Pipa Rajput Samaj Gujarat

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जय श्री गुरुदेव पीपाजी महाराजा री साआप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएंआज एक गंभीर विषय पर सर्व समाज को विचार ...
03/07/2023

जय श्री गुरुदेव पीपाजी महाराजा री सा
आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं

आज एक गंभीर विषय पर सर्व समाज को विचार करने की आवश्यकता है।

"क्या हो हमारा उपनाम, (जाति) क्यों आज हमारे बच्चो को अपना उपनाम जाति बताने मे लज्जा शर्म आ रही है।

कौन है इसका जिम्मेदार कही हम स्वयं या हमारा समाज जिन्हें इस विषय पर विचार करने का भी समय नही है।

कुछ समाजगन अपने उपनाम मे दर्जी शब्द का प्रयोग करते है तो कुछ शहरी इलाको मे बेठे समाजगण अंग्रेजो की देन टेलर शब्द को प्रयोग अपने उपनाम मे प्रयोग करते हैं

दर्जी एक मुस्लिम शब्द है जो मुस्लिम अपने समुदाय मे कपडे सिलाई करने वालो को दर्जी और इदरीसी कहते हैं।

दर्जी और इदरीसी ये दोनो उर्दू शब्द है मुगलकाल से मुस्लिम समुदाय में कपड़े सिलाई का कार्य करने वालों को दर्जी व इदरसी कहते है।

और

टेलर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजो से हुई। अंग्रेज हमारे देश से गए 75 द्वारा वर्ष हो गये पर हम आज भी उनका दिया उपनाम शब्द "टेलर" शब्द अपने उपनाम मे जोडकर गौरवान्वित महसूस करते है।

यह बताइए कोनसा समाज अपने उपनाम में अंग्रेजी उपनाम (जाति) का प्रयोग करते है ?
जवाब हमारे समाज के अलावा दूसरा कोई समाज नही है

मैं समाज के महानुभावों से आज यह पूछना चाहता कि
दर्जी शब्द मुस्लिमो से और टेलर शब्द अंग्रेजो से मिली हुई पहचान (जाति) तो क्या

हमारी अपनी कोई पहचान भी नहीं है।

हमारी वर्तमान तथा आनेवाली पीढ़ी हमसे ये जरुर सवाल करेंगे क्या हमारी भी कोई पहचान है जो हम साझा कर सकें

आज समाज में एकता की कमी के कारण समाज पीछड़ता जा रहा है
आपने यह अवश्य अनुभव किया होगा 36 कोमो में
आज हमारे समाज को आज निचले स्तर पर देख जा रहा है। वे समाज हमे अनदेखा करते जा रहे है। यह सब हमारी कुछ त्रुटिया तथा एकता की कमी का परिणाम है।

आज हमारे समाज के वरिष्ठ महानुभावो को यह जरूर सोचना चाहिए कि
हमारी वर्तमान और युवा पीढ़ी को की सोच मे एक पीढ़ी का फ़र्क आ चुका है।

दोनो अपने अलग-अलग विचार रखते है। युवा पीढ़ी नए नए क्षेत्र मे अपना परचम लहराना चाहती है। किंतु वे अपने उपनाम को लेकर हमेशा विश्लित रहती है। कि हम अपना उपनाम (जाति) के नाम पर कोनसा शब्द प्रयोग करें

आज आपने इस बात पर गौर किया होगा हमारे समाज की युवा पीढ़ी अपने उपनाम में जाति ना लिखकर अपनी गोत्र का प्रयोग कर रहे है
जैसे गोयल, परमार, सोलंकी, भाटी, डाभी, चोहान, कछावा, राठौड़, आदि

यह हकीकत है। क्योंकि इनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं हैं

आप कहेंगे दर्जी या टेलर का इस्तेमाल करें पर युवा एक अलग सोच निति के साथ आगे बढ़ना चाहते है। उनका यह मानना है टेलर अथवा दर्जी यह एक कार्य है।
जो आज हर घर मे आर्थिक स्थिती सुधारने के लिए सिलाई मशीन का प्रयोग करके कपड़े सिलते है। तो क्या उनकी जाती भी तो दर्जी हुई देखा जाए तो यह तर्क सत प्रतिशत सही है

