04/06/2026
यह संदेश विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो किसी समय AISSA की यात्रा का हिस्सा रहे हैं।
चाहे आप सदस्य रहे हों, पदाधिकारी रहे हों, स्वयंसेवक रहे हों, सहयोगी रहे हों, या किसी भी रूप में इस यात्रा से जुड़े रहे हों -- हम आप सभी को धन्यवाद कहना चाहता है।
किसी भी संस्था की कहानी केवल उसके वर्तमान लोगों से नहीं बनती।
उसकी कहानी उन लोगों से भी बनती है जिन्होंने किसी समय अपना समय, श्रम, सुझाव, ऊर्जा, विश्वास और सहयोग देकर उसे आगे बढ़ाने में योगदान दिया हो।
AISSA की यात्रा भी ऐसी ही एक सामूहिक यात्रा रही है।
इस यात्रा में बहुत से लोग जुड़े, साथ चले, सीखा, सिखाया, योगदान दिया और समय के साथ अपने-अपने जीवन की नई दिशाओं में आगे बढ़ गए।
यह जीवन और संस्थाओं दोनों की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है
लेकिन रास्ते अलग हो जाने से योगदान का महत्व कम नहीं हो जाता।
आज भी जब मैं AISSA की यात्रा को पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो उसमें अनेक लोगों का समय, मेहनत, समर्पण, विचार और विश्वास दिखाई देता है।
उस योगदान को नज़रअंदाज़ करना न तो उचित होगा और न ही ईमानदार।
एक Founder के रूप में मैं उन सभी लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूँ जिन्होंने किसी भी रूप में इस यात्रा को आकार देने में भूमिका निभाई।
मैं आपको यह भी बताना चाहता हूँ कि AISSA आज पहले से काफी अलग, अधिक परिपक्व और अधिक संरचित चरण में प्रवेश कर रही है।
पिछले कुछ समय में हमने बहुत कुछ सीखा है, कई बातों पर पुनर्विचार किया है और भविष्य के लिए नई दिशा पर काम किया है।
इसी क्रम में AISSA के अंतर्गत दो नए Collectives के निर्माण की दिशा में भी कार्य चल रहा है।
ये Collectives अपने उद्देश्य, कार्यक्षेत्र और नेतृत्व संरचना के साथ काफी हद तक स्वतंत्र रूप से कार्य करेंगे, जबकि व्यापक स्तर पर AISSA परिवार का हिस्सा बने रहेंगे।
मेरा हमेशा से यह विश्वास रहा है कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी शक्ति उसके दस्तावेज़, पद या संरचना नहीं होते - उसकी सबसे बड़ी शक्ति उसके लोग होते हैं।
और इसी कारण मैं एक छोटी-सी बात कहना चाहता हूँ।
यदि भविष्य में कभी AISSA, उसके कार्यों, उसकी दिशा, उसके विकास या मेरे बारे में आपके मन में कोई प्रश्न, जिज्ञासा, विचार, सुझाव या शंका हो, तो कृपया सीधे संवाद करने में संकोच न करें। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि किसी भी विषय को समझने का सबसे अच्छा तरीका संवाद है, अनुमान नहीं।
रास्ते अलग हो सकते हैं।
दृष्टिकोण अलग हो सकते हैं।
भूमिकाएँ बदल सकती हैं।
लेकिन सम्मान बना रहना चाहिए।
संवाद बना रहना चाहिए।
और अच्छे कार्यों की स्मृतियाँ भी बनी रहनी चाहिए।
आप सभी के योगदान, सहयोग, विश्वास और शुभकामनाओं के लिए पुनः धन्यवाद।
आप जहाँ भी हों, स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहें।
स्नेह एवं सम्मान सहित,
भारतेन्दु विमल दुबे
Lawyer |
Founder @ All India Satrangi Salaam Association (AISSA)