PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness

  • Home
  • India
  • Agra
  • PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness
Call Directions Website Contact the organization

PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness, Nonprofit Organization, Agra.

Parents & Students Rights | RTE Guidance | प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, फीस विवाद और एडमिशन समस्याओं में सहायता | अभिभावक जागरूकता एवं लीगल सपोर्ट | PAPA NGO, Agra (80G)

🚨 बेटे को बचाने पहुंची शिक्षिका की चाकू मारकर हत्या, परिवार पर भी हमला!📍 नई दिल्ली. नजफगढ़ के ओल्ड रोशनपुरा इलाके में बे...
20/10/2026

🚨 बेटे को बचाने पहुंची शिक्षिका की चाकू मारकर हत्या, परिवार पर भी हमला!

📍 नई दिल्ली. नजफगढ़ के ओल्ड रोशनपुरा इलाके में बेटे को हमलावरों से बचाने पहुंची नर्सरी शिक्षिका सीमा ऋषि की चाकू मारकर हत्या किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. हमले में उनके पति कमल ऋषि और बेटा ध्रुव भी घायल हुए हैं.

समाचार के अनुसार, विवाद की शुरुआत ध्रुव के दोस्त देव बख्शी और सतीश लांबा के बीच कहासुनी से हुई थी. आरोप है कि इसी रंजिश में 15 अक्टूबर की रात कुछ लोगों ने ध्रुव पर हमला किया. बेटे को बचाने पहुंचे माता-पिता भी हिंसा का शिकार हो गए.

गंभीर रूप से घायल शिक्षिका सीमा ऋषि ने 17 अक्टूबर को अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश लांबा को गिरफ्तार कर लिया है.

❓ सवाल सिर्फ एक शिक्षिका की हत्या का नहीं, बल्कि उस भयावह स्थिति का है, जहां मामूली विवाद का बदला लेने के लिए पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया जाता है.

एक मां अपने बेटे की रक्षा करने पहुंची और अपनी ही जिंदगी गंवा बैठी. यह घटना समाज में बढ़ती हिंसक मानसिकता और कानून के प्रति घटते भय पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

📢 PAPA NGO की अपील – दिल्ली पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे. पीड़ित परिवार को सुरक्षा, आवश्यक सहायता और शीघ्र न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.

एक शिक्षिका की हत्या केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चेतावनी है.

– दीपक सिंह सरीन

#दिल्ली #शिक्षकसुरक्षा #महिलासुरक्षा #न्यायकीमांग

🚨 शोर कम करने को कहा तो संगीत शिक्षक की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र!नई दिल्ली. मणिपुर निवासी सं...
20/10/2026

🚨 शोर कम करने को कहा तो संगीत शिक्षक की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र!

नई दिल्ली. मणिपुर निवासी संगीत शिक्षक चौंगथम विक्रम सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है. विक्रम सिंह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पोस्टमार्टम के बाद चर्चा में आए इस गंभीर मामले के पीड़ित थे.

समाचार के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में तेज आवाज में शोर कम करने को कहने पर विवाद हुआ था. आरोप है कि कुछ लोगों ने शिक्षक के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.

पुलिस ने मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत आरोपपत्र दाखिल किया है. आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा.

❓ सवाल सिर्फ एक शिक्षक की हत्या का नहीं, बल्कि उस बढ़ती असहिष्णुता का है, जिसमें सामान्य बातचीत और छोटी-सी असहमति भी जानलेवा हिंसा का रूप ले रही है.

शिक्षक समाज को अनुशासन, संवेदनशीलता और संवाद का पाठ पढ़ाते हैं. यदि एक शिक्षक को शांति बनाए रखने का अनुरोध करने पर अपनी जान गंवानी पड़े, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

📢 PAPA NGO की अपील – मामले में निष्पक्ष और प्रभावी न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता मिले और ऐसे हिंसक अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाए.

असहमति का उत्तर हिंसा नहीं हो सकता. समाज में संवाद, सहिष्णुता और कानून के प्रति सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है.

