23/07/2025
- फूलन देवी का जन्म 1963 में उत्तर प्रदेश के एक गरीब मल्लाह परिवार में हुआ। बचपन से ही जातिवादी भेदभाव और बाल विवाह का शिकार रहीं, जिससे उनके मन में अन्याय के खिलाफ़ ज़बरदस्त गुस्सा था।
2. **डकैत बनने की वजह:**
- गाँव के उच्च जाति जमींदारों और उनके गैंग ने फूलन देवी पर अत्याचार किया। जब थाने-पुलिस से इंसाफ़ नहीं मिला, तो फूलन ने हथियार उठाया और डकैतों के गिरोह से जुड़ गईं। यहां पर उन्होंने कई अन्यायों का बदला लिया।
3. **बेहमई कांड (सबसे दबंग किस्सा):**
- 1981 में, बेहमई गांव में अपने ऊपर हुए अत्याचारों का बदला लेने के लिए फूलन देवी और उनके गिरोह ने शूटआउट किया, जिसमें 20 से ज्यादा लोगों की हत्या हो गई। यह घटना उन्हें “बैंडिट क्वीन” के नाम से देश-दुनिया में चर्चा में लाई। दलित और गरीब वर्ग में यह दबंगई अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ बन गई।
4. **आत्मसमर्पण और बदलाव:**
- 1983 में फूलन देवी ने भारी भीड़ और मीडिया के सामने आत्मसमर्पण किया। जेल में 11 साल बिताने के बाद 1994 में रिहा हुईं।
5. **सांसद और समाज की आवाज़:**
- जेल से बाहर आने के बाद गरीबों किसान और दबे-कुचले वर्ग की नेता बनीं। 1996 में *सांसद* बनी जय माता फूलन देवी जी को शहादत दिवस पर शत शत नमन 🙏 जय माता फूलन देवीवीरांगना फूलन देवी अमर जिंदाबाद
शत् शत् नमन
भारतीय किसान यूनियन संविधान *रमाकांत कश्यप राष्ट्रीय अध्यक्ष* केंद्रीय कार्यालय *नई दिल्ली* अशोक विहार