Shree Jain Bala Vishram

Shree Jain Bala Vishram Shree Jain Bala Vishram, Ara is charitable, religious and educational organisation established by Ma

29/04/2026

प्रथम गणनी आर्यिका विजयमति माताजी

श्री जैन बाला विश्राम, आरा की छात्रा शरबती बाई।

वहीं रहकर पढ़ी, फिर श्री जैन बाला विश्राम में शिक्षिका बनी।

बाद में आर्यिका दीक्षा लेकर माताजी बनी।

तत्पश्चात गुरुदक्षिणा के रूप में माश्री चंदाबाईजी को आर्यिका की दीक्षा देकर समाधिमरण कराया।

1996 में अपना परम कर्तव्य समझकर जैन बाला विश्राम के 75वें वार्षिकोत्सव पर आकर आयोजन की शोभा बढ़ाई।

उसके कुछ वर्ष के पश्चात श्रवणबेलगोला में समाधिमरण हुआ।

शत शत नमन🙏🙏🙏

पराग जैन

मां श्री चंदाबाईजी की पुरानी फोटो को एआई से रंगीन बनाकर प्रस्तुत किया गया है। थोड़ी बहुत त्रुटि के लिए क्षमाप्रार्थी-  प...
09/03/2026

मां श्री चंदाबाईजी की पुरानी फोटो को एआई से रंगीन बनाकर प्रस्तुत किया गया है।
थोड़ी बहुत त्रुटि के लिए क्षमाप्रार्थी- पराग जैन

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर हम श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ स्मरण करते हैं श्री जैन बाला विश्राम की संस्थापिका पूज्य चंदा माँ श्री को।
चंदा माँ श्री केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, करुणा और समर्पण की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने जीवन को समाज की बेटियों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उस समय जब बालिकाओं की शिक्षा और उनके सुरक्षित पालन-पोषण की व्यवस्था बहुत सीमित थी, तब उन्होंने दूरदर्शिता और मातृत्व भाव से श्री जैन बाला विश्राम की स्थापना की।
उनका उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं था, बल्कि बेटियों को संस्कार, शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का मार्ग दिखाना था। अपने अथक परिश्रम, त्याग और मातृवत स्नेह से उन्होंने अनगिनत बालिकाओं के जीवन को नई दिशा दी।
चंदा माँ श्री का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि एक दृढ़ नारी अपने संकल्प, त्याग और सेवा से पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है।
आज महिला दिवस के अवसर पर हम उनके महान कार्यों को नमन करते हुए यह संकल्प लें कि हम भी समाज में शिक्षा, संस्कार और सेवा की इस पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाएँगे।

🙏 पूज्य चंदा माँ श्री को शत-शत नमन।🙏

🌸 सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

*श्री जैन बाला विश्राम आरा में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद एवं बिहार के राज्यपाल अणे साहब का स्वागत कर...
20/02/2026

*श्री जैन बाला विश्राम आरा में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद एवं बिहार के राज्यपाल अणे साहब का स्वागत करते हुए मांश्री चंदाबाई जी*

24/10/2025
आरा (बिहार) में इतिहास रचने की तैयारी! 🛕 उत्तर भारत की सबसे भव्य बाहुबली प्रतिमा 🪔 का होगा महामस्तकाभिषेक...------------...
24/10/2025

आरा (बिहार) में इतिहास रचने की तैयारी! 🛕 उत्तर भारत की सबसे भव्य बाहुबली प्रतिमा 🪔 का होगा महामस्तकाभिषेक...
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धनुपरा, आरा (बिहार) : एक बार फिर भव्य जैन परंपरा और आस्था के महासंगम का साक्षी बनने जा रहा है। दो दिवसीय भव्य पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जो 25 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होगा। यह दिव्य आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि बिहार की ऐतिहासिक नगरी आरा के गौरव को भी बढ़ाएगा। विशेष रूप से उत्तर भारत की सबसे बड़ी और भव्य भगवान बाहुबली स्वामी की प्रतिमा के कारण।

यह ऐतिहासिक आयोजन *सराक केशरी मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज ससंघ* के मंगल सानिध्य एवं पावन आशीर्वाद से संपन्न होगा। उनके मार्गदर्शन और सान्निध्य से इस महोत्सव को एक नई दिव्यता प्राप्त होगी।

