वैभव शिवाय

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किए सभी स्वयंसेवकों बन्धुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं... 🙏
02/10/2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण
किए सभी स्वयंसेवकों बन्धुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं... 🙏

जन्मदिन यानी जीवन की किताब का एक और अध्याय पूर्ण हुआ...जन्मदिन सिर्फ एक तारीख नहीं होती यह उस जीवन रूपी किताब के एक अध्य...
13/08/2025

जन्मदिन यानी जीवन की किताब का एक और अध्याय पूर्ण हुआ...

जन्मदिन सिर्फ एक तारीख नहीं होती यह उस जीवन रूपी किताब के एक अध्याय का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होती है । हर साल जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, हमारे अनुभवों की स्याही से हमारी कहानी और गहरी, और विस्तृत होती जाती है। इस किताब के पन्ने कभी-कभी खुशियों से झिलमिलाते हैं, कभी संघर्षों की लकीरों से भरे होते हैं, और कभी उन सवालों से, जिनके उत्तर शायद हमें अभी नहीं मिले...

हर अध्याय अपने साथ सीख लेकर आता है -कुछ धैर्य सिखाते हैं , कुछ प्रेम की गहराई, और कुछ हमें अपने ही भीतर झांकने की हिम्मत देते हैं। और जब एक अध्याय समाप्त होता है, तो यह अंत नहीं होता। यह हमारे भीतर छुपे हुए नए सपनों और अदृश्य संभावनाओं के लिए जगह बनाने का समय होता है...

हर जन्मदिन हमें याद दिलाता है कि जीवन की किताब के हम लेखक हैं, और अगले अध्याय की कहानी हमारे ही हाथों में है। यह दिन अवसर है, न केवल बीते हुए अध्याय को सम्मान देने का, बल्कि आने वाले पन्नों पर अपनी इच्छाओं, उम्मीदों और प्रेम की नई कहानी लिखने का तो हर जन्मदिन पर अपने जीवन की किताब को गर्व से थामें, अपनी सफलताओं पर मुस्कुराएँ, असफलताओं को अपनाएँ, और आने वाले हर अध्याय को खुले दिल से स्वागत करें...

क्योंकि हर अध्याय की समाप्ति, एक नई शुरुआत का संकेत होता है...

जिंदगी एक अनकही अनसुलझी कहानी हैं और इस कहानी के हम सभी अलग अलग पात्र हैं...हम सभी यहाँ अपना अलग-अलग किरदार अलग- अलग रूप...
29/06/2025

जिंदगी एक अनकही अनसुलझी कहानी हैं और इस कहानी के हम सभी अलग अलग पात्र हैं...

हम सभी यहाँ अपना अलग-अलग किरदार अलग- अलग रूपों में निभा रहें हैं...

और यहाँ सभी के अपने अलग-अलग दुःख हैं कोई यहाँ सबकुछ पाकर भी नाखुश हैं, तो कोई उसके पास जो हैं, उसी में खुश हैं यहाँ कोई बहुत ज्यादा पैसे कमाने की होड़ में लगा हुआ हैं, तो किसी को सिर्फ शांति और जीवन में सूकून की तलाश हैं...

यहाँ हर किसी की लड़ाई अलग हैं, कोई हँसते- हँसते टूट रहा हैं और कोई टूटे मन से खुद को जोड़ रहा हैं...
कोई खुद को किसी और से तुलना कर के दुखी हैं तो कोई बाहरी दिखावा कर के खुद को खुश रखने का नाटक कर रहा हैं...

लेकिन जीवन की सार्थकता इसी बात में हैं कि,जो मिल गया वो कम नहीं हैं और जो नहीं मिला शायद उसकी अवश्कता भी नहीं अपेक्षाएं किसी कि पूरी नहीं होती अपने कर्म पर विश्वास रखिए जो ईश्वर ने आपके लिए सोच रखा है वह आपको मिलेगा ही "ईश्वर कि योजनाएं हमारी कल्पनाओं से बहुत अधिक बड़ी हैं"...

