19/03/2026
स्त्री चेतना गुजरात, वडोदरा शाखा कि ओर से आज के युवक और युवती को एक सकारात्मक विचारधारा मे लाना इस हेतु, इंटर्नशिप प्रोग्राम की शुरुआत कि है। साल 2026 मे "Need Based assessment" यह विषय पर काम कर रहे है। साल 2025 साल मे 2 छात्रा ने काम किया। Awerness Financial Management amongst the Women इस विषय पर प्रश्नावली बनाई और सर्वे किया। 18 से 80 उम्र तक कि महिलाओं का साक्षात्कार हुआ। पढ़ी-लिखी, नौकरी, व्यवसाय करती महिलाओं को प्रश्न पूछे और एक अघ्ययन किया। पेपर लिखकर उसे कान्फ्रेंस मे प्रस्तुत किया । विषय था "Machin Learning Approach to understand the pattern of Financial Management - Case Study of Vadodara City ". इस पेपर को Best Paper Award से सम्मानित किया गया। और यह पेपर एक Journal मे प्रकाशित होगा। उदेश्य यह की सकारात्मक विचार युवावर्ग तक संशोधन स्तर पर मिले। स्री चेतना का कार्य भारतीय परिपेक्ष मे है। भारतीय विचारधारा से हमारा आचरण और व्यवहार हो।उसका सकारात्मक भाव से स्वीकार करे यह आग्रह है। Gen Z को यह विचार देना, स्री चेतना अपना कर्तव्य समझती है। यह पेपर कहता है की भारत मे महिलाए घर की अर्थ-व्यवस्था 50साल पहले से संभाल रही है। डिजिटल युग मे 500महिलाओं मे से 40% महिलाए डिजीटाझेशन का इस्तेमाल कर रही है। बाकी नही करती है, कारण उनका कहना है, डिजिटल धोखाधडी होती है। मतलब महिलाएं इससे भी वाकिफ है। ऐसी है भारतीय नारी , इतनी जल्द किस बात पर विश्वास नही रखती, खुद जाच परख करती है। अर्थ व्यवस्था संभालने के लिए नौकरी करना जरुरी नही, 52%महिला बाहर जाकर नौकरी नही करती परंतु घर, बाजार, भविष्य की वित्तीय योजना खुद करती है। भारतीय नारी कि यह विशेषता है की जब भी घर-परिवार मे किसी पर कठिन प्रसंग आये तब वह अपनी पुंजी बिना कुछ सोचे निकाल कर देती है। इसलिए कहते है, या देवी सर्व भुतेषु मातृ रूपे न संस्तीता। नमस्तसै नमस्तसै नमस्तसै नमो नम:।