19/05/2023
*आगे अन्धेरा है मिलकर मशाल जला लो*
*मत देखो रंग मशाल का, जो मिले ऊठा लो*
*चलो जहां मे ईक मिसाल बना दो*
*आगे अन्धेरा है मशाल जला लो,*
*मिलेंगी मुश्किले रास्तो मे सूल बनकर,*
*कई वेश बदलक मिलेगी फूल बनकर*
*अढा रहा सच के पथ पर होस्ले के साथ*
*ऊड़ जाएगी मुश्किले हवा में धूल बनकर*
*वो बडे बडे पत्थर चट्टानो को हिला दो आगे अन्धेरा है मिलकर मशाल जला लो।*
*वो रास्ते मे मिलेगी गहरी निर्मम खाईया,*
*कठोर पर्वत, गरजते बादल, कडकती बिजलिया,*
*हाथ से हाथ मिलाकर बडी बडी मुश्किले गिरा दो*
*वो जो खुद को समझता है ईस जमी का आसमां*
*अपनी गूँज से ये धरती वो आसमां हिला दो।*
*बनना है सागर तो नदिया साथ मिला लो।*
*आगे अन्धेरा है वो दिल के अंगारो से, मशाल जला लो, अपनी मशाल जला लो*
*21 may को सभी साथी शाम को NPS के विरोध मैं निकाली जा रही मशाल यात्रा मैं शामिल हों*
*NRMU ZINDABAAD*