22/04/2026
ठाकुर आकुर और उनके जैसे और लोगों की महिलाओं को घरों से खींचकर बाहर निकालो- बिसाहू लाल
याद तो होगा सबको मध्यप्रदेश के मंत्री का ये बयान,
सवर्णो की बेटियों का हम शुद्धिकरण करेंगे,
सवर्णों की बहु बेटियों को हमसे संबंध बनाने चाहियें,
और यही क्या ऐसे अनेकों बयान हैं जो इसके जैसे लोग जब तब मुँह से हगते रहते हैं.
कभी श्रीराम का अपमान, कभी श्रीकृष्ण का और कभी देवियों पे अभद्र टिप्पणियां,
इनपर कभी कोई एक्ट लगा..?
क्यों लगेगा, इनको तो संविधान ने विशेष दर्जा और ताकतें दे रखी हैं, इनके लिए दुनिया भर के आयोग बना रखे हैं, इसलिए ये कुछ भी भौंकते हैं और सिर्फ माफ़ी माँगकर इतिश्री कर लेते हैं.
#गोंदर में एक जवान बच्चे की हत्या कर दी गई जिसपर अभी सिर्फ़ आरोप ही थे किसी पुराने कांड के और इसको ज़मानत मिली हुई थी, प्रशासन की तरफ़ से कोई कार्यवाही ना होने पर #आवेश में आकर इस बच्चे की माँ ने एक ऐसा बयान दे दिया जो मेरे विचार से बिल्कुल ठीक नहीं था..इस से बचा जा सकता था,
लेकिन उस बयान को नेता बनने की लाइन में लगे कुछ लोगों ने तुरंत लपक लिया और वायरल करके अपनी रोटियाँ सेकने लगे, प्रशासन पर दवाब बनाकर उस बच्चे की माँ तथा अन्य लोगों पर एससी एसटी एक्ट और अन्य कई धाराएँ लगवा दी जिस से मुद्दा और भड़क गया.
इनकी मीटिंग में एक तथाकथित दबे कुचले ने ये भी कहा कि हमारी महिलायें तो मजबूरी में जाती है लेकिन तुम्हारी तो अपनी मर्जी से जाती हैं, अब इस बात पर कौन सा एक्ट लगना चाहिए 🤬
इनका ये भी कहना है कि ये क़ानून को जेब में लिए घूमते हैं, काफ़ी हद तक ये बात सही भी है क्योंकि वोट बैंक के लिए इनको तो विशेष अधिकार मिले हुए हैं😏
जिसकी निर्मम हत्या हुई, उसी के परिवार पे मुकदमे ठोक दिए गए,
जैसे बिसाऊ लाल और उसके जैसे दूसरों को सिर्फ़ माफ़ी माँगकर क्षमा मिल जाती है तो क्या उस माँ को जिसका जवान बच्चा मार दिया गया और वो भावावेश में कुछ आपत्तिजनक कह बैठी, उसको भी माफ नहीं कर दिया जाना चाहिए था..क्योंकि उसके लिए तो ना कोई एक्ट है ना कोई आयोग😓 इस मुद्दे को जातिवादी बनाकर क्या ये लोग नेता बन जायेंगे,ये सोचने का विषय है..??
समाज को इस विषय पर भी गहन विचार करना चाहिए कि आज का युवा क्यों इन ग़लत राहों पे बढ़ता चला जा रहा, क्यों वो गैंगवार में लिप्त होता जा रहा है.?
कुँवर अमित सिंह ✍️