– दीपक सिंह सरीन

#दिल्ली #शिक्षकसुरक्षा #शिक्षकसम्मान #न्यायकीमांग

🚨 सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी का आरोप, मुकदमा दर्ज!एटा जिले के थाना अवागढ़ क्षेत्र में शिक्षा विभ...
20/10/2026

🚨 सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी का आरोप, मुकदमा दर्ज!

एटा जिले के थाना अवागढ़ क्षेत्र में शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 80 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है. पीड़ित डिटी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

समाचार के अनुसार, पीड़ित के छोटे भाई प्रदीप कुमार को शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था. आरोप है कि 80 हजार रुपये लेने के बावजूद नौकरी नहीं लगवाई गई. रुपये वापस मांगने पर केवल 10 हजार रुपये लौटाए गए और शेष रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई.

❓ सवाल सिर्फ 80 हजार रुपये की कथित ठगी का नहीं, बल्कि उन बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा का भी है, जो सरकारी नौकरी की उम्मीद में ऐसे लोगों के जाल में फंस जाते हैं.

सरकारी नियुक्तियां निर्धारित चयन प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर होती हैं. नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये मांगना गंभीर संदेह पैदा करता है. ऐसे मामलों में यह जांचना भी आवश्यक है कि कहीं कोई संगठित गिरोह या विभागीय व्यक्ति तो शामिल नहीं है.

📢 PAPA NGO की अपील – पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे. शिक्षा विभाग भी अपने स्तर से जांच करे कि उसके नाम का दुरुपयोग करके युवाओं को ठगा तो नहीं जा रहा है.

अभिभावकों और युवाओं से अपील है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी व्यक्ति को रुपये न दें. नियुक्ति संबंधी जानकारी केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से प्राप्त करें.

बेरोजगार युवाओं के सपनों को ठगी का कारोबार बनाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है.

– दीपक सिंह सरीन

#एटा #नौकरीकेनामपरठगी #युवाअधिकार #शिक्षाविभाग

🎓 उत्तर प्रदेश में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, चार वर्षों से लंबित भर्तियों को मिलेगी रफ्तार!उत्तर प्रदेश शिक्ष...
20/10/2026

🎓 उत्तर प्रदेश में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, चार वर्षों से लंबित भर्तियों को मिलेगी रफ्तार!

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने जनवरी से फरवरी तक लगभग 25 से 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य बताया है. आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, लंबित भर्तियों को गति देने के साथ चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

समाचार के अनुसार, प्रस्तावित भर्तियों में टीजीटी के लगभग 14 से 15 हजार पद, पीजीटी के करीब 2500 पद, प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों के लगभग 2500 पद तथा अन्य शिक्षण पद शामिल हैं.

आयोग ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की रोकथाम के लिए डिजिलॉकर से सत्यापन कराने और चयन में किसी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं करने की बात भी कही है.

❓ सवाल सिर्फ 30 हजार शिक्षकों की भर्ती का नहीं, बल्कि यह भी है कि वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को समय पर न्याय कब मिलेगा?

शिक्षकों के हजारों पद रिक्त रहने से केवल बेरोजगार अभ्यर्थी ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है.

📢 PAPA NGO की अपील – उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग सभी लंबित भर्तियों का स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम सार्वजनिक करे. परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए. साथ ही फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वालों तथा ऐसी अनियमितताओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

सरकार और आयोग यह भी सुनिश्चित करें कि भर्ती प्रक्रिया केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि योग्य शिक्षकों की वास्तविक नियुक्ति समय पर हो.

शिक्षक भर्ती केवल रोजगार देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी है.

– दीपक सिंह सरीन

#उत्तरप्रदेश #शिक्षकभर्ती #शिक्षासेवाचयनआयोग #छात्रहित

🚨 प्रवेश नहीं मिला, फिर भी फीस वापस नहीं! उच्च शिक्षण संस्थानों की मनमानी पर उठे गंभीर सवाल.🎓 देश के अनेक उच्च शिक्षण सं...
20/10/2026

🚨 प्रवेश नहीं मिला, फिर भी फीस वापस नहीं! उच्च शिक्षण संस्थानों की मनमानी पर उठे गंभीर सवाल.

