07/09/2025
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेज रफ्तार से ऊपर जा रहा है, जिससे प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है।
गंगा नदी का जलस्तर 2.3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जबकि यमुना नदी का जलस्तर 3.58 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से ऊपर जा रहा है। बीते 24 घंटों में गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 56 सेंटीमीटर और छतनाग में 81 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं, नैनी में यमुना का जलस्तर 86 सेंटीमीटर बढ़ा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.08 मीटर, छतनाग में 81.51 मीटर, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 82.03 मीटर दर्ज किया गया।
लगातार बढ़ते जलस्तर का असर श्रद्धालुओं के आस्था स्थल बड़े हनुमान मंदिर पर भी दिखाई दिया है। इस साल यह पांचवीं बार है जब मंदिर के गर्भगृह में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। शुक्रवार देर शाम गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर ने बड़े हनुमान जी का अभिषेक किया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पुजारियों ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए। घाट पर मौजूद पंडे और दुकानदार अपना सामान समेट ऊंची जगह पर चले गए है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही, सभी 88 बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम से लगातार 24 घंटे जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गंगा और यमुना की धाराओं की यही रफ्तार बनी रही तो निचले इलाकों में जलभराव शुरू हो सकता है। इससे हालात और गंभीर हो जाएंगे और लोगों को पहले की बाढ़ जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।