10/01/2025
श्रुतिभि:परिपठ्येते_सितासिते_सरिद्वरे ।
तत्राप्लुतांगा_ह्यमृतं_भवन्तीति_विनिश्चितम्'||
जो लोग श्वेत या कृष्ण दो नदियों के मिलन पर स्नान करते हैं, वे स्वर्ग को उठते हैं; जो धीर लोग वहाँ अपना शरीर त्याग करते हैं, वे अमृतत्व को पाते हैं ।
कुम्भ महापर्व के पावन अवसर पर सभी सनातनियों का हार्दिक स्वागत है। हिन्दुस्तान के इस विराट आध्यात्मिक, एवं सांस्कृतिक महायज्ञ में प्रयाग का जन जन अतिथियों के आवभगत के लिए आह्लादित है। सभी अपने सामर्थ्य अनुसार इस महायज्ञ में सेवा के लिए तन, मन,धन से लगे है। प्रयाग के सभी संत,महात्मा, मठ मंदिर, आश्रम, घर अपने अपने सामर्थ्य अनुसार अतिथियों के आवभगत के लिए निःशुल्क भोजन प्रसाद और प्रवास की व्यवस्था कर रहे है।
हर प्रयाग वासी सेवा के भाव से तैयारी में लगा है।
इस कुंभ पर्व को महाउत्सव के रूप में दिव्य और भव्य बनाने के लिए हर प्रयाग वासी, शासन, प्रशासन, और तीर्थ राज प्रयाग के प्रतिनिधि के रूप में, प्रदेश के मुखिया के रूप में सभी सनातनियों के गौरव रूप में योगी आदित्यनाथ जी महाराज जी सभी का भाव अद्वितीय हैं।
इस महायज्ञ में एक आहुति 54 फीट हनुमान मन्दिर भी 13 जनवरी से 12 फरवरी 2025 माघ मास पर्यन्त अतिथियों के भोजन और प्रवास की निःशुल्क व्यवस्था के माध्यम से देने का प्रयास कर रहा है। हनुमान जी महाराज सभी भक्त जनों पर अपनी कृपा बनाए रखें।