🎓 देश के अनेक उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश निरस्त कराने के बावजूद हजारों विद्यार्थियों की फीस वापस नहीं किए जाने का मामला सामने आया है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्यों के राज्यपालों से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. आयोग ने उन संस्थानों की सूची भी साझा की है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार विद्यार्थियों की फीस वापस नहीं कर रहे हैं.

समाचार के अनुसार, अकेले उत्तर प्रदेश से फीस वापसी संबंधी 572 मामले सामने आए हैं.

❓ सवाल सिर्फ फीस वापसी का नहीं, बल्कि उन अभिभावकों की मेहनत की कमाई का है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बड़ी मुश्किल से शिक्षण संस्थानों में फीस जमा करते हैं.

जब विद्यार्थी ने निर्धारित नियमों के अंतर्गत प्रवेश निरस्त करा दिया, तो उसकी फीस रोकने का अधिकार किसी संस्थान को कैसे मिल सकता है?

शिक्षा के नाम पर विद्यार्थियों की धनराशि रोकना न केवल उनके आर्थिक हितों को प्रभावित करता है, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है.

📢 PAPA NGO की अपील – UGC और संबंधित राज्य सरकारें फीस वापसी के नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की जांच कराएं. पात्र विद्यार्थियों की लंबित फीस निर्धारित समय में वापस कराई जाए और जानबूझकर धनराशि रोकने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए.

साथ ही फीस वापसी की शिकायतों के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपनी ही धनराशि वापस पाने के लिए महीनों भटकना न पड़े.

शिक्षा संस्थान ज्ञान देने के केंद्र हैं, विद्यार्थियों और अभिभावकों की मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने के नहीं.

– दीपक सिंह सरीन

#उत्तरप्रदेश #फीसवापसी #छात्रअधिकार

📱 इस दशहरे पर मोबाइल की लत का रावण भी जलाइए, बच्चों को डिजिटल दुनिया की गिरफ्त से बचाइए!दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की वि...
20/10/2026

📱 इस दशहरे पर मोबाइल की लत का रावण भी जलाइए, बच्चों को डिजिटल दुनिया की गिरफ्त से बचाइए!

दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर पनप रही बुराइयों को पहचानने और उन्हें समाप्त करने का अवसर भी है.

आज बच्चों और किशोरों के सामने एक नई चुनौती खड़ी है. मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग, लगातार रील देखना, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया पर घंटों बिताना उनकी पढ़ाई, नींद, एकाग्रता और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है.

समाचार में मोबाइल की अत्यधिक निर्भरता से जुड़ी दस समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया गया है, जिनमें आंखों में परेशानी, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, गर्दन में दर्द, एकाग्रता की कमी और समय की बर्बादी प्रमुख हैं.

❓ सवाल सिर्फ बच्चों की मोबाइल की आदत का नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या हम बड़े स्वयं उनके सामने डिजिटल अनुशासन का सही उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं?

बच्चों से मोबाइल छोड़ने की अपेक्षा करने से पहले अभिभावकों को भी अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा. तकनीक से दूरी नहीं, बल्कि उसका संतुलित और समझदारी से उपयोग सिखाना आवश्यक है.

📢 PAPA NGO की अपील – अभिभावक प्रतिदिन बच्चों के साथ बिना मोबाइल के समय बिताएं. उन्हें खेलकूद, पुस्तकें पढ़ने, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ बातचीत के लिए प्रोत्साहित करें. विद्यालय भी विद्यार्थियों को डिजिटल अनुशासन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करें.

याद रखिए, मोबाइल हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाने का साधन है, हमारे जीवन पर नियंत्रण करने का माध्यम नहीं.

🔥 इस दशहरे पर एक संकल्प लें, बच्चों के हाथों से उनका बचपन छीनने वाली डिजिटल निर्भरता को कम करेंगे और उन्हें वास्तविक दुनिया से फिर जोड़ेंगे.

