20/09/2025
रेलियो न बैरी जहजियो न बैरी
ऊही पइसवा बैरी हो,
दिन दिन भरमाय पिया को
ऊही पइसवा बैरी हो..
अमेरिका ने भारतीय प्रोफ़ेशनल्स के लिए H1B वीज़ा फीस बढ़ाकर 88 लाख रुपये कर दी है।
पहले यह फीस 1 से 6 लाख रुपये के बीच हुआ करती थी। जो वहां काम कर रहे हैं, उनके पास विकल्प हैं, सबसे बुरा उनके लिए, जो भारी लोन लेकर अमेरिका पढ़ने के लिए गए हैं।
USA में भारतीय प्रोफ़ेशनल्स के दबदबे से चिन्तित अमेरिका द्वारा US First नीति के तहत भारी-भरकम फीस लगाकर भारतीयों के लिए दरवाज़े लगभग बंद किए जा रहे हैं। इसका असर तुरंत दिखेगा।
जो वहां ग्रीन कार्ड होल्डर हैं, देखिए उनका क्या होता है, और जिन भारतीयों ने US की नागरिकता ले रखी है, और जिनकी संख्या भारी है, तो वे चाहें तो यह तय करें कि दुनिया में समानता की बात करने वाले देश में दोयम दर्जे के बनने में कितना सुख है, सुख है, तो वहीं बने रहिए, वैसे भी, आप सबने तो भारत का आंचल कब का छोड़ दिया था।
लौट आइए, वैसे तो पहले ही लौट आना था, लेकिन अब भी आ जाइए, मातृभूमि मां है, और मां तो उनको भी अपना लेगी जो मां को पलट कर देखने भी नहीं आए। परदेस परदेस ही होता है। अपना देश अपना ही देश है।
"जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी"