06/08/2024
मुझे इस बात का कभी अफ़सोस नहीं हुआ कि मैंने अपनी मातृ संस्था भारत विकास परिषद से त्यागपत्र क्यों दिया। मैं इस को प्रवर्तन की घड़ी समझता हूं। मैं इसका हिस्सा रहा इसका स्मरण अभिमान और खुशी से करता हूं। साथ ही यह भी स्वीकार करता हूं कि मेरे जीवन में जो खराब हिस्सा है, वो मेरा अपना है या वह है जो मुझे कुदरत से मिला है या जो मेरे पूर्वजन्मो का फल है। परंतु मेरे जीवन जो हिस्सा अच्छा है और लोगों में परशंसनीय , वह परिषद की देन है।
मैं भाविप का हमेशा ऋणी रहूंगा।