इस्कॉन अतरौली द्वारा आयोजित समर कैंप मे सहभाग करने वाले बच्चो को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित....
03/06/2025

इस्कॉन अतरौली द्वारा आयोजित समर कैंप मे सहभाग करने वाले बच्चो को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित....

SDM अमान सर के साथ गर्मी में पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए वितरित किए मिट्टी के वर्तन...
01/06/2025

SDM अमान सर के साथ गर्मी में पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए वितरित किए मिट्टी के वर्तन...

अहिल्याबाई होल्कर जी की 300 वीं जन्म जयंती पर उन्हें नमन... 🙏राजमाता अहिल्याबाई होलकर मालवा साम्राज्य की होलकर रानी थीं ...
31/05/2025

अहिल्याबाई होल्कर जी की 300 वीं जन्म जयंती पर उन्हें नमन... 🙏

राजमाता अहिल्याबाई होलकर मालवा साम्राज्य की होलकर रानी थीं उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में से एक माना जाता है 18वीं शताब्दी में, मालवा की महारानी के रूप में, धर्म का संदेश फैलाने में और औद्योगीकरण के प्रचार- प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान देश के लिए रहा आज वे व्यापक रूप से अपनी बुद्धिमत्ता, साहस और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती हैं...
मध्य भारत में आपने तीस वर्षों तक शासन चलाया यह एक ऐसे काल के रूप में प्रसिद्ध है, जिसके दौरान एक उत्तम व्यवस्था और अच्छी सरकार बनी तथा लोगों को समृद्धि प्राप्त हुई वे एक बहुत ही योग्य शासक और प्रबंधक थीं, जिन्हें अपने जीवनकाल में बहुत सम्मान प्राप्त हुआ उनकी मृत्यु के बाद, कृतज्ञ लोगों द्वारा उन्हें एक महान युग परिवर्तक के रूप में माना गया...

06/05/2025

जानकी नाथ सहाय करें... 🙏

06/05/2025
सच्चे जुड़ाव की राह न पीछे, न आगे...कुछ रिश्ते सिर्फ साथ होने तक सीमित नहीं होते वे मन और आत्मा से बंधे होते हैं...अगर आ...
08/04/2025

सच्चे जुड़ाव की राह न पीछे, न आगे...

कुछ रिश्ते सिर्फ साथ होने तक सीमित नहीं होते वे मन और आत्मा से बंधे होते हैं...
अगर आप किसी से सच्चे दिल से जुड़े हैं, तो वह जुड़ाव आपको कभी पीछे मुड़कर देखने नहीं देगा और न ही भविष्य में किसी और के बारे में सोचने देगा...
यह जुड़ाव समय का मोहताज नहीं होता, यह एक एहसास होता है जो न बीते कल में खोता है न आने वाले कल की तलाश करता है यह बस वर्तमान में जीता है पूरी शिद्दत से बिना किसी शर्त के...
अगर किसी ने सच में दिल से आपको अपनाया है तो वो ना आपको भुला सकता है ना किसी और से वही जुड़ाव महसूस कर सकता है क्योंकि सच्चा रिश्ता एक छवि छोड़ जाता है एक अहसास छोड़ जाता है जो किसी और चेहरे में नजर नहीं आता...
अगर आप किसी से दिल से जुड़े हैं, तो आप ना अतीत के पलों में फंस सकते हैं न भविष्य में किसी और की कल्पना कर सकते हैं आप भले ही दूर हो जाएं, लेकिन एहसास जिंदा रहता है..
आप लाख कोशिश करें पर कोई और उसे कभी पूरी तरह नहीं बदल सकता...
वह इंसान आपकी आदत नहीं, आपकी पहचान बन जाता है जब कोई दिल में उतर जाता है, तो उसके आगे कोई और जगह बना ही नहीं सकता कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो खत्म नहीं होते वे बस समय की परछाइयों में ठहर जाते हैं...

