Choti si Khushi

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Choti si Khushi A social initiative to touch upon lives of people around We teach them, but that's not all we do. We ensure that there's something for everybody to do.

We are a community-based, volunteer-driven organization that offers after-school activities and engagements for young minds. We engage children in development-based activities that creatively engage them and keep them off the streets after school hours. We provide a platform for children to connect, share, learn and grow. We try to fill in the void in the curricular and extra-curricular growth and

development- that is not available to these children at home. We have a completely volunteer-driven approach so we have our volunteers (and kudos to them!) impart knowledge and skills, counsel the troubled kids, listen to them or just spend time with them, all in a community park! Our unique learning process ensures that open spaces help in making children comfortable without introducing the dread associated with classrooms while saving hugely on operational costs. The freedom associated with outdoors is also conducive for a healthier environment. The vagaries of the Delhi weather do not deter our little brave-hearts, who turn up everyday, come rain, sun or freezing cold! The community-based structure ensures that children look forward to this comfortably-paced interaction with their peer group as well, while the parents can also get involved or just observe from the sidelines, if they so wish. Sometimes the parents are happy to learn too, so we have started a literacy class for them too! Currently, we have 20 volunteers and more than 250 kids from a Jhuggi-Jhopdi cluster who come in everyday and learn a little and teach us a lot. We do not ask for your money, but we do ask for your time. If you have some skills, and if you are willing to spare some time for us, it would be an honor for us to work with you. A skill is a skill, and we have tremendous respect for your skills and sufficient space for you to fit in. It does not matter what you know and what you don't, what matters is what you can share. So for example, if you are a Maths or Science graduate but now a home-maker, you can help our older ones with these subjects. If you are a creative sort who can do wonders with needle and thread, you can teach our older girls a thing or two about it. If you are a musician, please share the precious gift of music with our children. We usually sustain our expenses through small monthly contributions coming through a group of friends. Like we said, we refrain from seeking donations. However, if there are times when we need help, we will share with you the details of the fund-raising initiative and if you identify with the cause, you can contribute to it. If it’s possible for you to procure anything for us, we will prefer that you procure the stuff yourself instead of giving us the money for it. Please get active, please get involved, please spread the word and keep watching this space :)

“हमारे सभी सेंटरों का गौरव — अवधराज 12वीं में 90% अंक हासिल कर रचा सफलता का नया अध्याय।हमारे लिए यह बेहद गर्व और खुशी का...
15/05/2026

“हमारे सभी सेंटरों का गौरव — अवधराज
12वीं में 90% अंक हासिल कर रचा सफलता का नया अध्याय।

हमारे लिए यह बेहद गर्व और खुशी का पल है कि हमारे सभी सेंटरों में सेअवधराज ने कक्षा 12वीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं।
अवधराज ने 90% अंक हासिल कर अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अवधराज जब कक्षा 3 में हमारे साथ जुड़ा था, तभी से उसकी सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का जुनून साफ दिखाई देता था। उसने RPVV School, सेक्टर 5 में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टॉप किया। पढ़ाई के साथ-साथ अवधराज क्रिकेट में भी सक्रिय है और अपने सपनों को पूरी अवधराज से जी रहा है।
हमें बेहद गर्व है अवधराज माता-पिता पर और हमरी टीम पर जिन्होंने हर कदम पर उसका साथ दिया और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
हम कामना करते हैं कि अवधराज तरह अपने जीवन में नई ऊँचाइयाँ हासिल करता रहे और कई बच्चों के लिए प्रेरणा बने।

खुशियों, सीख और मुस्कानों से भरा एक सुंदर दिन आज .1972 Hansraj Model School के इंटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों ने सेंटर 3...
14/05/2026

खुशियों, सीख और मुस्कानों से भरा एक सुंदर दिन

आज .1972 Hansraj Model School के इंटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों ने सेंटर 3 ( रोहिणी)का दौरा किया और बच्चों के साथ बेहद सुंदर समय बिताया।
पूरा दिन खेल, मज़ेदार गतिविधियों, हँसी और आपसी संवाद से भरा रहा। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हर गतिविधि में भाग लिया और खूब आनंद लिया।
विद्यार्थियों ने बच्चों को स्टेशनरी भी वितरित की, जिससे यह दिन उनके लिए और भी खास बन गया। स्कूल के बच्चों के छोटे-छोटे प्रयास हमारी संस्था के बच्चों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान लेकर आते हैं l
ऐसी मुलाकातें बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अपनापन और सुंदर यादें बनाने का काम करती हैं।

“जब बच्चों ने दिल से कहा ‘माँ’, हर आँख नम हो गई।” Mother’s Day के इस विशेष अवसर पर सेंटर 1 में बच्चों ने अपनी माँ के लिए...
10/05/2026

“जब बच्चों ने दिल से कहा ‘माँ’, हर आँख नम हो गई।”

Mother’s Day के इस विशेष अवसर पर सेंटर 1 में बच्चों ने अपनी माँ के लिए प्यार और भावनाओं से भरे सुंदर कार्ड बनाए। उन छोटे-छोटे कार्डों में बच्चों ने अपने दिल की बातें, अपना स्नेह और अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने की कोशिश की।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल वह था, जब बच्चों ने अपनी माँ के लिए कविताएँ सुनाईं और अपने हाथों से बनाए हुए कार्ड उन्हें भेंट किए।
उन मासूम शब्दों और भावनाओं ने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया।
माँ और बच्चे — दोनों की आँखें नम थीं।
कहीं मुस्कान थी, कहीं आँसू… लेकिन हर भावना में सिर्फ प्रेम और अपनापन झलक रहा था।

यह सिर्फ केवल एक कार्यक्रम नहीं था,
बल्कि माँ और बच्चों के बीच उस अनमोल रिश्ते, त्याग और निस्वार्थ प्रेम को महसूस करने का एक सुंदर अवसर था।
❤️

आज का सत्र – POCSO एवं महिला सशक्तिकरण जागरूकता कार्यशालाआज सेंटर 1 (द्वारका)में SWDLSA (District Legal Services Authori...
06/05/2026

आज का सत्र – POCSO एवं महिला सशक्तिकरण जागरूकता कार्यशाला

आज सेंटर 1 (द्वारका)में SWDLSA (District Legal Services Authority) के सहयोग से एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं और समुदाय के सदस्यों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
● POCSO (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) पर चर्चा
बच्चों को किसी के भी भरोसे न छोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों को केवल सुरक्षित और विश्वसनीय लोगों के पास ही छोड़ें।
बच्चों की सुरक्षा और सहजता को सर्वोपरि रखने की बात कही गई।
● जागरूकता का महत्व
बताया गया कि कई लोग अभी भी POCSO कानून से अनजान हैं।
समाज में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है ताकि बच्चे, अभिभावक और शिक्षक सभी अपने अधिकारों को समझ सकें।
● तुरंत शिकायत दर्ज करने की आवश्यकता
किसी भी प्रकार के शोषण की आशंका होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इससे पीड़ित को न्याय मिलता है और अपराधियों पर रोक लगती है।
● सरकारी सहायता
POCSO के तहत सरकार द्वारा कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाती है।
■ अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएँ
दुर्घटना मुआवज़ा

दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में, बिना बीमा के भी परिवार को सरकारी मुआवज़ा मिलने की जानकारी दी गई।
▪︎ सरकारी योजनाओं में भागीदारी
▪︎महिलाओं को पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि भविष्य सुरक्षित हो सके।

●कौशल विकास और आत्मनिर्भरता
हर व्यक्ति को अपने कौशल को पहचानकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं की चिंताएँ और चर्चा -
कार्यशाला के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव और समस्याएँ साझा कीं।
कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें बस में यात्रा करते समय असुरक्षित महसूस होता है, क्योंकि भीड़ में पुरुषों द्वारा धक्का दिया जाता है।
इस पर उन्हें अपने अधिकारों, सतर्कता और शिकायत के विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।
समुदाय का भावनात्मक सहयोग -
चर्चा के दौरान कुछ महिलाओं ने अपने जीवन के कठिन अनुभव साझा किए।
हाल ही में अपने पति को खोने वाली समता को अन्य महिलाओं ने भावनात्मक समर्थन दिया, जो समुदाय की एकजुटता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
यह कार्यशाला न केवल कानूनी जानकारी देने का माध्यम बनी, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और एक-दूसरे के सहयोग की भावना से भी जोड़ने में सफल रही।

