार्थियों/महानुभावों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि संबद्ध राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से दिलायी जाएगी।
कार्यक्रम संयोजक:
डॉ. अभिषेक कुमार
साहित्यकार व विचारक
+91 9472351693
कार्यक्रम प्रभारी:
डॉ. चंदन कुमार, सासाराम, बिहार
+918709444600
* डॉ. वैभवकांत आदर्श, पलामू, झारखंड
+919431136033
* श्री शीतल भूतेश्वरी, गोंदिया, महाराष्ट्र
+917385056064
* डॉ. राजीव भारद्वाज, गढ़वा, झारखण्ड
+919006726655
* श्री सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
+919580008185
* श्री राजनरायन गुप्त कैमी, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
+916200847486
* श्री संदीप छीपा, दौसा, राजस्थान
+919799912211
* श्री ताराचंद बुगालिया, कुचामन सिटी, राजस्थान
+919784904840
🌺 सानिध्य व मार्गदर्शन 🌺
श्री नंदलालमणि त्रिपाठी, डॉ. सौरभ पाण्डेय जी महाराज, श्री हिरेन शाह, डॉ. डी. आर. रेवाला, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. प्रकाश चंद टेलर।
🌸 शुभाशीष 🌸
▪️संत डॉ. नानक दास जी महाराज
▪️संत श्री सुधीर दास शास्त्री जी महाराज
आयोजक:
दिव्य प्रेरक कहानियाँ
भारतीय भाषा समन्वय एवं सहयोग परिषद्
A Unit of
दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास
ठेकमा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश