सुख, शांति, वैभव, मंगल कल्याण हेतु
बोलते हिन्दु ग्रन्थ स्तुतियाँ कीर्तन आदि
यहां, हम ध्वनि (आवाज़) के माध्यम से हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथों को एक आधुनिक और सुलभ रूप में प्रस्तुत करते हैं।
हमारा उद्देश्य आपको हिंदू धर्म की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है, चाहे आप कहीं भी हों। पवित्र ग्रंथो और मंत्रो को सुनने एवं संभव हो तो पुस्तक से पढ़ते हुए शांति स्पष्टता और आध्यात्मिक
उत्थान मिल सकता है। आधुनिक तकनीक को अपनाकर, हम हिन्दू धर्म की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना चाहते है।
यह आध्यात्मिक संकीर्तन यंत्र सुविधाजनक रूप से बोलते धार्मिक ग्रंथो, स्तोत्र, स्तुतियाँ आदि के श्रवण के रूप में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। इसके द्वारा यूट्यूब व मोबाइल पर व्यतीत होने वाले समय और लागत की बचत होगी व ग्रंथों के अखंड श्रवण का लाभ प्राप्त हो सकता है।
वर्तमान के इस व्यस्त परिवेश तथा भौतिक सुख की तलाश में हमारे पास समय नहीं रह गया है कि हम कुछ समय अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए निकाल सकें इसलिए हमें सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप रहते हुए एक ऐसी विधि जिससे भौतिक सुख के साथ-साथ आध्यात्मिक सुख की भी प्राप्ति हो सके का प्रयोग समुचित है। इस ‘‘आध्यात्मिक यंत्र’’ जिसका प्रयोग अपने व्यस्त समय में किसी भी समय व स्थान पर कर सकते है। विशेष रूप से यह बुजुर्ग,गृहणी, रोगी आदि को अधिक सुविधा देगा।
इस यंत्र में रामचरितमानस मूल पाठ, एव् गोस्वामी तुलसीदास जी कृत हनुमान बाहक, दोहावली, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, विनयपत्रिका तथा श्रीमद भागवत संस्कृत व हिंदी, श्री सीता राम व श्री राधा कृष्ण की कृपा प्राप्ति के लिए अनेक अष्टक, स्तुतियाँ, हनुमान चालीसा व्याख्या (द्वारा श्री श्याम जी मित्तल), 42 देवी देवताओं के सहस्त्र नाम, श्री हित हरिवंश, स्वामी हरिदास जी के अष्टदश सिद्धांतपद तथा रसिक पदावली, रास पंचाध्यायी, माँ दुर्गा जी व शिव जी की कृपा प्राप्ति के लिए अनेक स्तुतियाँ, प्रार्थना, स्तोत्र, चालीसा अष्टक तथा सम्पूर्ण रूद्र अष्टाध्यायी, देवी भागवत, शिवपुराण, दुर्गा सप्तशती मूलपाठ, आरती संग्रह गीत गोविंद, भज गोविंद, विभिन्न प्रकार के कीर्तन व नाम जप संग्रह, सत्य नारायण कथा, गरुण पुराण, आदि इस यंत्र मे रिकॉर्ड है। जिसकी विस्तृत लिस्ट व जानकारी आगे दी गयी है। इसके साथ ही गीता-स्वामी अडंगडानन्द, षेलेन्द्र भारती, साधक संजीवनी स्वामी राम सुखदास जी, ज्ञानेश्वरी गीता, 25 गीताओं का संग्रह, बिनोवाभावे गीता, प्रभुपाद इस्कॉन गीता भाष्य एवं महर्षि अरबिन्दो का गीता प्रबंध टीका और उनके स्तोत्र मंत्र आदि भी संकलित हैं।