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10/06/2026

🌾 शहर वालों के लिए Village Tour, हमारे लिए Childhood Reloaded... 😎❤️

06/06/2026

🕯️ शोक सूचना 🕯️
अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि आदरणीय भीम भैया (रेलवे विभाग) के पूज्य पिताजी, श्री हेमराज पवार जी का दिनांक 06 जून 2026 को दुःखद स्वर्गवास हो गया है।
उनकी अंतिम यात्रा दिनांक 06 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे के मध्य उनके निज निवास, रेलवे कॉलोनी, पानी की टंकी के पास से निकाली जाएगी।
आपसे विनम्र निवेदन है कि अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें तथा उन्हें भावभीनी अंतिम विदाई प्रदान करें।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
॥ भावपूर्ण श्रद्धांजलि ॥

विश्व पर्यावरण दिवस : प्रकृति संरक्षण ही मानवता का भविष्यलेख : ओंकारसिंह राजपूतहर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाय...
05/06/2026

विश्व पर्यावरण दिवस : प्रकृति संरक्षण ही मानवता का भविष्य

लेख : ओंकारसिंह राजपूत

हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझने और पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। आज जब पूरी दुनिया प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव जीवन की आवश्यकता बन गया है।

21वीं सदी में पर्यावरण सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों में से एक है। विकास की दौड़ में हम प्रकृति से लगातार दूर होते जा रहे हैं। बढ़ते उद्योग, वाहनों का धुआं, प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित किया है। इसका परिणाम असामान्य मौसम, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में हमारे सामने दिखाई दे रहा है।

प्रकृति मानव जीवन की आधारशिला है। हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, भोजन और जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव सभ्यता का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसलिए पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

वृक्ष प्रकृति के सबसे बड़े उपहार हैं। एक वृक्ष न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करता है, बल्कि मिट्टी का संरक्षण करता है, वर्षा चक्र को संतुलित बनाए रखता है, भूजल स्तर बढ़ाने में मदद करता है और असंख्य जीव-जंतुओं को आश्रय देता है। एक पेड़ अपने जीवनकाल में जितना योगदान देता है, उसकी तुलना किसी भी भौतिक संसाधन से नहीं की जा सकती। यही कारण है कि वृक्षारोपण को पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है।

आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की है। अक्सर हम पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं कर पाते। वास्तविक पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब हम लगाए गए पौधों को जीवित रखने का संकल्प लें। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ लगाए और उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।

प्रकृति हमारी मां के समान है। जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक हर चीज प्रदान करती है। इसलिए प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना और उसके संरक्षण के लिए प्रयास करना हम सभी का कर्तव्य है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी है।

विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, स्वच्छता, ऊर्जा की बचत और वृक्षारोपण जैसे कदम पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे, तो एक स्वस्थ और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

अंततः, पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहे, बल्कि यह हमारे जीवन का हिस्सा बने। यही प्रकृति के प्रति सच्ची श्रद्धा और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी होगी।

"एक पेड़ – एक जीवन, हरियाली से ही खुशहाली।"

— ओंकारसिंह राजपूत

03/06/2026

बताओ, आपके गांव की सबसे खूबसूरत जगह कौन-सी है? 👇

आदरणीय संतोष जैन सर जी, आप जैसे गुरु सिर्फ पढ़ाते नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना भी सिखाते हैं। ईश्वर आपको स्वस्थ, खु...
22/05/2026

आदरणीय संतोष जैन सर जी,
आप जैसे गुरु सिर्फ पढ़ाते नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना भी सिखाते हैं।
ईश्वर आपको स्वस्थ, खुशहाल और हमेशा मुस्कुराता हुआ जीवन दें।
🎂 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ सर जी। ✨ 🌟🎉😊👏💕

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