“छोटी-छोटी आदतें, बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचाव ”रोहिणी केंद्र पर स्वच्छता विषय पर एक सार्थक और प्रभावशाली सत्र का आयोजन क...
02/05/2026

“छोटी-छोटी आदतें, बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचाव ”

रोहिणी केंद्र पर स्वच्छता विषय पर एक सार्थक और प्रभावशाली सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र एवं InnerWheel Rohini की ओर से आयोजित किया गया था।

इस दौरान बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता और दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। सत्र में नियमित हाथ धोने, मौखिक स्वच्छता (ओरल केयर) तथा बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई बनाए रखने जैसे मूलभूत स्वच्छता अभ्यासों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया।
हम रोटरी क्लब की अध्यक्ष अंजू जैन और इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष नीना गुप्ता का हृदय से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया और उन्हें स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस पहल को और सशक्त बनाने के लिए बच्चों को हाइजीन किट एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं। इस छोटे से प्रयास ने न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाई, बल्कि स्वच्छता और उचित जल सेवन के महत्व को भी और अधिक मजबूत किया।
ऐसे प्रयास बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देते हैं। रोटरी क्लब और इनर व्हील क्लब के इस सराहनीय प्रयास की सभी ने प्रशंसा की।

Day 3  “मेरा शरीर, मेरी ताकत” आज का फोकस: Self-Care = Self-Respect आज का दिन सिर्फ सीखने का नहीं…खुद को समझने और संभालने...
01/05/2026

Day 3

“मेरा शरीर, मेरी ताकत”

आज का फोकस: Self-Care = Self-Respect
आज का दिन सिर्फ सीखने का नहीं…
खुद को समझने और संभालने का था
हमने बच्चियों से पूछा—
“अगर आपका शरीर आपसे बात करे, तो वो क्या कहेगा?”
और जवाब आए…
“मेरा ख्याल रखो”

“मुझे साफ रखो”

“मुझे नजरअंदाज मत करो”

“My Power Pouch” बनाते हुए बच्चियों ने महसूस किया—
तैयार रहना ही ताकत है l

Real-life challenges को role play में बदला
“अगर school में अचानक period आ जाए…”
“अगर pad न हो…”
और बच्चियों ने खुद solutions ढूंढे

Hygiene को हमने rules नहीं,
self-love की आदत के रूप में समझा
धीरे-धीरे एक बदलाव साफ दिखा—
●झिझक → समझ
●डर → तैयारी
●confusion → confidence

आज की असली सीख:
“मेरा शरीर मेरी जिम्मेदारी है”
“Self-care कोई option नहीं, ज़रूरत है”

Day 3 takeaway:
“जब मैं खुद का ख्याल रखती हूँ, तभी मैं सच में strong बनती हूँ।”
❤️

Day 2 – “मेरा शरीर, मेरी ताकत” विषय: Periods क्या हैं और क्यों होते हैं lआज का दिन था समझ, जागरूकता और डर को दूर करने का...
30/04/2026

Day 2 – “मेरा शरीर, मेरी ताकत”

विषय: Periods क्या हैं और क्यों होते हैं l

आज का दिन था समझ, जागरूकता और डर को दूर करने का
बच्चियों के साथ हमने सरल और child-friendly तरीके से बात की—
कि periods क्या होते हैं, क्यों होते हैं और यह बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है l
● “Agree–Disagree” गतिविधि से उनकी सोच को समझा
● Emoji check से उनकी feelings जानी
● Myth vs Fact game से गलत धारणाओं को दूर किया
● True/False game ने learning को और मज़ेदार बनाया
● खुली चर्चा में बच्चियों ने अपने सवाल और doubts share किए
धीरे-धीरे डर कम हुआ… और समझ बढ़ती दिखी l

