12/12/2025
मकान की नीव ही ख़राब हो तो मकान कैसे टिका रह सकता है
हरियाणा पुलिस ने 25 हजार के लिए मलखान नाथ को चेतराम बनाया
थर्ड डिग्री टार्चर सहा, दो साल काटी जेल
हरियाणा पुलिस की बड़ी कहानी
जय हरियाणा न्यूज
हरियाणा पुलिस की एक जौली एलएलबी फिल्म की तर्ज पर कहानी सामने आई है। इस कहानी में केवल ₹25000 के इनाम के लिए पुलिस ने एक व्यक्ति को मलखान नाथ से बदलकर चेतराम बना दिया और उसे 2 साल जेल भी कटवा दी। यही नहीं पुलिस ने मलखान नाथ की डीएनए रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट रिपोर्ट को भी 2 साल तक दबाए रखा।
आप है कि सोनीपत पुलिस ने करनाल के तरावड़ी क्षेत्र के गांव ललयानी के 40 वर्षीय मलखान नाथ को 55 वर्षीय चेतराम बनाकर जेल में डाल दिया। चेतराम पर सोनीपत के गांव पिलाना में महिला की हत्या का आरोप था और चेतराम पैरोल डंपर था जिस पर पुलिस ने ₹25000 का इनाम रखा था। इसी इनाम के चक्कर में पुलिस ने मलखान नाथ को चेतराम बनाया और जेल में डाल दिया।
मलखान नाथ ने बताया कि गन्नौर सीआईए की टीम ने 11 दिसंबर 2023 को उसे असम के लींदू शहर से उठाया था। उसे समय मलखान ने सीआईए को कहा था कि वह चेतराम नहीं है लेकिन उसे समय पुलिस वाले बोल रहे थे कि हमें पता है तू चेतराम नहीं है तू चेतराम बन जा तुझे दो से तीन महीने में बाहर निकलवा देंगे।
थर्ड डिग्री टार्चर
मलखान इस बात से मना करता रहा तो सीआईए टीम ने उसे थर्ड डिग्री दी। उसकी कनपटी पर रिवॉल्वर रख दी और कहा कि गोली मारकर बोरी में तेरी लाश डालकर यमुना में फेंक देंगे।मलखान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चलते हिटर पर पेशाब करवाया, उसे पानी में डूबोया, पीट-पीट कर उसके पांव तोड़ दिए, एक पसली भी टूटी हुई है। इसके बाद वह डर गया और पुलिस ने उसकी चेतराम नाम कबूलते हुए की वीडियो बना ली और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। मलखान के परिवार में उसकी पत्नी सरोज, चार बच्चे हैं। उसे छुड़वाने के लिए उसकी पत्नी ने घर, प्लॉट और अपने गहने तक बेच दिए।
एसपी को शिकायत
एसपी गंगाराम पूनिया को दी शिकायत में मलखान नाथ ने सोनीपत के तत्कालीन एसपी, डीएसपी राजपाल, एसएचओ सिटी थाना सोनीपत, सीआइए गन्नौर, जांच अधिकारी चांद सिंह, पिनाना गांव का सरपंच, चेतराम का पिता अंग्रेज, माता बीरो, बेटी मनीषा, बहन कविता, रोशनी, बेटा विक्की पर आरोप लगाए हैं।
डीएनएन रिपोर्ट को दबाकर रखा गया
डीएनए रिपोर्ट को भी लंबे समय तक दबाए रखा मलखान नाथ के भाई मुकेश नाथ ने बताया कि जब उन्हें पता लगा कि गन्नौर पुलिस ने मलखान को उठा लिया गया है वे गन्नौर पुलिस के साथ साथ डीएसपी और एसपी के पास गए, किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी। हाई कोर्ट से डीएनए टेस्ट की अपील की। फरवरी 2024 में कोर्ट के आदेश पर उसका व उसकी बहन, बेटी व बेटे का डीएनए टेस्ट हुआ व जेल के फिंगर प्रिंट भी चेक किए गए, लेकिन रिपोर्ट को दबाए रखा।