08/09/2026
‘Dream Comes True’ – छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं स्वप्न-साकार की दिशा में प्रेरणादायी कार्यक्रम
आयोजक: स्त्री चेतना, गुजरात प्रांत
समन्वयक: डॉ. मंजरी केसकर एवं डॉ. वैदेही .
पारुल यूनिवर्सिटी के आयुर्वेद कॉलेज में स्त्री चेतना, गुजरात प्रांत द्वारा छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं उनके जीवन के लक्ष्यों को पहचानने और उन्हें साकार करने के उद्देश्य से ‘Dream Comes True’ नामक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अपने ‘Dream’ अर्थात जीवन के स्वप्न, लक्ष्य और आकांक्षाओं को पहचानने, उन्हें स्पष्ट रूप से देखने तथा उन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में डॉ. शीतल शिनखेड़े, सहसचिव, स्त्री चेतना, गुजरात प्रांत ने छात्राओं के साथ संवाद करते हुए ‘Dream’ के वास्तविक अर्थ को समझाया। उन्होंने छात्राओं को आत्मचिंतन के माध्यम से यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि उन्होंने अपने जीवन में क्या सपना देखा है, वर्तमान में वे अपने सपने की दिशा में कहाँ तक पहुँची हैं तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे कौन-कौन से प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक हैं।
डॉ. शीतल शिनखेड़े ने छात्राओं को स्त्री चेतना के कार्यों एवं उद्देश्यों से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि यदि महिलाएँ अपने व्यक्तित्व विकास, सामाजिक योगदान, आत्मनिर्भरता अथवा समाज के लिए कुछ सार्थक करने का सपना देखती हैं, तो स्त्री चेतना विभिन्न गतिविधियों एवं मार्गदर्शन के माध्यम से उनके लिए सहयोगी मंच के रूप में कार्य कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्तिका, स्त्री चेतना की सदस्य, ने विषय से संबंधित रोचक एवं सहभागी गतिविधि आयोजित करवाई। गतिविधि के माध्यम से छात्राओं को अपने सपनों और लक्ष्यों पर विचार करने तथा उन्हें व्यवहारिक रूप देने की दिशा में प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में श्रीमती वैशाली भाटिया, स्त्री चेतना की सदस्य, ने अपने व्यक्तिगत विकास एवं अनुभवों को साझा करते हुए यह समझाया कि व्यक्ति अपने विकास और उपलब्धियों का उपयोग समाज के हित में किस प्रकार कर सकता है। उन्होंने छात्राओं के साथ गतिविधियाँ भी करवाईं, जिससे कार्यक्रम अधिक संवादात्मक और प्रभावी बना।