– दीपक सिंह सरीन

#आगरा #डिजिटलअनुशासन #बालहित #अभिभावकजागरूकता

🎓 यूनेस्को के निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग लेने का अवसर, आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर!📍 आगरा से प्रकाशित समाचार क...
20/10/2026

🎓 यूनेस्को के निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग लेने का अवसर, आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर!

📍 आगरा से प्रकाशित समाचार के अनुसार, यूनेस्को क्वांटम तकनीक पर आधारित एक निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम आयोजित करने जा रहा है. इसमें मास्टर डिग्री के विद्यार्थी, पीएचडी शोधार्थी और शुरुआती करियर के पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता भाग ले सकेंगे.

यह पाठ्यक्रम 23 से 27 नवंबर तक ज़ूम के माध्यम से आयोजित होना प्रस्तावित है. इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के साथ शोध एवं नवाचार की संभावनाओं पर जानकारी दी जाएगी.

🔬 भौतिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और संबंधित तकनीकी विषयों से जुड़े विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है.

❓ सवाल सिर्फ नई तकनीक सीखने का नहीं, बल्कि यह भी है कि हमारे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले कितने विद्यार्थियों तक ऐसे निःशुल्क अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों की जानकारी समय पर पहुंच पाती है?

📢 PAPA NGO की अपील – विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शोध संस्थानों के प्रशासन ऐसे अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाएं, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बने.

इच्छुक अभ्यर्थी यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट www.unesco.org पर पाठ्यक्रम, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि की पुष्टि करें.

ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती. आवश्यकता केवल इतनी है कि हर विद्यार्थी तक सही अवसर की जानकारी समय पर पहुंचे.

– दीपक सिंह सरीन

#आगरा #क्वांटमतकनीक #उच्चशिक्षा

🚨 संस्कृत विद्यालयों पर संकट, कहीं ताले तो कहीं जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी!📍 आगरा में संस्कृत शिक्षा व्यव...
20/10/2026

🚨 संस्कृत विद्यालयों पर संकट, कहीं ताले तो कहीं जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी!

📍 आगरा में संस्कृत शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. समाचार के अनुसार, जिले के पांच संस्कृत विद्यालय बंद हो चुके हैं, जबकि तीन अन्य विद्यालय भी बंद होने की कगार पर हैं.

कभी हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले इन संस्थानों में आज शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और लगातार घटती छात्र संख्या गंभीर समस्या बन चुकी है.

सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्ष 1911 में स्थापित एक संस्कृत विद्यालय में कभी 62 नियमित शिक्षकों के पद थे, लेकिन वर्तमान में केवल दो शिक्षक रह गए हैं.

❓ सवाल सिर्फ संस्कृत विद्यालयों के बंद होने का नहीं, बल्कि उस शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का है, जिसकी उपेक्षा के कारण हमारी ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थाएं अपना अस्तित्व खो रही हैं.

जब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे, भवन सुरक्षित नहीं होंगे और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश क्यों कराएंगे?

📢 PAPA NGO की अपील – उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित शिक्षा विभाग तत्काल जिले के सभी संस्कृत विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कराएं. जर्जर भवनों की मरम्मत, रिक्त शिक्षक पदों पर नियुक्ति और बंद विद्यालयों को पुनः संचालित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए.

साथ ही जिन अधिकारियों की लापरवाही से विद्यालयों की स्थिति बिगड़ी है, उनकी जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए.

संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण आधारशिला है. इन विद्यालयों को बचाना केवल परंपरा का संरक्षण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार और भविष्य की रक्षा करना भी है.

विद्यालयों पर ताले लगना किसी भी शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धि नहीं, बल्कि उसकी विफलता का संकेत है.

– दीपक सिंह सरीन

#आगरा #संस्कृतशिक्षा #शिक्षकभर्ती #शिक्षाव्यवस्था

🎓 बीफार्मा प्रवेश में 17 हजार से अधिक छात्रों ने कराया पंजीकरण, फिर भी हजारों सीटें खाली!📍 उत्तर प्रदेश में बीफार्मा और ...
20/10/2026

🎓 बीफार्मा प्रवेश में 17 हजार से अधिक छात्रों ने कराया पंजीकरण, फिर भी हजारों सीटें खाली!

