Hindwi Kavya

Hindwi Kavya "शब्दों में बसी भावनाओं का सफर, जहाँ हर कविता दिल से दिल तक जाती है।"

01/07/2026

उठ, आगे बढ़!
​नदियों सा बहना सीख ज़रा,
चट्टानों से टकराना सीख।
जो राह में आएँ मुश्किलें,
उनसे भी मुस्कुराना सीख।
​ये रात अगर अंधियरी है,
तो भोर भी होना निश्चित है।
तू खुद में एक सवेरा है,
यह बात माननी निश्चित है।
​पंखों से नहीं, हौसलों से,
ऊंची उड़ान हुआ करती है।
जो डर के आगे झुकते नहीं,
दुनिया उनकी दीवानी होती है।
​मत बैठ थककर ऐ मुसाफ़िर,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है।
ये तो बस एक शुरुआत है,
तेरी असली उड़ान अभी बाकी है।
#स्वरचित

28/06/2026

गीत: "अब जाग मुसाफिर, भोर भई"

अब जाग मुसाफिर, भोर भई,
तू क्यूँ रातों में खोया है?
जो सोया है, वो खोया है,
जो जागा है, वो पाया है।
उठ, देख जरा उस सूरज को,
जो अंधियारों से जीता है,
तू भी तो अंश उसी का है,
फिर क्यूँ हिम्मत को खोया है?

बाधाएँ तो केवल पत्थर हैं,
तेरे रस्ते की धूल हैं ये,
तू ठान ले तो ये मिट जाएँ,
वरना तो शूल ही शूल हैं ये।
तेरे बाजुओं में वो ताकत है,
जो पर्वत को भी झुका दे,
तू अपनी राह खुद बना,
जहाँ कदम पड़े, इतिहास बना।
अब जाग मुसाफिर, भोर भई...

मत सोच कि साथी कौन तेरा,
मत देख कि मंज़िल कितनी दूर,
तेरा हौसला ही है मीत तेरा,
तेरा बढ़ना ही है सच्चा नूर।
गिरना तो एक शुरुआत है,
गिरकर ही उठना सीखा है,
जिसने भी इतिहास रचा,
उसने ही तूफ़ां को जीता है।
अब जाग मुसाफिर, भोर भई...

चले चल, रुकना तेरा काम नहीं,
झुकना तो तेरा नाम नहीं,
जब तक न मिले मंज़िल अपनी,
तब तक तो कोई आराम नहीं।
अब जाग मुसाफिर, भोर भई,

#स्वरचित

25/06/2026

"गुजरते दिनों का हिसाब क्या रखना,
जो बीत गया वो ख्वाब क्या रखना।
बस संजो कर रख लो कुछ मीठी यादें,
इनके सिवा जिंदगी का और जवाब क्या रखना।"

19/06/2026

आज चुप हूँ तो लोग इसे मेरी हार समझते हैं,
मेरी खामोशी को वो बेचारगी का नाम देते हैं।
पर उन्हें क्या पता कि मैं लफ़्ज़ों का जाल बुन रहा हूँ,
वक्त आने पर मेरे लिखे पन्ने इतिहास रचते हैं।

"रास्ते में अगर मुश्किलें आ रही हैं, तो समझ लो कि आपका सफर बड़ा है।अँधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, सुबह का सूरज उसे मात दे...
18/06/2026

"रास्ते में अगर मुश्किलें आ रही हैं, तो समझ लो कि आपका सफर बड़ा है।
अँधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, सुबह का सूरज उसे मात देकर ही रहता है।"

भीड़ बहुत है इस मेले में, पर हर शख्स अकेला है,दिखावे के इस दौर में देख, हर मन में एक झमेला है।दूसरों की चमक को देख, क्यो...
17/06/2026

भीड़ बहुत है इस मेले में, पर हर शख्स अकेला है,
दिखावे के इस दौर में देख, हर मन में एक झमेला है।
दूसरों की चमक को देख, क्यों अपनी लौ को मद्धम करता है?
तू खुद में एक समंदर है, क्यों अश्कों की बूंदों से डरता है?
​उठ, कि अभी रात बाकी है,
तेरी जीती जाने वाली हर बात बाकी है।

16/06/2026

सूरज की तपिश में जो तपते हैं, वही इतिहास बदलते हैं।
तू बस अपनी कलम उठा और लिख दे, क्योंकि थक कर बैठने वाले कभी नहीं संभलते हैं।"
​"रास्ते मुश्किल हैं मगर हौसला बुलंद रखना,
तूफान भी झुक जाएगा, बस अपनी उड़ान पर यक़ीन रखना।"
​"अंधेरा चाहे कितना भी घना हो, एक छोटा सा दीया भी उसे मात दे सकता है। तुम्हारी मेहनत ही तुम्हारा वो दीया है।"
​"वक्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे,
इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे।
कल क्या होगा कभी मत सोचो,
क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे।"

14/06/2026

कड़कती धूप हो या बर्फ की वो सर्द रातें,
जिन्हें हर पल याद आती हैं बस देश की बातें।

"फौजी"

Address

Agra

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hindwi Kavya posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share