युवाओं से संबंधित जुड़े प्रश्न

• जब कोई हमें हमारी जाती पूछे तो क्या बताए
जवाब दर्जी
• दर्जी कहते ही दूसरा प्रश्न सामने से सिंपा या पीपा

और अगर राज्य से बाहर जाए वहा कोई जाति पूछे तो
हमारा जवाब दर्जी
दूसरा प्रश्न हिन्दू हो या मुस्लिम

क्योंकि भारत के राज्य राजस्थान मध्यप्रदेश अथवा गुजरात के अलावा सभी राज्यों में दर्जी सिर्फ मुस्लिम समुदाय मे से है उन्हें दर्जी अथवा इदर्शी आदि कहते है
इस हिसाब लोगो के प्रश्न पूछने के तर्क भी गलत नही है

क्योंकि जब इसका जवाब हमारे समाज के वरिष्ठ गण स्पष्ट नही करते हम दूसरो को कब तक गलत ठहराए क्योंकि जैसी हम हमारी पहचान लोगो से साझा करेंगे वैसा ही हमें समझेंगे

यह ही सही वक्त हमे हमारी पहचान हमारा उपनाम (जाति) स्पष्ट हो समाज के महानुभाव से विनंती है

कृप्या इस विषय पर सर्व समाज एक जाजम पर बैठकर निर्णय ले जो हमारे समाज की वर्तमान तथा आनेवाली पीढ़ी को अग्रसर तरक्की की राह पर ले चलें

युवा ही हमारे समाज और देश का भविष्य है। आओ मिलकर एक सोच के साथ आगे बढ़े

हमारे समाज के युवाओं-युवतियों को जरूरत है आपके साथ की आपके विश्वास की

आज हमारे समाज के बच्चो को अधिक से अधिक शिक्षित करें

डॉक्टर (AIMS) 👨‍⚕️👩‍⚕️
इंजीनियर (IIT) 👨‍🏭👩‍🏭
पुलिस अधीक्षक IPS (UPSC)👮‍♀️👮‍♂️
जिला कलेक्टर IAS (UPSC) 🚔🚔
चार्टेड अकाउंटेंट (CA)🧾🧾
वकील (CLAT) ⚖️⚖️
आर्मी (NDA, CDS)🪖🪖
शिक्षक 🧑‍🏫👩‍🏫
जर्नलिस्ट 📰🗞️
एंटरप्रेन्योर 💰👨‍💻💹

आदि क्षेत्रओ में आगे बढ़ने में आपके साथ जरूरत है

आपसे एक हकीकत कथन साझा कर रहा हु एक बार अवश्य पढ़े

जब मैं समाज के एक छात्र से मिला उसकी गंभीर परिस्थिती के बारे मे सुनकर मे चकित रह गया

जब मे उससे मिला, उसके पढाई के बारे मे पूछा आप भविष्य मे क्या बनना चाहते हो
उन्होने कहा मे कक्षा 7th से चाहता था
कि मैं कम्प्यूटर इंजीनियर बनना चाहता था ।
कक्षा 11th और 12th कोटा मे जाकर JEE & JEE Advanced. की परीक्षा की तैयारी करके IIT में प्रवेश लेकर कंप्युटर इंजिनियर बनने का सपना था पर

पर क्या
अब ये सब मेरे लिए एक सपना बनकर रह गया ।
अब में आगे नही पढ़ना चाहता हु भैया
मैने पूछा क्यों कोई वजह
उन्होंने कुछ बोला नहीं पर उनके चेहरे पर एक चिंता परेशानी वाले भाव दिखे
मैने वजह पूछी कोई समस्या हो तो बताओ मुझे
मुझे अपना मित्र ही समझो
तो उन्होंने कहा
हमारा उपनाम क्या है ।
मैने आचार्यचकित हुए पूछा । ऐसा प्रशन आपने क्यों पूछा में कुछ समझा नहीं आपके प्रशन का मतलब
वह बोले मुझे अब स्कूल जाने का मन नहीं करता जबकि मुझे पढ़ने का बहुत मन है ।
मैने स्कूल न जाने का कारण पूछा
वह बोले मुझे स्कूल मे हर बार मेरे उपनाम (जाति) की वजह से जलील होना पड़ता है । कभी शिक्षक द्वारा तो कभी सहपाठियों
से
कभी शिक्षक के वाक्य
"ओह टेलर इधर आ आज स्कूल आने में देरी क्यों हुई"
मैं कुछ जवाब दु उससे पहले पूरी कक्षा हँसी ठहाके लगाते थे और मेरा मजाक उड़ाते थे ।

