10/06/2026
राजपूत योद्धा बन्दा सिंह बहादुर 👑🚩
एक राजपूत योद्धा जिन्होंने प्रथम सिख साम्राज्य की नीव रखी, ये पंजाब के पहले ऐसे सेनापति थे जिन्होंने मुगलो के अजय होने का भ्रम तोडा...
सिरहिन्द, जहाँ गुरु गोविन्दसिंह के छोटे बच्चों को दीवार में चुनवाया गया था, पर धावा बोलकर उसने तहस नहस कर दिया। इस्लाम के लड़ाके जो अकड़ कर चलते थे - दुम दबाकर भाग गए। बच्चों का बदला लिया, बंदा ने गढ़ी पर अचानक साहसी हमला किया जहाँ गुरु गोविन्दसिंह से दग़ा करनेवाला अली हसन और गुरु तेग़ बहादुर को मारनेवाले जलालुद्दीन को खत्म कर सिखों के गुरुओ का बदला लिया, ऐसे ही इस राजपूत योद्धा अकेले के सिखों पर एकतरफ़ा सेकड़ो अहसान है...
बंदा सिंह बहादुर ने पूरे पंजाब में घूम घूम कर मुस्लिम सेनाओं को परास्त किया, विशाल इलाकों को मुस्लिम दासता से छुड़ा लिया गया, इनकी सेना में ज्यादातर राजपूत योद्धा थे जो गुरिल्ला दाव पेंच की जगह " सीधा घर में घुस के मारो " वाली नीति को मानते थे जो कि बहुत कारगर साबित हुआ अफवाहें फ़ैल गईं कि उसे दैवी शक्तियाँ प्राप्त हैं। हिन्दू विस्मय से भर जाते और कानाफूसी करते कि यह तांत्रिक कहीं भगवान का अवतार तो नहीं? बंदा सिंह एक ही वार में सेनिको को पूरा चीर देते थे... एक ब्राह्मण ने शिकायत की, कि एक गिरोह हिन्दू लड़कियों को उठा ले जाता है, बंदा की नज़रों में चढ़ गया। बंदा सिंह ने उसे आग में भुनवा दिया। यह ग़ोरी और बाबर की मुस्लिम हमलावर नीति थी, जो बंदा उन्हें ब्याज सहित लौटा रहा था..
लेकिन आप जानते हैं बंदा सिंह बहादुर हारे कैसे ?? किसने हुकुम नामा जारी किया था कि सिख सैनिक बंदा बहादुर से संबंध विच्छेद कर ले, क्यों बाबा बंदा बहादुर सिंह के सैनिकों का एक बडा भाग उनसे पृथक हो गया जो ततत खालिसा कहलाए। वह जगीरे ले कर मुगल सेना मै शामिल हो गए। किसके आदेश का पालन करते हुए बन्दा के सिख सैनिकों ने उससे मुंह मोड़ लिया। जो वफादार लोग बलिदान देने के लिए बन्दा के साथ रहे वह बंदई खालसा कहलाये, इन्ही बंदई खालसा को गद्दारों द्वारा पकड़ाए जाने के बाद बंदा सिंह बहादुर के साथ धर्म परिवर्तन के लिए मुग़लो ने मजबूर किया न मानने पर यातनाएं देकर मार दिया...
जिनके 4 साल के मासूम बेटे को उनकी आँखों के सामने मारकर उसका कलेजा मुँह में ठूंसा गया और फिर उनकी आँखों में गरम सलाखें घोंप कर हत्या कर दी गई उन बाबा बंदा सिंह बहादु