07/07/2026
यह सिर्फ एक टिकट नहीं... एक संकेत है।
जब कोई समाज संगठित होता है, तभी राजनीति उसके अस्तित्व को स्वीकार करती है।
बांकीपुर विधानसभा से अभिषेक कुमार बंटी जी को प्रत्याशी बनाए जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ।
लेकिन इस अवसर पर सबसे बड़ा प्रश्न किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है।
क्या हम इस प्रतिनिधित्व का मूल्य समझेंगे?
क्या नितिन नबीन जी ऐसे करीबी के अलावा अन्य कायस्थ प्रत्याशियों पर कृपा कर पाएंगे?
यदि समाज अपने प्रतिनिधि के पीछे सम्मानपूर्वक खड़ा होता है, तो राजनीतिक दलों को संदेश जाता है कि यह समाज जागरूक है, संगठित है और अपने सम्मान के प्रति सजग है।
आज एक टिकट मिला है...
कल और भी मिल सकते हैं।
लेकिन उसकी पहली शर्त है...
- संगठन।
- एकजुटता।
- राजनीतिक चेतना।
याद रखिए,
जिस समाज का वोट बिखरा होता है, उसका नेतृत्व भी बिखर जाता है।
जिस समाज का वोट संगठित होता है, उसकी उपस्थिति सत्ता के हर निर्णय में दिखाई देती है।
यह समय केवल शुभकामनाएँ देने का नहीं,
बल्कि पूरे कायस्थ समाज को एक संदेश देने का है...
राजनीति में सम्मान माँगा नहीं जाता, संगठित शक्ति से प्राप्त किया जाता है।
आज बधाई...
कल भागीदारी...
और भविष्य में निर्णायक नेतृत्व।
Kayastha FORGE
#जयकायस्थ #कायस्थ