धीरे धीरे मेरे सभी सहपाठी भी मेरी हंसी ठिठोली करने लगते थे।

दिन ब दिन यह बढ़ता गया।
मुझे हर समय सर झुका कर सरमिंदगी महसूस होती थी

मुझे हर समय स्कूल में हाजरी के समय डर रहता था कि आज भी मास्टरजी मेरे उपनाम का मजाक उड़ाएंगे । और इस तरह स्कूल में हर सुबह जलील होता रहा

गुरु द्वारा मेरे उपनाम को लेकर मुझे जलील करना इसी कारण सहपाठियों ने भी मुझसे धिरे धिरे दूरी बनाली
अब वे मुझे एक निचले वर्ग का समझकर मेरे साथ भोजन करने में दूरी बनाली ।
मुझे अकेलापन महसूस होने लगा
कई बार सहपाठियो द्वारा चिढाना ओहे टेलर मेरे कपड़े सिएगा और भी ज्यादा चिढ़ाना
फिर इसी कारण कई बार गुस्से में मुझसे लड़ाई झगड़े होना फिर अध्यापक मुझे प्रधानाचार्य के पास ले जाते थे और उधर जाते ही प्रधानाचार्य द्वारा मुझे 2-3 झपट या डंडे मारकर चुप कराना ।
फिर कक्षा में जाते सभी बच्चो का मुझपर हंसना फिर मेरा चुपचाप घुमचुम की तरह बैठे रहना अंदर ही अंदर अपने आप पर घृणित महसूस होना अंदर से मुझे खोखला किए जा रहा था सोचता था बस कक्षा 10th के बाद नही पढूंगा ये मैने अंतिम निर्णय लिया फिर किसी बड़े शहर जाकर नोकरी करने लगा
जो सपना कक्षा 7th मे देखा था सपना
इंजीनियर का वो आज भी मन में रहता है
खास उपनाम सरनेम (जाति) में
जाति की जगह अगर गोत्र का इस्तेमाल किया होता तो आज मैं भी मेरा सपना पूरा कर पाता और इंजिनियर होता

कहीं ना कहीं आज पिताजी से इस बात पर मनमुटाव रहता है
की
अगर कक्षा 10th से पहले उपनाम (जाति) में अगर
टेलर/दर्जी की जगह
अगर मेरी गोत्र को अपना उपनाम इस्तेमाल किया होता तो आज

जिंदगी आज कुछ और होती
खास...........

मैं आपसे अंत मे कहना चाऊंगा जो मेरे साथ हुआ ऐसा समाज में किसी बच्चे के साथ न हो
उन्हें कभी भी शर्मिंगी महसूस न हो इसलिए
आपसे हाथ जोड़कर विनंती करना चाहूंगा की आप
कक्षा 10th से पहले सभी कागजात सही नाम के साथ सुधार करवाले धन्यवाद 🙏🙏

जब सिंपा दर्जी अपने गुरुदेव नामदेव जी को अपना गुरु मानकर
उनकी जात सिंपा दर्जी से नामदेव कर सकते है तो

हमे
भी हमारे गुरुदेव के नाम से
"पीपावत" रखने में क्या समस्या है

ये जातिया जिन्होंने अपना नया नाम हासिल किया
1.घांची = मोदी
२.माली = सैनी
३.नाई = सेन
४.कुम्हार = प्रजापति
५.वजीर = रावणा राजपूत
६.रबारी = दैवासी
७.भील = राणा
८.भाम्बी = मेघवाल
९.सिंपा दर्जी = नामदेव
१०.कुम्भार = कुमावत
११. पीपा दर्जी = पीपावत

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