14/09/2026
|| Quote of the Day ||
आत्मा अविनाशी है, शरीर नाशवान है। आत्मा सत्-चित्-आनंदस्वरूप है, शरीर असत्, जड़ और दुःखरूप है । आत्मा अजर-अमर है, शरीर परिवर्तनशील और मरणधर्मा है । ऐसा विवेक जिसका पक्का हो गया, उसने दुनिया में बहुत कुछ जान लिया ।
:- पूज्य संत श्री आशारामजी बापू