09/03/2026
मां श्री चंदाबाईजी की पुरानी फोटो को एआई से रंगीन बनाकर प्रस्तुत किया गया है।
थोड़ी बहुत त्रुटि के लिए क्षमाप्रार्थी- पराग जैन
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर हम श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ स्मरण करते हैं श्री जैन बाला विश्राम की संस्थापिका पूज्य चंदा माँ श्री को।
चंदा माँ श्री केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, करुणा और समर्पण की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने जीवन को समाज की बेटियों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उस समय जब बालिकाओं की शिक्षा और उनके सुरक्षित पालन-पोषण की व्यवस्था बहुत सीमित थी, तब उन्होंने दूरदर्शिता और मातृत्व भाव से श्री जैन बाला विश्राम की स्थापना की।
उनका उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं था, बल्कि बेटियों को संस्कार, शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का मार्ग दिखाना था। अपने अथक परिश्रम, त्याग और मातृवत स्नेह से उन्होंने अनगिनत बालिकाओं के जीवन को नई दिशा दी।
चंदा माँ श्री का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि एक दृढ़ नारी अपने संकल्प, त्याग और सेवा से पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है।
आज महिला दिवस के अवसर पर हम उनके महान कार्यों को नमन करते हुए यह संकल्प लें कि हम भी समाज में शिक्षा, संस्कार और सेवा की इस पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाएँगे।
🙏 पूज्य चंदा माँ श्री को शत-शत नमन।🙏
🌸 सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।