04/10/2026
|| Thought of the Day ||
ऐहिक विद्या, यौगिक विद्या एवं आत्मविद्या से संपन्न होकर जो अपने जीवन को उन्नत करता है, वाही मनुष्य वास्तव में इस पृथ्वी पर आने का फल प्राप्त करता है ।
:- पूज्य संत श्री आशारामजी बापू