01/10/2026
आगरा। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर 28 सितंबर को चंद कांग्रेस नेताओं के शर्मनाक प्रदर्शन और गेट, दीवार पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की घटना के विरोध में गुरुवार को वैश्य समाज का आक्रोश सड़क पर
दिखाई दिया। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के आह्वान पर सैकड़ों समाजबंधु सड़क पर उतरे। माथुर वैश्य महासभा भवन से पैदल मार्च शुरू हुआ, जो सुभाष पार्क तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद
महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से शान्ती मार्च समापन स्थल सुभाष पार्क पर दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के पैतृक आवास पर पहुंचकर उनके बुजुर्ग माता-पिता को असहज करने वाला व्यवहार
करना और आवास की दीवारों व गेट को आपत्तिजनक नारों से विरूपित करना गंभीर विषय है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ नेताओं को हिरासत में लिया तथा अन्य लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा) ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संवैधानिक पद की गरिमा का
निर्वहन कर रहे हैं और वैश्य समाज के लिए गौरव का विषय हैं। राष्ट्रीय महामंत्री शंकर गुप्ता ने कहा कि समाज सत्य, अहिंसा और मान-सम्मान का समर्थक रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासनिक मंत्री वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के लिए निर्धारित लोकतांत्रिक तरीकों
और स्थानों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर
घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि कार्रवाई केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के आधार पर
कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। पैदल मार्च में राकेश कुमार गुप्ता कॉन्ट्रेक्टर, रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, रोशनलाल सर्राफ, श्रीभगवान रैपुरिया, विनोद कुमार गुप्ता सर्राफ, शशिकांत गुप्ता, वीरेन्द्र गुप्ता, सुधीर गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता मई, विमल सर्राफ, प्रमोद गुप्ता, कन्हैयालाल गुप्ता, राकेश मैरोठिया, मनीष अलंकार, राजीव गोलस, अश्वनी कुमार गुप्ता, देवेन्द्र बादलस, ध्रुव कुमार आचार्य, सत्यप्रकाश गुप्ता, अशोक गुप्ता, भगवान गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, पंकज गुप्ता, वीरेंद्र
एडवोकेट, विनय गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, विष्णु भगवान गुप्ता, मनोज गुप्ता सर्राफ, अचल गुप्ता, संजय गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, रामकुमार गुप्ता, शैलेन्द्र गुप्ता, श्रीभगवान गुप्ता, सहित सैकड़ो की संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। महिलाओं की ओर से केंद्रीय महिला मंडल अध्यक्ष डॉ.
मधुरिमा गुप्ता, शालिनी गुप्ता, नीरा गुप्ता, पदमा गुप्ता, सिन्धु गुप्ता और उपमा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सहभागिता की।