08/07/2025
लोकतंत्र की जननी बिहार में मतदाता अधिकारों का चीरहरण!
बिहार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025 में जो अव्यवस्था, अराजकता और असंवैधानिक कार्यप्रणाली सामने आ रही है, वह अत्यंत निंदनीय और लोकतंत्र के लिए घातक है।
👉 फर्जी फॉर्म, बिना दस्तावेज, बिना सत्यापन
👉 सम्पूर्ण विवरणी के बिना ही फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश
👉 फर्जी हस्ताक्षर और निरक्षर बताकर किसी कर्मचारी से अंगूठा लगवाना
👉 मतदाता की जानकारी के बिना डाटा अपलोड
👉 बिना दस्तावेज फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश
👉 ERO और BLO पर 50% फॉर्म आनन-फानन अपलोड करने का असंभव व अकल्पनीय दबाव
👉 डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा सुपरवाइजर से ही 10,000 फॉर्म प्रतिदिन अपलोड करने का अव्यावहारिक लक्ष्य
यह सब 10 जुलाई को माननीय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जल्दबाज़ी में किया जा रहा है ताकि आंकड़ों की बाज़ीगरी से सच्चाई को ढका जा सके।
कहीं मौखिक रूप से कहा जा रहा है कि "आधार कार्ड ही काफी है", तो कहीं कहा जा रहा है कि "किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं" — इससे मतदाताओं के बीच भारी भ्रम की स्थिति बन गई है।
मैं खुद पार्टी कार्यकर्ताओं, BLO और आम नागरिकों से बात कर रहा हूँ — हर जगह अलग ही कहानी, अलग ही जालसाजी।
ऐसा लग रहा है जैसे "फर्जीवाड़े का एक लाइव शो चल रहा है", जिसमें हर दिन हर घंटे नई स्क्रिप्ट, नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
👉 जब संसाधन नहीं, इंटरनेट नहीं, प्रशिक्षण नहीं, स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं, वांछित समय नहीं— तो इतनी जल्दबाज़ी क्यों?
👉 क्या यह एक पूर्वनियोजित साजिश है ताकि असल मतदाताओं को हटाकर चुनाव को प्रभावित किया जा सके?
यह सिर्फ प्रक्रिया का अपमान नहीं है, यह मतदाता अधिकारों पर हमला है, लोकतंत्र के मूल में गड़बड़ी करने का कुत्सित प्रयास है।
बिहार के लोकतंत्र को यूँ अपवित्र नहीं होने देंगे।
हम हर मंच पर, हर स्तर पर, हर मतदाता की आवाज़ बनेंगे।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी! इनकी तानाशाही के विरुद्ध कल होगा बिहार में चक्का जाम!
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#जिला उपाध्यक्ष युवा राजद भोजपुर बिहार उपेंद्र कुमार