07/03/2026
शीर्षक: “वो लड़की”
वो लड़की,
जो अक्सर मुस्कुराती है,
पर उसके कंधों पर
घर की जिम्मेदारियों की दुनिया होती है।
वो लड़की,
जो खुद थक जाती है,
पर परिवार की थकान
अपने हौसलों से छुपा लेती है।
जब मुश्किलें दरवाज़ा खटखटाती हैं,
तो सबसे आगे वही खड़ी मिलती है,
जैसे आंधियों के सामने
कोई मजबूत दीवार खड़ी हो।
उसकी खामोशी में भी
कई अधूरी कहानियाँ होती हैं,
पर अपनों की खुशी के लिए
वो हर दर्द हँसकर सह लेती है।
वो सिर्फ एक बेटी नहीं,
एक हिम्मत है, एक सहारा है,
अपने परिवार के लिए
वो सच में एक ढाल है।
और शायद दुनिया को
उसकी ताकत कम दिखाई दे,
पर उसके अपनों के लिए
वो पूरी दुनिया होती है।