आज की सीख:
👉 Periods एक natural प्रक्रिया है l
👉 हर बात जो सुनते हैं, वो सही नहीं होती l
👉 सवाल पूछना जरूरी है l

● Day 2 takeaway:

“डर से नहीं, समझ से बदलाव आता है।”

.nss .2016

बच्चियाँ अब प्राथमिक स्कूल से निकलकर ज़िंदगी के एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रही हैं lयह वह उम्र है जहाँ कई तरह के बदलाव आते है...
29/04/2026

बच्चियाँ अब प्राथमिक स्कूल से निकलकर ज़िंदगी के एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रही हैं l
यह वह उम्र है जहाँ कई तरह के बदलाव आते हैं—शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक।
यही सही समय है जब उन्हें इन बदलावों के बारे में समझाया जाए,
उनके सवालों को सुना जाए, और उनकी झिझक को उनकी ताकत में बदला जाए
इसी सोच के साथ हमने एक नई पहल की शुरुआत की है—
“मेरा शरीर, मेरी ताकत”

पहले दिन की झलकियाँ —

आज का दिन था शुरुआत, समझ और भरोसे का
मज़ेदार खेलों से हुई शुरुआत l
इमोजी गतिविधियों से बच्चियों ने अपनी भावनाएँ पहचानी
खुली चर्चा में अपने विचार और सवाल साझा किए l
“रानी की कहानी” से समझा—बदलाव बिल्कुल सामान्य हैं
धीरे-धीरे झिझक कम हुई… और आत्मविश्वास बढ़ता दिखा
आज की सीख:
●मैं अकेली नहीं हूँ
●मेरी भावनाएँ महत्वपूर्ण हैं
●बदलाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है
आज का संदेश:
“समझ की शुरुआत ही आत्मविश्वास की पहली सीढ़ी है।”

गर्भवती महिलाओं के लिए जागरूकता संदेशगर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने (पहली तिमाही) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हीं दिनो...
28/04/2026

गर्भवती महिलाओं के लिए जागरूकता संदेश

गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने (पहली तिमाही) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हीं दिनों में बच्चे के मस्तिष्क और शरीर के विकास की प्रक्रिया शुरू होती है। सरल शब्दों में कहें तो, यही वह समय है जब बच्चे की रूपरेखा तैयार होती है।

J.J. कॉलोनी में महिलाएं सरकारी दवाखाने जाती हैं और आशा कार्यकर्ता भी उनका पूरा रिकॉर्ड रखती हैं। इसके बावजूद हमने देखा कि कई गर्भवती महिलाएं कमजोर दिखाई देती हैं, और इन क्षेत्रों के बच्चों में भी सीखने की क्षमता अपेक्षाकृत कम पाई जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए हमने महिलाओं से बातचीत की और उन्हें समझाया कि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में दी जाने वाली फोलिक एसिड की दवा क्यों जरूरी होती है और इसका क्या महत्व है।
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि:
कुछ महिलाएं दवा नहीं लेतीं
या घर के बड़े (जैसे सास) यह कहकर मना कर देते हैं कि “हमारे समय में तो ऐसा कुछ नहीं होता था”
लेकिन यह सोच सही नहीं है। पहले के समय में खान-पान अधिक शुद्ध और पोषक होता था। आज के समय में मिलावट और पोषण की कमी के कारण शरीर को अतिरिक्त सपोर्ट की जरूरत होती है।

फोलिक एसिड: क्यूँ जरूरी है-

●बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास में मदद करता है
●जन्म दोषों के खतरे को कम करता है
●मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है
इसलिए, समय पर दवा लेना और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना हर मां की जिम्मेदारी है।
इसी उद्देश्य से हमारी टीम पूरी कॉलोनी में जाकर गर्भवती महिलाओं को जागरूक कर रही है, ताकि हर मां और बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित रह सके।

Address

Choti Si Khushi, F 40 J.j.colony, Dwarka Sector 3, Phase 3

110078

Opening Hours

Monday 09:00 - 17:00
Tuesday 09:00 - 17:00
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