20/06/2026
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) प्रारंभिक परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने दो साल से वांटेड चल रहे अभ्यर्थी को मऊ से गिरफ्तार कर लिया।
आलोक मिश्रा नाम के इस आरोपी ने पेपर लीक कराने वाले गैंग से 12 लाख रुपये में डील की थी और 3 लाख रुपये एडवांस देकर पेपर हासिल किया था। उसे प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया।
आलोक पुत्र संजय मिश्रा बाबूरायपुर, मानपुर, थाना जंगीपुर, जनपद गाजीपुर का रहने वाला है। एसटीएफ के अफसरों ने बताया कि उसे मऊ शहर के मुंशीपुरा हयात सेंटर नई बस्ती क्षेत्र से रात करीब 9:05 बजे गिरफ्तार किया गया।
परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हुआ था पेपर
लोक सेवा आयोग की ओर से 11 फरवरी 2024 को प्रदेश भर में RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर दी थी और पूरे प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी थी। एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की टीम लगातार मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दो साल से फरार चल रहा आरोपी आलोक मिश्रा अपने घर आया हुआ है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।