जीवन मे सबसे सुखी और संतुलित इंसान वही  है जो कभी भी किसी से भी बिना कोई उम्मीद रखे अपनी शर्तों पर अपनी यात्रा तय करे......
15/03/2025

जीवन मे सबसे सुखी और संतुलित इंसान वही है जो कभी भी किसी से भी बिना कोई उम्मीद रखे अपनी शर्तों पर अपनी यात्रा तय करे...😊

अंदर से अच्छा होना काफ़ी नहीं...जब इंसान समझ जाता है कि दुनिया उसे उसके मन से नहीं, बल्कि उसके बाहरी रूप और कार्यों से आ...
10/03/2025

अंदर से अच्छा होना काफ़ी नहीं...

जब इंसान समझ जाता है कि दुनिया उसे उसके मन से नहीं, बल्कि उसके बाहरी रूप और कार्यों से आंकती है तब वो धीरे धीरे खुद को सबसे दूर ले जाने लगता है वो जान जाता है कि इस दुनिया में अच्छे होने से ज़्यादा ज़रूरी है दुनिया के हिसाब से सही दिखना...

भावनाएँ कितनी भी सच्ची हों, अगर वो दुनिया की कसौटी पर खरी नहीं उतरतीं तो उनका कोई मूल्य नहीं...

ईमानदारी, सरलता, और सच्चाई का वज़न तभी तक होता है जब तक वो दुनिया के नज़रिए से उनके मुताबिक़ हो...

जब ये समझ आता है कि लोग आपके दिल को नहीं, बल्कि आपकी छवि को देखते हैं तो इंसान खुद ही सबसे दूर रहने लगता है और धीरे धीरे वह खुद को एकांत की ओर मोड़ लेता है क्योंकि उसे पता चल जाता है कि उसकी सच्चाई से किसी को फर्क नहीं पड़ता लोग उसे वैसा ही देखना चाहते हैं जैसा उन्हें पसंद है...

सफाई देने से सच्चाई की कीमत नहीं बढ़ती आख़िर दुनिया को सिर्फ़ वही चेहरा पसंद आता है जो उनके हिसाब का हो लोगों को आपके मन की गहराई से नहीं, आपके बाहरी दिखावे से मतलब है...

क्यों बदलता है इंसान ...हर इंसान अपनी कहानी का लेखक होता है, लेकिन जब किसी इंसान के होने पर सवाल उठने लगें, जब उसकी हर ब...
09/03/2025

क्यों बदलता है इंसान ...

हर इंसान अपनी कहानी का लेखक होता है, लेकिन जब किसी इंसान के होने पर सवाल उठने लगें, जब उसकी हर बात पर शिकायत हो, तो उस कहानी का रंग बदलने लगता है किसी का बदला हुआ रूप, अक्सर उसकी नहीं, हमारे बर्ताव का आईना होता है...

हम अक्सर किसी के बदलने पर सवाल उठाते हैं, लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि वह बदलाव आया क्यों..?
हर किसी का बदलना एक कहानी कहता है जब उसकी हर कोशिश को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो वह अपने प्रयासों पर ही शक करने लगता है...

शिकायतें इंसान के आत्मविश्वास को उसी तरह खत्म करती हैं, जैसे धीमा ज़हर एक शरीर को देखो, उसने खुद को कितना बदल लिया पहले उसका अंदाज क्या था और अब क्या...

क्या यह बदलाव उसका अपना है..? शायद नहीं यह उन सवालों और सोच का नतीजा है, जो हमने उसके कल के होने पर उठाए थे जो इंसान दुनिया की उम्मीदों के तले दबकर बदलता है वह खुद से दूर होता जाता है जब हम किसी के होने को बार बार ऐसी बातों से चोटिल करते है जैसा वो नहीं है तो अंत में वो हार कर अपने उस होने को ही छोड़ देता है उसकी खुशी और स्वाभाव धीरे-धीरे मुरझा कर अपना एक अलग आयाम तय कर लेते है...

किसी का बदला हुआ रूप, उसके उस दर्द की कहानी जिसे उसने कभी ज़ुबान नहीं दी...

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