*दिव्य आयोजन की भव्य रूपरेखा तैयार...*

महोत्सव के सभी कार्यक्रम अम्बा, मुरैना से पधारे प्रतिष्ठाचार्य पंडित मुकेश जी शास्त्री एवं सह प्रतिष्ठाचार्य पंडित गुलाब चंद जी जैन के कुशल निर्देशन में आयोजित किए जाएंगे। उनके शास्त्रीय ज्ञान और अनुभव से पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की सभी क्रियाएं विधि-विधान से संपन्न होंगी, जो श्रद्धालुओं को जैन धर्म के मर्म से गहराई से जोड़ेगी।

*संगीत की मधुरता से गूँजेगी आरा की पावन धरती...*

इस पावन अवसर पर सुप्रसिद्ध गायक संजय जैन के मधुर स्वर से आरा (बिहार) की धरती गूँज उठेगी। उनकी भक्तिमय और सुमधुर प्रस्तुति से सम्पूर्ण वातावरण धर्म और आस्था से ओत-प्रोत हो जाएगा। जो श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

*उत्तर भारत की गौरवशाली है भगवान बाहुवली की प्रतिमा...*

पंचकल्याणक समिति के संरक्षक श्री प्रशान्त कुमार जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन खास इसलिए है क्योंकि यहां भगवान बाहुबली स्वामी का महामस्तकाभिषेक होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत की सबसे बड़ी एवं भव्य प्रतिमा का गौरव आरा के धनुपरा स्थित भगवान बाहुबली की इस प्रतिमा को प्राप्त है। लगभग 14 फीट ऊँची यह प्रतिमा अपनी विशालता और कलात्मकता के लिए प्रसिद्ध है, और इसका महामस्तकाभिषेक एक अत्यंत अद्भुत नजारा होगा। यह महामस्तकाभिषेक, जिसे देखकर सभी श्रद्धालु धन्य हो जाएंगे, इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण है। यह प्रतिमा कर्नाटक के श्रवणबेलगोला स्थित गोमटेश्वर बाहुबली की प्रतिमा का प्रतिरूप है और 1937 में स्थापित की गई थी।

*जैन बाला विश्राम है आस्था का प्राचीन केंद्र...*

आरा का यह जैन बाला विश्राम परिसर काफी प्राचीन है और धार्मिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह परिसर भगवान महावीर स्वामी की विश्राम स्थली के रूप में भी जाना जाता है और यहां जैन तीर्थंकर भगवान महावीर का अति सुंदर शिखर बंद मंदिर भी स्थित है। यहीं पर बाहुबली स्वामी की विशाल प्रतिमा विराजमान है।
भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी प्रबंध कमिटी दिन-रात मेहनत कर रही है। पंचकल्याणक के पूर्व, मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। साफ-सफाई, मार्बलिकरण, पेड़ की छँटाई और विशेष रूप से प्रतिमा की सफाई का कार्य लगभग पूर्ण होने को है। यह समर्पण दिखाता है कि कैसे श्रद्धालु इस पावन अवसर को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।

*श्रद्धालुओं के इस अवसर पर पूण्य संचय का स्वर्णिम अवसर: है...*

यह दो दिवसीय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव भारत वर्ष के सभी श्रद्धालुओं के लिए एक महान पूण्य अवसर है। इस कार्यक्रम में भाग लेकर जैन धर्म के सिद्धांतों को समझकर और भव्य महामस्तकाभिषेक के दर्शन कर आप सभी पात्र बनकर पूण्य का संचय कर सकते हैं। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि त्याग, तपस्या और आत्म-शुद्धि की प्रेरणा देने वाला एक महा-पर्व आया है।

आइए 25 और 26 अक्टूबर 2025 को धनुपरा, आरा (बिहार) में आयोजित होने वाले इस दिव्य और भव्य पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं भगवान बाहुबली स्वामी के महामस्तकाभिषेक में शामिल हों और अपनी आँखों से इस ऐतिहासिक क्षण को साकार होते देखें!

✍🏻रवि कुमार जैन - पटना

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Dharm Kunj, Dharmpura (Dharahara) Arrah-
Arrah
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