📍 उत्तर प्रदेश में बीफार्मा और फार्मेसी से जुड़े पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है. समाचार के अनुसार, 12वीं उत्तीर्ण लगभग 17 हजार विद्यार्थियों ने सीधे प्रवेश के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि मुख्य काउंसलिंग के माध्यम से मात्र तीन हजार प्रवेश हुए हैं.

प्रदेश में बीफार्मा की 37 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं. वहीं सीयूईटी यूजी के माध्यम से लगभग तीन हजार विद्यार्थियों के पंजीकरण की जानकारी भी सामने आई है.

❓ सवाल सिर्फ सीटें खाली रहने का नहीं, बल्कि यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवेश के अवसर उपलब्ध होने के बावजूद नियमित काउंसलिंग के माध्यम से अपेक्षित प्रवेश क्यों नहीं हो पा रहे हैं?

क्या विद्यार्थियों तक सही समय पर जानकारी नहीं पहुंच रही, या प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क और पाठ्यक्रम के भविष्य को लेकर उनके मन में असमंजस है? इन सवालों का जवाब तलाशना जरूरी है.

📢 PAPA NGO की अपील – संबंधित विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षा से जुड़े अधिकारी प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाएं. विद्यार्थियों और अभिभावकों को कॉलेजों की मान्यता, निर्धारित शुल्क, उपलब्ध सीटों और पाठ्यक्रम की गुणवत्ता की स्पष्ट जानकारी दी जाए.

समाचार के अनुसार विशेष चरण के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, चॉइस फिलिंग 22 से 25 अक्टूबर, सीट आवंटन 27 अक्टूबर तथा फिजिकल रिपोर्टिंग 28 और 29 अक्टूबर निर्धारित है. अभ्यर्थी नवीनतम कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से अवश्य करें.

शिक्षा केवल सीटें भरने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी है.

– दीपक सिंह सरीन

#उत्तरप्रदेश #फार्मेसीशिक्षा #छात्रहित

🎓 आईटीआई में 185 सीटें खाली, अब वॉक-इन से मिल रहा प्रवेश का अवसर!📍 आगरा के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) ...
20/10/2026

🎓 आईटीआई में 185 सीटें खाली, अब वॉक-इन से मिल रहा प्रवेश का अवसर!

📍 आगरा के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश से वंचित अभ्यर्थियों को एक और अवसर दिया जा रहा है. पांचवें चरण की प्रवेश प्रक्रिया के बाद खाली रह गई सीटों को वॉक-इन प्रक्रिया के माध्यम से भरा जा रहा है.

समाचार के अनुसार, जनपद की राजकीय आईटीआई में पहले 350 सीटें रिक्त थीं. रविवार को 105 और सोमवार को 50 अभ्यर्थियों के प्रवेश के बाद अब भी 185 सीटें खाली हैं.

❓ सवाल सिर्फ खाली सीटों को भरने का नहीं, बल्कि यह भी है कि तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के इतने अवसर उपलब्ध होने के बावजूद पात्र युवाओं तक इनकी जानकारी समय पर क्यों नहीं पहुंच पा रही है?

तकनीकी शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है. ऐसे में प्रत्येक रिक्त सीट किसी जरूरतमंद युवा के भविष्य से जुड़ा अवसर है.

📢 PAPA NGO की अपील – आईटीआई में प्रवेश लेने के इच्छुक अभ्यर्थी संबंधित संस्थान से संपर्क कर वॉक-इन प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और सीटों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें.

साथ ही तकनीकी शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं तक प्रवेश संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए, ताकि कोई पात्र अभ्यर्थी जानकारी के अभाव में अवसर से वंचित न रह जाए.

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल, आत्मविश्वास और सम्मानजनक आजीविका के योग्य बनाना भी है.

– दीपक सिंह सरीन

#आगरा #तकनीकीशिक्षा #युवाओंकारोजगार

Address

Agra
282007

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm

Telephone

+919557300600

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to PAPA NGO - Progressive Association of Parents Awareness:

Shortcuts

Share